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कोषागार घोटाला: बिचौलिए ने कबूला जुर्म, मां को बचाने का प्रयास

संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Sat, 31 Jan 2026 11:37 PM IST
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Treasury scam: Middleman confesses to crime, tries to save mother
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चित्रकूट। बहुचर्चित कोषागार घोटाले में अब तक की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस मामले में बिचौलिए दीपक पांडेय ने अपनी मां को बचाने के लिए हाईकोर्ट में जुर्म कबूल कर लिया है। उसने कहा है कि उसकी मां का इस घोटाले में कोई हाथ नहीं है, बल्कि उसने मां के हस्ताक्षर और अंगूठे का इस्तेमाल कर खाते से धनराशि निकाली है। वहीं, एक अन्य बिचौलिए रितेश कुमार त्रिपाठी को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया है, जबकि दीपक पांडेय के एक रिश्तेदार अपना अस्पताल बंद कर फरार हो गया है। फरार बिचौलियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल लगातार छापेमारी कर रही है।
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कोषागार में हुए इस 43.13 करोड़ रुपये के घोटाले में अब तक करीब 24 बिचौलियों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से नौ जेल भेजे जा चुके हैं। बरहट निवासी दीपक पांडेय को इस मामले का सबसे बड़ा बिचौलिया माना जा रहा है, जिसने अपने साले, बहनोई और कई अन्य रिश्तेदारों को भी इस काम में शामिल किया था। दीपक ने अपनी पेंशनर मां लक्ष्मी देवी के खाते में 1.21 करोड़ रुपये डलवाकर निकलवाए थे। इसके अलावा, उसने अपने साले देव कुमार त्रिपाठी और रितेश त्रिपाठी उर्फ मुन्नू त्रिपाठी के माध्यम से भी पेंशनरों के खातों से रुपये निकलवाए, जिसमें से कुछ राशि पेंशनरों को देकर बाकी खुद रख लेता था।
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चर्चा है कि दीपक पांडेय के एक बहनोई कर्वी के प्रयागराज रोड पर एक अस्पताल चलाते हैं, उनका नाम सामने आने के बाद उन्होंने अपना अस्पताल बंद कर दिया और फरार हो गए। जेल जाने के बाद दीपक ने शपथ पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि उसकी मां लक्ष्मी देवी की घोटाले में कोई भी संलिप्तता नहीं है और वह स्वयं अपनी मां के खाते का संचालन करता था। इसके बाद हाईकोर्ट ने उसकी मां की जमानत अर्जी मंजूर कर दी है। वहीं, फरार चल रहे रितेश त्रिपाठी ने एसआईटी की गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर प्राप्त कर लिया है।
एसआईटी प्रभारी अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि बिचौलिए रितेश त्रिपाठी को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया है। साथ ही, दीपक पांडेय के एक रिश्तेदार अस्पताल बंद कर फरार हैं, उनकी तलाश में छापेमारी जारी है। एसआईटी इन फरार बिचौलियों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि घोटाले की पूरी परतें खुल सकें और दोषियों को सजा मिल सके।
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