{"_id":"6a81fdb57de267c6bb085c0f","slug":"the-mandakini-overflowed-its-banks-twice-water-entered-the-shops-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1001-135095-2026-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: मंदाकिनी दो बार उफनाई, दुकानों में घुसा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: मंदाकिनी दो बार उफनाई, दुकानों में घुसा पानी
Sun, 16 Aug 2026 11:43 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 16 Aug 2026 11:43 PM IST
विज्ञापन
फोटो 16 सीकेटीपी 25 रामघाट के मुख्य मार्ग पर बाढ़ के बीच निकलते श्रद्धालु। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। मध्य प्रदेश क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बाद स्वतंत्रता दिवस पर मंदाकिनी नदी दो बार उफना गई।
15 अगस्त को सुबह और रात में नदी का पानी रामघाट की दुकानों में घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान हुआ। रविवार को जलस्तर में गिरावट आई लेकिन घाटों पर कीचड़ और गंदगी बनी हुई है।
शनिवार सुबह नौ बजे मंदाकिनी का पानी रामघाट की मुख्य सड़क पर दो-तीन फीट तक पहुंच गया। दुकानों में पानी भरने से दुकानदारों ने सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
कुछ घंटों बाद बाढ़ का पानी कम हुआ जिससे थोड़ी राहत मिली। हालांकि, शनिवार रात नौ बजे मंदाकिनी फिर उफनाई और पानी दोबारा दुकानों तक पहुंच गया। रविवार सुबह तक रामघाट पर स्थिति चिंताजनक बनी रही। दोपहर बाद जलस्तर घटने पर पानी धीरे-धीरे उतरा और दुकानदारों ने सफाई शुरू की।
विज्ञापन
मानिकपुर क्षेत्र में बरदहा नदी के उफनाने से कई गांवों का संपर्क टूट गया था जो रविवार दोपहर बाद बहाल हो गया। सावन में रामघाट स्थित मतगजेंद्रनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जलस्तर अधिक होने से रामघाट पर पानी भरा है और श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा है। वे वैकल्पिक मार्गों से मंदिर पहुंच रहे हैं। कमलेश तिवारी और रामहित मिश्र ने बताया कि नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण स्नान नहीं कर पाए।
पानी उतरने के बाद सुंदर घाट और गुप्ता घाट की सीढ़ियों पर कीचड़ और कचरा जमा हो गया है। स्थानीय सुनील निषाद और बच्चा निषाद ने बताया कि तीसरे दिन पानी तो उतर गया लेकिन गंदगी की वजह से स्नान नहीं हो पा रहा। उन्होंने प्रशासन से तुरंत सफाई कराने की मांग की है।
अपर जिलाधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि मंदाकिनी और बरदहा दोनों नदियों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। उम्मीद है कि देर शाम तक रामघाट में भरा शेष पानी भी निकल जाएगा।
विज्ञापन
15 अगस्त को सुबह और रात में नदी का पानी रामघाट की दुकानों में घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान हुआ। रविवार को जलस्तर में गिरावट आई लेकिन घाटों पर कीचड़ और गंदगी बनी हुई है।
शनिवार सुबह नौ बजे मंदाकिनी का पानी रामघाट की मुख्य सड़क पर दो-तीन फीट तक पहुंच गया। दुकानों में पानी भरने से दुकानदारों ने सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
विज्ञापन
कुछ घंटों बाद बाढ़ का पानी कम हुआ जिससे थोड़ी राहत मिली। हालांकि, शनिवार रात नौ बजे मंदाकिनी फिर उफनाई और पानी दोबारा दुकानों तक पहुंच गया। रविवार सुबह तक रामघाट पर स्थिति चिंताजनक बनी रही। दोपहर बाद जलस्तर घटने पर पानी धीरे-धीरे उतरा और दुकानदारों ने सफाई शुरू की।
विज्ञापन
मानिकपुर क्षेत्र में बरदहा नदी के उफनाने से कई गांवों का संपर्क टूट गया था जो रविवार दोपहर बाद बहाल हो गया। सावन में रामघाट स्थित मतगजेंद्रनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जलस्तर अधिक होने से रामघाट पर पानी भरा है और श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा है। वे वैकल्पिक मार्गों से मंदिर पहुंच रहे हैं। कमलेश तिवारी और रामहित मिश्र ने बताया कि नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण स्नान नहीं कर पाए।
पानी उतरने के बाद सुंदर घाट और गुप्ता घाट की सीढ़ियों पर कीचड़ और कचरा जमा हो गया है। स्थानीय सुनील निषाद और बच्चा निषाद ने बताया कि तीसरे दिन पानी तो उतर गया लेकिन गंदगी की वजह से स्नान नहीं हो पा रहा। उन्होंने प्रशासन से तुरंत सफाई कराने की मांग की है।
अपर जिलाधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि मंदाकिनी और बरदहा दोनों नदियों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। उम्मीद है कि देर शाम तक रामघाट में भरा शेष पानी भी निकल जाएगा।