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Chitrakoot News: गैस किल्लत से बढ़ा इंडक्शन चूल्हे का उपयोग
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फोटो 25 सीकेटीपी 16 बाजार में इंडक्शन देखता ग्राहक। संवाद
सिलिंडरों की किल्लत के चलते घरों-होटलों में बढ़ा इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। गैस की किल्लत के चलते जहां बाजार में इंडक्शन की बिक्री बढ़ गई है। वहीं शहर होटलों व घरों में इंडक्शन के माध्यम से ही खाना बनाने का कार्य किया जाता है। लगातार तीन से चार घंटे तक इंडक्शन जलने से बिजली की तार सहित उपकरणों पर प्रभाव पड़ रहा है। बिजली के तार पिघल जाते हैं। इससे बिजली की आपूर्ति भी बंद हो जाती है।
पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग से व्यवसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने के साथ ही घरेलू गैस की किल्लत भी हो गई है। इसके चलते इंडक्शन जलाकर ही होटलों व घरों में खाने पीने की वस्तु बनाई जा रही है। होटलों में लगातार तीन से चार घंटे तक इंडक्शन जलाकर खाना बनाया जा रहा है। यही हाल घरों में भी देखा जा रहा है। इससे घरों में लगी बिजली की तार पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
शहर के पुरानी बाजार में होटल कारोबारी अजय केसरवानी बताते हैं कि इंडक्शन से ही ज्यादातर कार्य होता है। इससे बिजली की तार गर्म होकर पिघलने लगता है। शहर के शिवम कुमार ने दस दिन पहले घरेलू गैस की बुकिंग कराया था। इसके बाद भी सिलिंडर नहीं मिला तो इंडक्शन से काम चला रहे हैं।
केस न-1
फोटो 25सीकेटीपी 17 मुन्ना केसरवानी। संवाद
होटल व्यवसायी मुन्ना केसरवानी ने बताया कि इस समय इंडक्शन से ही ज्यादातर खाने पीने की वस्तु बना रहे हैं। इससे बिजली के तार गर्म हो जाते हैं। एक दिन तो बिजली का बोर्ड में लगी बटन ही खराब हो गई। इससे बिजली मिस्त्री को बुलाना पड़ा।
केस न- 2
फोटो न 25सीकेटीपी 18 अनिल कुमार। संवाद
शहर के पुरानी निवासी इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाले दुकानदार अनिल कुमार ने बताया कि एक ग्राहक उनके पास बिजली का बोर्ड लेने के लिए आया था। उसने बताया था कि इंडक्शन लगातार दो घंटा चलने से बिजली का उपकरण खराब हो गया।
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सिलिंडरों की किल्लत के चलते घरों-होटलों में बढ़ा इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। गैस की किल्लत के चलते जहां बाजार में इंडक्शन की बिक्री बढ़ गई है। वहीं शहर होटलों व घरों में इंडक्शन के माध्यम से ही खाना बनाने का कार्य किया जाता है। लगातार तीन से चार घंटे तक इंडक्शन जलने से बिजली की तार सहित उपकरणों पर प्रभाव पड़ रहा है। बिजली के तार पिघल जाते हैं। इससे बिजली की आपूर्ति भी बंद हो जाती है।
पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग से व्यवसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने के साथ ही घरेलू गैस की किल्लत भी हो गई है। इसके चलते इंडक्शन जलाकर ही होटलों व घरों में खाने पीने की वस्तु बनाई जा रही है। होटलों में लगातार तीन से चार घंटे तक इंडक्शन जलाकर खाना बनाया जा रहा है। यही हाल घरों में भी देखा जा रहा है। इससे घरों में लगी बिजली की तार पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
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शहर के पुरानी बाजार में होटल कारोबारी अजय केसरवानी बताते हैं कि इंडक्शन से ही ज्यादातर कार्य होता है। इससे बिजली की तार गर्म होकर पिघलने लगता है। शहर के शिवम कुमार ने दस दिन पहले घरेलू गैस की बुकिंग कराया था। इसके बाद भी सिलिंडर नहीं मिला तो इंडक्शन से काम चला रहे हैं।
केस न-1
फोटो 25सीकेटीपी 17 मुन्ना केसरवानी। संवाद
होटल व्यवसायी मुन्ना केसरवानी ने बताया कि इस समय इंडक्शन से ही ज्यादातर खाने पीने की वस्तु बना रहे हैं। इससे बिजली के तार गर्म हो जाते हैं। एक दिन तो बिजली का बोर्ड में लगी बटन ही खराब हो गई। इससे बिजली मिस्त्री को बुलाना पड़ा।
केस न- 2
फोटो न 25सीकेटीपी 18 अनिल कुमार। संवाद
शहर के पुरानी निवासी इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाले दुकानदार अनिल कुमार ने बताया कि एक ग्राहक उनके पास बिजली का बोर्ड लेने के लिए आया था। उसने बताया था कि इंडक्शन लगातार दो घंटा चलने से बिजली का उपकरण खराब हो गया।