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Chitrakoot News: बजट की कमी से यमुना पुल अधर में लटका
Sun, 12 Jul 2026 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:12 AM IST
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चित्रकूट/राजापुर। धर्मनगरी से फतेहपुर जिले को जोड़ने वाला प्रस्तावित पुल बजट की कमी से लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। दो साल पहले यमुना नदी पर बनने वाले पुल का सर्वे और नक्शा तैयार होने के बावजूद धनराशि आवंटित नहीं हो सकी। इससे लोग जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार कर रहे है। हालांकि, हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री के दौरे पर पूर्व सांसद ने पुल निर्माण की मांग के लिए एक पत्र सौंपा है, जिससे क्षेत्रवासियों को एक बार फिर उम्मीद जगी है। पुल के निर्माण से दोनों जिलों के बीच की दूरी लगभग 20 से 25 किलोमीटर कम हो जाएगी जिससे एक लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
राजापुर तहसील क्षेत्र के चिल्ली मल गांव और फतेहपुर जिले के विजयीपुर ब्लॉक के धाने गांव के बीच यमुना नदी पर पुल निर्माण की मांग पिछले एक दशक से की जा रही है। पूर्व में सेतु निगम की टीमों ने मौके पर जाकर मिट्टी का सर्वे और परीक्षण भी किया था, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। विभिन्न कारणों से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। हाल ही में, एक बार फिर स्थल चयन, पुल की डिजाइन, रेखांकन, ढलान और अन्य तकनीकी बिंदुओं का परीक्षण किया गया है।
चित्रकूट के पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने चार दिन पहले जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यमुना नदी पर पुल निर्माण कराने की मांग को लेकर एक पत्र सौंपा है। पूर्व सांसद का कहना है कि इस पुल के निर्माण से चित्रकूट से फतेहपुर, लखनऊ, रायबरेली सहित अन्य जिलों का आवागमन अत्यंत सुगम हो जाएगा। इस पहल से स्थानीय लोगों को पुल निर्माण की उम्मीद एक बार फिर जगी है। इससे पहले फतेहपुर के सांसद नरेश उत्तम और राज्य मंत्री कृष्णा पासवान भी इस पुल निर्माण की दिशा में पहल कर चुके हैं। इस प्रस्तावित पुल के निर्माण से जिले के चिल्लीमल, सुरसेन, अरकी, बिलास, खदर, वीर धुमाई, सुरकी, कुचौली, घुसाद, चांदी, बांगर, लमियारी जैसे गांवों के निवासी लाभान्वित होंगे। साथ ही, फतेहपुर जिले के चंदापुर, गाजीपुर, कोट, धाना, दरियापुर, गिरधारीपुर, बरार, कुल्ली, खखरेरू, बदनमऊ, रहमतपुर, शाहनगर और शंकरपुर सहित कई अन्य गांवों के लोगों की आवाजाही भी बेहद आसान हो जाएगी।
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पुल बनने से नहीं लगाना पड़ेगा 25 किमी का चक्कर
चिल्ली मल और धाने के बीच प्रस्तावित पुल के निर्माण से दोनों जिलों के लोगों को लगभग 20 से 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। वर्तमान में लोगों को चित्रकूट से फतेहपुर या अन्य जिलों तक पहुंचने के लिए कौशांबी से राजापुर होकर या फिर कमासिन होकर आवागमन करना पड़ता है, जो काफी लंबा और थकाऊ मार्ग है।
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यमुना नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों को आज भी नदी पार करने के लिए नाव का ही सहारा लेना पड़ता है। बारिश के दिनों में यह सफर बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित होता है। अब तक कई बार नाव पलटने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें जान भी जा चुकी है। नाव पलटने से फतेहपुर जिले के किशनपुर थाना के एक उप-निरीक्षक और एक सिपाही की मौत भी हो चुकी है। बांदा के मर्का में भी नाव पलटने की घटना सामने आ चुकी है।
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बोले जिम्मेदार-- -- -- -
चिल्ली मल-धाने के बीच यमुना नदी पर पुल का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में पुल के डिजाइन और एस्टीमेट बनाने का काम चल रहा है। यह कार्य पूरा होने के बाद इसे आगे की प्रक्रिया के लिए शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट आवंटन के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकेगा। -एके पंकज, सहायक अभियंता, सेतु निगम
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राजापुर तहसील क्षेत्र के चिल्ली मल गांव और फतेहपुर जिले के विजयीपुर ब्लॉक के धाने गांव के बीच यमुना नदी पर पुल निर्माण की मांग पिछले एक दशक से की जा रही है। पूर्व में सेतु निगम की टीमों ने मौके पर जाकर मिट्टी का सर्वे और परीक्षण भी किया था, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। विभिन्न कारणों से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। हाल ही में, एक बार फिर स्थल चयन, पुल की डिजाइन, रेखांकन, ढलान और अन्य तकनीकी बिंदुओं का परीक्षण किया गया है।
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चित्रकूट के पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने चार दिन पहले जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यमुना नदी पर पुल निर्माण कराने की मांग को लेकर एक पत्र सौंपा है। पूर्व सांसद का कहना है कि इस पुल के निर्माण से चित्रकूट से फतेहपुर, लखनऊ, रायबरेली सहित अन्य जिलों का आवागमन अत्यंत सुगम हो जाएगा। इस पहल से स्थानीय लोगों को पुल निर्माण की उम्मीद एक बार फिर जगी है। इससे पहले फतेहपुर के सांसद नरेश उत्तम और राज्य मंत्री कृष्णा पासवान भी इस पुल निर्माण की दिशा में पहल कर चुके हैं। इस प्रस्तावित पुल के निर्माण से जिले के चिल्लीमल, सुरसेन, अरकी, बिलास, खदर, वीर धुमाई, सुरकी, कुचौली, घुसाद, चांदी, बांगर, लमियारी जैसे गांवों के निवासी लाभान्वित होंगे। साथ ही, फतेहपुर जिले के चंदापुर, गाजीपुर, कोट, धाना, दरियापुर, गिरधारीपुर, बरार, कुल्ली, खखरेरू, बदनमऊ, रहमतपुर, शाहनगर और शंकरपुर सहित कई अन्य गांवों के लोगों की आवाजाही भी बेहद आसान हो जाएगी।
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पुल बनने से नहीं लगाना पड़ेगा 25 किमी का चक्कर
चिल्ली मल और धाने के बीच प्रस्तावित पुल के निर्माण से दोनों जिलों के लोगों को लगभग 20 से 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। वर्तमान में लोगों को चित्रकूट से फतेहपुर या अन्य जिलों तक पहुंचने के लिए कौशांबी से राजापुर होकर या फिर कमासिन होकर आवागमन करना पड़ता है, जो काफी लंबा और थकाऊ मार्ग है।
यमुना नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों को आज भी नदी पार करने के लिए नाव का ही सहारा लेना पड़ता है। बारिश के दिनों में यह सफर बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित होता है। अब तक कई बार नाव पलटने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें जान भी जा चुकी है। नाव पलटने से फतेहपुर जिले के किशनपुर थाना के एक उप-निरीक्षक और एक सिपाही की मौत भी हो चुकी है। बांदा के मर्का में भी नाव पलटने की घटना सामने आ चुकी है।
बोले जिम्मेदार
चिल्ली मल-धाने के बीच यमुना नदी पर पुल का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में पुल के डिजाइन और एस्टीमेट बनाने का काम चल रहा है। यह कार्य पूरा होने के बाद इसे आगे की प्रक्रिया के लिए शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट आवंटन के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकेगा। -एके पंकज, सहायक अभियंता, सेतु निगम