UP: राज्यसभा में गूंजी चंदौली की आवाज, सांसद दर्शना ने उठाई धान क्लस्टर स्थापना की मांग; शून्यकाल में रखी बात
Chandauli News: सांसद ने यह भी कहा कि चंदौली भौगोलिक दृष्टि से भी धान क्लस्टर के लिए उपयुक्त स्थान है। यहां रेल और सड़क परिवहन की बेहतर सुविधा उपलब्ध है, जिससे धान और चावल को देश के विभिन्न हिस्सों तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है।
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UP News: देश के उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान एक बार फिर चंदौली की आवाज गूंजी, जब राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने जिले के किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते हुए चंदौली में धान क्लस्टर की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि चंदौली को पूर्वांचल का धान का कटोरा कहा जाता है और यहां के किसान हर वर्ष बड़े पैमाने पर धान का उत्पादन कर प्रदेश और देश की खाद्य सुरक्षा में अहम योगदान देते हैं।
सांसद ने सदन को अवगत कराते हुए कहा कि चंदौली के अधिकांश किसान छोटे और सीमांत किसान हैं, जो पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरीकों से खेती करते हैं। लेकिन धान के सुरक्षित भंडारण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण कई बार उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। कटाई के बाद धान में नमी अधिक रहने पर उसके खराब होने की आशंका भी बढ़ जाती है, जिससे किसानों को मजबूरी में कम दाम पर अपनी उपज बेचनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज अनाज उत्पादन के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है और चावल उत्पादन में भी देश अग्रणी स्थान पर है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत देश के लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो किसानों की मेहनत और सरकार की प्रभावी नीतियों का परिणाम है।
संसद में रखी अपनी बात
सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। ऐसे में चंदौली जैसे बड़े धान उत्पादक क्षेत्र में धान क्लस्टर की स्थापना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि चंदौली का धान उत्पादन केवल जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। यदि यहां धान क्लस्टर स्थापित किया जाता है तो इससे मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर और जौनपुर समेत आसपास के जिलों के किसानों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे धान के भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन की बेहतर व्यवस्था विकसित होगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
अंत में सांसद दर्शना सिंह ने सदन के माध्यम से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री से चंदौली जिले में धान क्लस्टर की स्थापना कराने की मांग की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से पूर्वांचल के लाखों किसानों की आय में वृद्धि होगी और चंदौली कृषि क्षेत्र में नई पहचान के साथ उभरेगा।