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Chitrakoot News: बेटी की गैर इरादतन हत्या में पिता को 10 साल की कैद
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 31 Jan 2026 11:39 PM IST
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चित्रकूट। प्रेमी से बात करने के शक में पिता ने बेटी की पिटाई के साथ सिर पर डंडा मार दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। किशोरी के मामा ने बहनोई के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में सत्र न्यायाधीश ने दोषी पिता बबोचन को 10 साल का सश्रम सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया है। घटना रैपुरा थाना क्षेत्र की है।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के सरैंया गांव निवासी मइयादीन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 12 जुलाई 2022 को इटवा गांव निवासी उनकी 17 वर्षीय भांजी नीतू देवी की 11 जुलाई को मौत हो गई है। जब वे नीतू के घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि भांजी का शव पड़ा था और उसके सिर व हाथों से खून बह रहा था। प्रारंभिक जांच और परिवार के सदस्यों से मिली जानकारी के अनुसार नीतू किसी से मोबाइल पर बात कर रही थी। प्रेमी से बात करने के शक में उसके पिता बबोचन, चाचा कामता और चाची केसारिया देवी ने लाठी-डंडों से नीतू की बेरहमी से पिटाई की। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण नीतू की मौत हो गई।
पुलिस ने मइयादीन की तहरीर पर बबोचन, कामता और केसारिया देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। हालांकि विवेचना के बाद पुलिस ने कामता और केसारिया देवी का नाम इस मामले से हटा दिया। इसके बाद, दो सितंबर 2022 को न्यायालय में विवेचक द्वारा आरोप पत्र दाखिल किया गया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान सत्र न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष दोनों की दलीलें सुनीं। बाद में आरोपी को दोषी करार दिया। शुक्रवार को सत्र न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला ने बबोचन को सजा सुनाई।
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मानिकपुर थाना क्षेत्र के सरैंया गांव निवासी मइयादीन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 12 जुलाई 2022 को इटवा गांव निवासी उनकी 17 वर्षीय भांजी नीतू देवी की 11 जुलाई को मौत हो गई है। जब वे नीतू के घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि भांजी का शव पड़ा था और उसके सिर व हाथों से खून बह रहा था। प्रारंभिक जांच और परिवार के सदस्यों से मिली जानकारी के अनुसार नीतू किसी से मोबाइल पर बात कर रही थी। प्रेमी से बात करने के शक में उसके पिता बबोचन, चाचा कामता और चाची केसारिया देवी ने लाठी-डंडों से नीतू की बेरहमी से पिटाई की। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण नीतू की मौत हो गई।
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पुलिस ने मइयादीन की तहरीर पर बबोचन, कामता और केसारिया देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। हालांकि विवेचना के बाद पुलिस ने कामता और केसारिया देवी का नाम इस मामले से हटा दिया। इसके बाद, दो सितंबर 2022 को न्यायालय में विवेचक द्वारा आरोप पत्र दाखिल किया गया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान सत्र न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष दोनों की दलीलें सुनीं। बाद में आरोपी को दोषी करार दिया। शुक्रवार को सत्र न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला ने बबोचन को सजा सुनाई।
