चित्रकूट। आजादी के 78 वर्ष बाद भी चित्रकूट जिले के कर्वी तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत खमरिया के मजरा कोलुहा माफी के आदिवासी लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। करीब 250 की आबादी वाले इस मजरे में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। ग्रामीण आज भी लालटेन आदि जलाकर जीवन बिताने के लिए मजबूर हैं।
कोलुहा माफी में करीब 30 घर हैं। यहां पर पिछले चुनाव में 126 मतदाता रहे हैं। करीब 250 की आबादी है। वर्ष 2017 में विद्युत निगम ने मजरे में विद्युतीकरण के लिए खंभे डाले थे लेकिन अभी तक खंभे लगाए नहीं गए हैं। जिससे आदिवासी लोग आज भी अंधेरे में जीवन बिता रहे हैं। मजरे के आसपास जंगल होने की वजह से अंधेरे में जंगली जानवरों का भी खतरा बना रहता है। समाजसेवी अर्चना उपाध्याय का कहना है कि हर बार चुनाव के समय नेता और अधिकारी आश्वासन दे जाते हैं लेकिन उसके बाद कोई देखने तक नहीं आता है। इस कारण मजरे में विद्युतीकरण नहीं हो सका है।

फोटो 13 सीकेटीपी 10 छोटा गौड। संवाद- फोटो : सगी बहनों की मौत के बाद पोस्टमार्टम पर मौजूद परिजन व रिश्तेदार। संवाद

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