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UP: लाठी-डंडा लेकर जेसीबी के आगे लेट गईं महिलाएं, चार थानों के 80 से ज्यादा पुलिसकर्मी पहुंचे; जमकर हुआ हंगामा

Mon, 13 Jul 2026 08:57 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 13 Jul 2026 08:57 PM IST
सार

Chandauli News: चंदौली जिले के भरदुआ गांव में वन विभाग की जमीन पर कब्जे को लेकर बवाल हुआ। इस दौरान 300 ग्रामीणों ने जेसीबी को रोक दिया। वहीं 50 से ज्यादा महिलाएं जेसीबी के सामने लेट गईं। चार थानों की पुलिस फोर्स पहुंची। 

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Uproar in Chandauli over encroachment on Forest Department land SDM and police pacify  situation
मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के जयमोहनी रेंज स्थित भरदुआ गांव में सोमवार को वन विभाग की लगभग 30 बीघा भूमि को कब्जामुक्त कराने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। खेत की जुताई और वन भूमि की सुरक्षा के लिए खाई खुदवाने पहुंची टीम के सामने करीब 50 से अधिक महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गईं, जबकि 300 के करीब ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ मौके पर जुट गए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और प्रशासन को भारी पुलिस बल बुलाना पड़ा। कई घंटे तक चले हंगामे और बहस के बाद प्रशासनिक टीम बिना कार्रवाई पूरी किए लौट गई।

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प्रशासन की कार्रवाई की सूचना मिलते ही भरदुआ गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण खेतों की ओर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप था कि जिस जमीन पर उनके परिवार पिछले करीब 50 वर्षों से खेती करते आ रहे हैं, उसे बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के खाली कराया जा रहा है। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए विरोध शुरू कर दिया।
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एसडीएम विनय मिश्रा मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर से खेत की जुताई शुरू करा दी। इसका विरोध करते हुए महिलाएं ट्रैक्टर के आगे खड़ी हो गईं। कुछ महिलाएं ट्रैक्टर पर चढ़ गईं, जबकि अन्य ने एसडीएम के वाहन को घेर लिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया।
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स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मौके पर चार थानों की पुलिस, क्षेत्राधिकारी चकिया तथा लगभग 80 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। वहीं वन विभाग की ओर से एसडीओ वरुण सिंह भी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे।

वन विभाग की टीम ने जेसीबी मंगाकर भूमि की सुरक्षा के लिए खाई खुदवाने की तैयारी शुरू की, लेकिन महिलाओं ने जेसीबी के सामने लेटकर कार्रवाई रोक दी। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच घंटों तक बहस और नोकझोंक चलती रही। काफी समझाने के बाद भी जब ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं हुए तो प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई स्थगित कर दी और जेसीबी वापस भेज दी गई।

ग्रामीणों ने साफ कहा कि यह जमीन उनके परिवारों की आजीविका का एकमात्र साधन है। यदि जमीन छीन ली गई तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि वे किसी भी कीमत पर जमीन खाली नहीं करेंगे।वहीं प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि वन विभाग की सरकारी जमीन है, जिस पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

महिलाओं ने संभाला विरोध का मोर्चा
प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होते ही गांव की महिलाएं सबसे आगे आ गईं। महिलाओं ने पहले ट्रैक्टर को रोका, फिर जेसीबी के आगे लेटकर काम बंद करा दिया। कई महिलाओं ने अधिकारियों से तीखी बहस करते हुए कहा कि जब तक उनका पक्ष नहीं सुना जाएगा, तब तक किसी भी कीमत पर कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।

चार थानों की पुलिस और भारी फोर्स रही तैनात
स्थिति को देखते हुए चकिया क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में नौगढ़, चकरघट्टा, चकिया और साहबगंज थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। लगभग 80 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने का प्रयास किया।

ग्रामीणों का दावा- '50 वर्षों से कर रहे हैं खेती' 
ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि को वन विभाग अपनी बता रहा है, उस पर उनके पूर्वज करीब पांच दशक से खेती करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि बिना नोटिस दिए अचानक कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से पहले राजस्व अभिलेखों की जांच और सुनवाई की मांग की।
 
वन विभाग का दावा- 'सरकारी भूमि पर नहीं होगा कब्जा' 
वन विभाग के एसडीओ वरुण सिंह ने कहा कि संबंधित भूमि वन विभाग की है। भूमि की सुरक्षा और सीमांकन के लिए खाई खुदवाई जा रही थी। सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

अधिकारी बोले
सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक होने पर दोबारा अभियान चलाकर जमीन कब्जामुक्त कराई जाएगी। -विनय मिश्रा, एसडीएम, नौगढ़

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