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खराब मौसम का कहर: किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, भूसा उड़ा, अनाज भीगा
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 06 Apr 2026 12:25 AM IST
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फोटो 05सीकेटीपी 19 अरकी गांव के खेत में कटी गेहूं फसल। संवाद
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चित्रकूट। पिछले तीन दिन से जिले में जारी खराब मौसम और बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार रात तेज हवा के साथ हुई हल्की बारिश से कुछ रबी की फसलें खेतों में पसर गईं तो कुछ खेतों में कटी पड़ी गेहूं फसल व भूसा उड़ गया। साथ ही बारिश में भीग भी गई। इससे किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है।
इस बार जिले में 115276 हेक्टेयर में रबी फसल बोई गई थी, इनमें गेहूं, चना, मसूर, अरहर, जौ, सरसों फसल की बोआई की गई थी। सभी फसलें पूरी तरह से पक चुकी हैं। गेहूं, अरहर, मसूर फसलें अभी खेतों में खड़ी हैं। किसान उन्हें काटने में जुटे हैं लेकिन बिगड़े मौसम के मिजाज से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। आंधी और बारिश से थ्रेसिंग के बाद भूसा पड़ा था, वो ज्यादातर उड़ गया है। यही नहीं कटी गेहूं की फसल व भूसा भी भीग गया है। इससे किसानों को नुकसान हुआ है। खराब मौसम से फसलों की कटाई भी पिछड़ रही है। किसान संघ के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि कई किसानों ने फसल काटकर खेतों में ढेर लगा दिए थे। बारिश में भीगने से गेहूं का दाना काला पड़ जाएगा। इससे बाजार में उन्हें उचित मूल्य नहीं मिलेगा और घर में रखने पर दीमक लगने का खतरा है।
रहुटा गांव के किसान रामशरण राजपूत ने बताया कि खेत में गेहूं की फसल लगी है। तेज हवा चलने से फसल भीग गई है। हवा चलने से फसल पसर भी गई है। इससे फसल को नुकसान हुआ है। कटाई का कार्य भी पिछड़ता जा रहा है।
काड़ीखेरा के किसान अवध बिहारी सिंह ने बताया कि इस समय बेमौसम बारिश हो रही है। जबकि फसल पक गई है। कहा कि बारिश होने से अरहर व गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। समझ में नहीं आ रहा है। यदि इसी तरह से बारिश होती रहती तो अधिक समस्या खड़ी हो जाती है।
बोले जिम्मेदार-- --
उप कृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि जिले में फसल को आंशिक रूप से ही नुकसान हुआ है। हालांकि, ओलावृष्टि न होने से किसानों ने कुछ राहत की साँस ली है। लगातार बारिश के कारण फसल की कटाई का कार्य पिछड़ता जा रहा है, जिससे किसान चिंतित हैं।
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इस बार जिले में 115276 हेक्टेयर में रबी फसल बोई गई थी, इनमें गेहूं, चना, मसूर, अरहर, जौ, सरसों फसल की बोआई की गई थी। सभी फसलें पूरी तरह से पक चुकी हैं। गेहूं, अरहर, मसूर फसलें अभी खेतों में खड़ी हैं। किसान उन्हें काटने में जुटे हैं लेकिन बिगड़े मौसम के मिजाज से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। आंधी और बारिश से थ्रेसिंग के बाद भूसा पड़ा था, वो ज्यादातर उड़ गया है। यही नहीं कटी गेहूं की फसल व भूसा भी भीग गया है। इससे किसानों को नुकसान हुआ है। खराब मौसम से फसलों की कटाई भी पिछड़ रही है। किसान संघ के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि कई किसानों ने फसल काटकर खेतों में ढेर लगा दिए थे। बारिश में भीगने से गेहूं का दाना काला पड़ जाएगा। इससे बाजार में उन्हें उचित मूल्य नहीं मिलेगा और घर में रखने पर दीमक लगने का खतरा है।
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रहुटा गांव के किसान रामशरण राजपूत ने बताया कि खेत में गेहूं की फसल लगी है। तेज हवा चलने से फसल भीग गई है। हवा चलने से फसल पसर भी गई है। इससे फसल को नुकसान हुआ है। कटाई का कार्य भी पिछड़ता जा रहा है।
काड़ीखेरा के किसान अवध बिहारी सिंह ने बताया कि इस समय बेमौसम बारिश हो रही है। जबकि फसल पक गई है। कहा कि बारिश होने से अरहर व गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। समझ में नहीं आ रहा है। यदि इसी तरह से बारिश होती रहती तो अधिक समस्या खड़ी हो जाती है।
बोले जिम्मेदार
उप कृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि जिले में फसल को आंशिक रूप से ही नुकसान हुआ है। हालांकि, ओलावृष्टि न होने से किसानों ने कुछ राहत की साँस ली है। लगातार बारिश के कारण फसल की कटाई का कार्य पिछड़ता जा रहा है, जिससे किसान चिंतित हैं।

फोटो 05सीकेटीपी 19 अरकी गांव के खेत में कटी गेहूं फसल। संवाद