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Chandauli News: नुकीली गिट्टियां, गहरे गड्ढे और अधूरे रास्ते... सावन में शिवभक्तों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
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चहनियां-पीडीडीयू नगर मार्ग पर पक्खोपुर के समीप बिछाई गई गिट्टी। संवाद
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सावन शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी बिहार, झारखंड, गाजीपुर और पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से लाखों कांवड़िये गंगाजल लेकर बाबा काशी विश्वनाथ समेत जिले के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पहुंचेंगे। चकिया के जागेश्वरनाथ और सकलडीहा के बाबा कालेश्वरनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। प्रशासन तैयारियों के दावे कर रहा है, लेकिन जिले के कई प्रमुख कांवड़ मार्ग अब भी बदहाल हैं।
कई स्थानों पर सड़कें उखड़ी हुई हैं, गहरे गड्ढे बने हैं और निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। सड़क पर बिखरी नुकीली गिट्टियां नंगे पैर चलने वाले कांवड़ियों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती हैं। बरसात के कारण गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। सबसे अधिक दिक्कत पीडीडीयू नगर-वाराणसी मार्ग, पड़ाव-गोधना सिक्स लेन निर्माण क्षेत्र, दुलहीपुर, चहनिया, सकलडीहा, धानापुर तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े ग्रामीण संपर्क मार्गों पर देखने को मिल रही है। कई जगह निर्माण सामग्री अब भी सड़क पर फैली हुई है, जिससे पैदल चलना कठिन हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो सावन के दौरान श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। विशेषकर रात में गड्ढे और अधूरे निर्माण स्थल दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
चहनिया क्षेत्र में गिट्टियां और जलभराव बने परेशानी
चहनिया-कैलावर-पखोपुर, रामगढ़-लक्ष्मणगढ़ और बलुआ-चहनिया मार्ग समेत कई संपर्क सड़कें बदहाल हैं। जगह-जगह गड्ढों में बारिश का पानी भरा है और कीचड़ के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो जलाभिषेक के लिए आने वाले हजारों कांवड़ियों को परेशानी होगी।
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चतुर्भुजपुर की क्षतिग्रस्त पुलिया बनी चिंता
सकलडीहा क्षेत्र के बाबा कालेश्वरनाथ मंदिर जाने वाले अमावल मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त पुलिया श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। बरसात में यहां आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई वाहन यहां दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। एसडीएम कुंदन राज कपूर ने बताया कि सावन से पहले पुलिया को आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
दुलहीपुर में अधूरी सिक्स लेन पर बिखरी गिट्टियां
पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक सिक्स लेन सड़क का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। दुलहीपुर क्षेत्र में सड़क पर गिट्टियां बिखरी हैं और कई हिस्सों में सतह ऊबड़-खाबड़ है। इसी मार्ग से बड़ी संख्या में कांवड़िये गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाना चाहिए।
सड़कों के साथ मूलभूत सुविधाएं भी जरूरी
कांवड़ यात्रा के दौरान पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, मोबाइल शौचालय, प्राथमिक उपचार केंद्र, विश्राम स्थल और सफाई व्यवस्था भी आवश्यक है। कई स्थानों पर इन तैयारियों की रफ्तार भी धीमी है। लोगों ने प्रशासन से सड़क मरम्मत के साथ इन सुविधाओं को भी प्राथमिकता देने की मांग की है।
प्रतिक्रिया
सत्यम पांडेय, सेमरा
शिवालयों तक जाने वाली अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। हर साल श्रद्धालुओं को इसी समस्या से जूझना पड़ता है।
ज्ञानचंद चौरसिया, बलुआ
सड़कों पर बिखरी गिट्टियां और गहरे गड्ढे पैदल चलने वाले कांवड़ियों के लिए बड़ी परेशानी बनेंगे।
प्रमोद यादव, मारूफपुर
महिला श्रद्धालुओं और बच्चों के लिए गड्ढों व उखड़ी सड़कों पर चलना जोखिम भरा होगा।
कृष्णा जायसवाल, शाहकुटी
रविवार रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाराणसी के लिए निकलते हैं। ऐसे में बदहाल सड़कें उनकी यात्रा मुश्किल बना देंगी।
निर्माण एजेंसियों की धीमी रफ्तार बनी वजह
पड़ाव-गोधना सिक्स लेन सहित कई सड़क परियोजनाएं अभी अधूरी हैं। निर्माण सामग्री सड़क पर बिखरी होने से पैदल और वाहन दोनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। लोगों ने सावन से पहले कार्य पूरा कराने की मांग की है।
वर्जन
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी प्रमुख मार्गों को आवागमन योग्य बनाने का कार्य कराया जा रहा है। दुलहीपुर में सिक्स लेन की दूसरी लेन का निर्माण भी यात्रा से पहले पूरा कराने का प्रयास है। अमावल की क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर नई पुलिया निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। फिलहाल पुलिया को अस्थायी रूप से आवागमन योग्य बना दिया गया है।
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कई स्थानों पर सड़कें उखड़ी हुई हैं, गहरे गड्ढे बने हैं और निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। सड़क पर बिखरी नुकीली गिट्टियां नंगे पैर चलने वाले कांवड़ियों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती हैं। बरसात के कारण गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। सबसे अधिक दिक्कत पीडीडीयू नगर-वाराणसी मार्ग, पड़ाव-गोधना सिक्स लेन निर्माण क्षेत्र, दुलहीपुर, चहनिया, सकलडीहा, धानापुर तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े ग्रामीण संपर्क मार्गों पर देखने को मिल रही है। कई जगह निर्माण सामग्री अब भी सड़क पर फैली हुई है, जिससे पैदल चलना कठिन हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो सावन के दौरान श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। विशेषकर रात में गड्ढे और अधूरे निर्माण स्थल दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
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चहनिया क्षेत्र में गिट्टियां और जलभराव बने परेशानी
चहनिया-कैलावर-पखोपुर, रामगढ़-लक्ष्मणगढ़ और बलुआ-चहनिया मार्ग समेत कई संपर्क सड़कें बदहाल हैं। जगह-जगह गड्ढों में बारिश का पानी भरा है और कीचड़ के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो जलाभिषेक के लिए आने वाले हजारों कांवड़ियों को परेशानी होगी।
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चतुर्भुजपुर की क्षतिग्रस्त पुलिया बनी चिंता
सकलडीहा क्षेत्र के बाबा कालेश्वरनाथ मंदिर जाने वाले अमावल मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त पुलिया श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। बरसात में यहां आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई वाहन यहां दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। एसडीएम कुंदन राज कपूर ने बताया कि सावन से पहले पुलिया को आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
दुलहीपुर में अधूरी सिक्स लेन पर बिखरी गिट्टियां
पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक सिक्स लेन सड़क का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। दुलहीपुर क्षेत्र में सड़क पर गिट्टियां बिखरी हैं और कई हिस्सों में सतह ऊबड़-खाबड़ है। इसी मार्ग से बड़ी संख्या में कांवड़िये गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाना चाहिए।
सड़कों के साथ मूलभूत सुविधाएं भी जरूरी
कांवड़ यात्रा के दौरान पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, मोबाइल शौचालय, प्राथमिक उपचार केंद्र, विश्राम स्थल और सफाई व्यवस्था भी आवश्यक है। कई स्थानों पर इन तैयारियों की रफ्तार भी धीमी है। लोगों ने प्रशासन से सड़क मरम्मत के साथ इन सुविधाओं को भी प्राथमिकता देने की मांग की है।
प्रतिक्रिया
सत्यम पांडेय, सेमरा
शिवालयों तक जाने वाली अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। हर साल श्रद्धालुओं को इसी समस्या से जूझना पड़ता है।
ज्ञानचंद चौरसिया, बलुआ
सड़कों पर बिखरी गिट्टियां और गहरे गड्ढे पैदल चलने वाले कांवड़ियों के लिए बड़ी परेशानी बनेंगे।
प्रमोद यादव, मारूफपुर
महिला श्रद्धालुओं और बच्चों के लिए गड्ढों व उखड़ी सड़कों पर चलना जोखिम भरा होगा।
कृष्णा जायसवाल, शाहकुटी
रविवार रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाराणसी के लिए निकलते हैं। ऐसे में बदहाल सड़कें उनकी यात्रा मुश्किल बना देंगी।
निर्माण एजेंसियों की धीमी रफ्तार बनी वजह
पड़ाव-गोधना सिक्स लेन सहित कई सड़क परियोजनाएं अभी अधूरी हैं। निर्माण सामग्री सड़क पर बिखरी होने से पैदल और वाहन दोनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। लोगों ने सावन से पहले कार्य पूरा कराने की मांग की है।
वर्जन
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी प्रमुख मार्गों को आवागमन योग्य बनाने का कार्य कराया जा रहा है। दुलहीपुर में सिक्स लेन की दूसरी लेन का निर्माण भी यात्रा से पहले पूरा कराने का प्रयास है। अमावल की क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर नई पुलिया निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। फिलहाल पुलिया को अस्थायी रूप से आवागमन योग्य बना दिया गया है।