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Chitrakoot News: मंदाकिनी का जलस्तर घटा, खतरा बरकरार
Sun, 12 Jul 2026 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:07 AM IST
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11 सीकेटीपी-21-रामघाट पर मंदाकिनी नदी में बढ़े जलस्तर का नजारा। संवाद
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चित्रकूट। मंदाकिनी नदी का जलस्तर शनिवार को शुक्रवार की तुलना में कुछ कम हुआ, जिससे स्थानीय लोगों को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, रामघाट पर बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है, जिससे प्रशासन और स्थानीय कारोबारी चिंतित हैं। पिछले वर्ष 11-12 जुलाई की रात आई अचानक बाढ़ की भयावह यादें लोगों के मन में ताजा हैं।
पिछले वर्ष की बाढ़ ने रामघाट क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। 100 से अधिक दुकानें जलमग्न हो गई थीं और लाखों रुपये का सामान बह गया था। इस हादसे में 67 वर्षीय दुकानदार नत्थूलाल गुप्ता की डूबकर मृत्यु हो गई थी। उन्हें बाढ़ की जानकारी नहीं थी और वे अपनी दुकान में ही सो गए थे।
कारोबारी नदी के अनिश्चित व्यवहार से डरे हुए हैं। उनका कहना है कि नदी का मिजाज कभी भी बदल सकता है। जान-माल के जोखिम के बावजूद दुकानें खोलना उनकी मजबूरी है। वे सरकार और प्रशासन से सुरक्षित व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण सुरक्षा बैरिकेड्स हटा दिए गए हैं, जिससे श्रद्धालु बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के नदी में स्नान कर रहे हैं। इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।
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रामघाट पर पूजन सामग्री की दुकान चलाने वाली पूनम देवी बताती हैं कि हर साल 15 जुलाई से पहले छोटे पुल के पास लगे पटरे हटा दिए जाते थे, मगर इस बार ऐसा हुआ नहीं है। पिछले साल आई बाढ़ में उनकी दुकान का अधिकांश सामान बह या खराब हो गया। उन्हें किसी तरह का मुआवजा नहीं मिला। केवल थोड़ा-बहुत राशन दिया गया, वह भी पर्याप्त नहीं था।
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दुकानदार विनीत मिश्रा का कहना है कि बाढ़ आने से पहले कोई चेतावनी या सूचना नहीं मिलती। यदि डर के कारण दुकानें बंद कर दें तो परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो जाएगा। पिछले साल उनकी करीब 50 हजार रुपये की सामग्री बर्बाद हो गई थी।
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स्थानीय निवासी कैलाश मिश्रा कहते हैं कि मंदाकिनी का जलस्तर कब अचानक बढ़ जाए, इसका कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता। कई बार इतनी तेजी से बाढ़ आती है कि दुकान का सामान तक सुरक्षित नहीं निकाल पाते। दो दिन पहले हुई तेज बारिश के बाद भी रामघाट पर अचानक पानी बढ़ गया था। इसके बाद दुकानदारों ने जल्दबाजी में सामान दूसरी जगह पहुंचाया। आज भी कई दुकानें बंद हैं क्योंकि लोग पिछले साल जैसी स्थिति दोबारा बनने की आशंका से डरे हुए हैं।
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बोले जिम्मेदार
बारिश को लेकर एमपी से लगातार संपर्क में है। इस बार बाढ़ आने के 24 घंटे पहले ही लोगों को अनाउंस के माध्यम से सतर्क किया जाएगा। फिलहाल मंदाकिनी का जलस्तर कम हुआ है। लगातार घाट क्षेत्र पर निगरानी बनाए हुए है। - अजय यादव, एसडीएम कर्वी।
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पिछले वर्ष की बाढ़ ने रामघाट क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। 100 से अधिक दुकानें जलमग्न हो गई थीं और लाखों रुपये का सामान बह गया था। इस हादसे में 67 वर्षीय दुकानदार नत्थूलाल गुप्ता की डूबकर मृत्यु हो गई थी। उन्हें बाढ़ की जानकारी नहीं थी और वे अपनी दुकान में ही सो गए थे।
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कारोबारी नदी के अनिश्चित व्यवहार से डरे हुए हैं। उनका कहना है कि नदी का मिजाज कभी भी बदल सकता है। जान-माल के जोखिम के बावजूद दुकानें खोलना उनकी मजबूरी है। वे सरकार और प्रशासन से सुरक्षित व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण सुरक्षा बैरिकेड्स हटा दिए गए हैं, जिससे श्रद्धालु बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के नदी में स्नान कर रहे हैं। इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।
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रामघाट पर पूजन सामग्री की दुकान चलाने वाली पूनम देवी बताती हैं कि हर साल 15 जुलाई से पहले छोटे पुल के पास लगे पटरे हटा दिए जाते थे, मगर इस बार ऐसा हुआ नहीं है। पिछले साल आई बाढ़ में उनकी दुकान का अधिकांश सामान बह या खराब हो गया। उन्हें किसी तरह का मुआवजा नहीं मिला। केवल थोड़ा-बहुत राशन दिया गया, वह भी पर्याप्त नहीं था।
दुकानदार विनीत मिश्रा का कहना है कि बाढ़ आने से पहले कोई चेतावनी या सूचना नहीं मिलती। यदि डर के कारण दुकानें बंद कर दें तो परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो जाएगा। पिछले साल उनकी करीब 50 हजार रुपये की सामग्री बर्बाद हो गई थी।
स्थानीय निवासी कैलाश मिश्रा कहते हैं कि मंदाकिनी का जलस्तर कब अचानक बढ़ जाए, इसका कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता। कई बार इतनी तेजी से बाढ़ आती है कि दुकान का सामान तक सुरक्षित नहीं निकाल पाते। दो दिन पहले हुई तेज बारिश के बाद भी रामघाट पर अचानक पानी बढ़ गया था। इसके बाद दुकानदारों ने जल्दबाजी में सामान दूसरी जगह पहुंचाया। आज भी कई दुकानें बंद हैं क्योंकि लोग पिछले साल जैसी स्थिति दोबारा बनने की आशंका से डरे हुए हैं।
बोले जिम्मेदार
बारिश को लेकर एमपी से लगातार संपर्क में है। इस बार बाढ़ आने के 24 घंटे पहले ही लोगों को अनाउंस के माध्यम से सतर्क किया जाएगा। फिलहाल मंदाकिनी का जलस्तर कम हुआ है। लगातार घाट क्षेत्र पर निगरानी बनाए हुए है। - अजय यादव, एसडीएम कर्वी।

11 सीकेटीपी-21-रामघाट पर मंदाकिनी नदी में बढ़े जलस्तर का नजारा। संवाद

11 सीकेटीपी-21-रामघाट पर मंदाकिनी नदी में बढ़े जलस्तर का नजारा। संवाद

11 सीकेटीपी-21-रामघाट पर मंदाकिनी नदी में बढ़े जलस्तर का नजारा। संवाद

11 सीकेटीपी-21-रामघाट पर मंदाकिनी नदी में बढ़े जलस्तर का नजारा। संवाद

11 सीकेटीपी-21-रामघाट पर मंदाकिनी नदी में बढ़े जलस्तर का नजारा। संवाद

11 सीकेटीपी-21-रामघाट पर मंदाकिनी नदी में बढ़े जलस्तर का नजारा। संवाद