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Chitrakoot News: बंदी के खुदकुशी प्रकरण की होगी मजिस्ट्रेटी जांच
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बांदा। दुष्कर्म व पाक्सो के आरोपी बंदी के मंडल कारागार के अंदर फंदा लगाकर खुदकुशी करने के मामले की जांच की कड़ी में अब इस पूरे प्रकरण में मजिस्ट्रेटियल जांच की संस्तुति की गई है। जेल अधीक्षक पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर लखनऊ भेज रहे हैं। उन्होंने खुद इस प्रकरण में मजिस्ट्रेटियल जांच की बात कही है।
अतर्रा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी अभिषेक आरख (24) को पुलिस ने 11 मार्च को अपनी ही नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म करने व पाक्सो एक्ट के तहत जेल भेजा था। यहां गुरुवार की दोपहर करीब तीन बजे खाना बनाने के लिए पाकशाला में ड्यूटी करने के दौरान बगल में स्थित गैस गोदाम में जाकर फंदा लगा लिया था। बाद में अन्य कैदियों ने उसे टिनशेड के लोहे के एंगल से फंदे से लटका देखा था। कैदियों ने जेल अधिकारियों को सूचना दी थी, कैदियों ने उसे फंदे से उतारकर जेल अस्पताल ले गए थे, वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस प्रकरण में जेल अधीक्षक ने ड्यूटी में रहे एक जेल वार्डर को निलंबित भी कर दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हैगिंग आया था। जेल के अंदर घटना होने से कारागार निदेशालय ने प्रयागराज परिक्षेत्र के डीआईजी जेल राजेश श्रीवास्तव को जांच सौंपी थी। डीआईजी ने शुक्रवार की रात साढ़े सात बजे जेल जाकर जांच की थी। तीन घंटे तक उन्होंने पाकशाला से लेकर गैस गोदाम तक जांच की थी। पूरा ब्यौरा तैयार किया था। उन्होंने पांच कैदियों, तीन डिप्टी जेलर और दो जेल वार्डरों के बयान लिए थे। उधर, इस प्रकरण की जांच चित्रकूट के जेल अधीक्षक को सौंपी गई है।
अब इस प्रकरण में बांदा जेल अधीक्षक ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर मजिस्ट्रेटी जांच कराए जाने की संतुति की है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट ह्यमन राइट कमीशन लखनऊ को भेजने की बात कही है।
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बंदी की खुदकुशी प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर ह्यूमन राइट कमीशन लखनऊ को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में उन्होंने मजिस्ट्रेटी जांच कराए जाने की संतुति की है। -शशिकांत सिंह, जेल अधीक्षक, बांदा।
11 मार्च से खुदकुशी तक कोई भी परिजन नहीं आया जेल में मुलाकात करने
बांदा। अतर्रा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी अभिषेक आरख बीती 11 मार्च को जेल आया था। तब से खुदकुशी करने तक उससे कोई भी परिजन मुलाकात करने नहीं आए थे। अलबत्ता रिकार्ड में इतना मिला है कि न्यायालय में दौरान पेशी को दो मार्च को परिजनों ने उससे यह जरूर कहा था कि जैसा किया है वैसा भुगतो। जेल अधीक्षक का कहना है कि संभवत: इसी तनाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है।
अतर्रा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी अभिषेक आरख (24) को पुलिस ने 11 मार्च को अपनी ही नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म करने व पाक्सो एक्ट के तहत जेल भेजा था। यहां गुरुवार की दोपहर करीब तीन बजे खाना बनाने के लिए पाकशाला में ड्यूटी करने के दौरान बगल में स्थित गैस गोदाम में जाकर फंदा लगा लिया था। बाद में अन्य कैदियों ने उसे टिनशेड के लोहे के एंगल से फंदे से लटका देखा था। कैदियों ने जेल अधिकारियों को सूचना दी थी, कैदियों ने उसे फंदे से उतारकर जेल अस्पताल ले गए थे, वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस प्रकरण में जेल अधीक्षक ने ड्यूटी में रहे एक जेल वार्डर को निलंबित भी कर दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हैगिंग आया था। जेल के अंदर घटना होने से कारागार निदेशालय ने प्रयागराज परिक्षेत्र के डीआईजी जेल राजेश श्रीवास्तव को जांच सौंपी थी। डीआईजी ने शुक्रवार की रात साढ़े सात बजे जेल जाकर जांच की थी। तीन घंटे तक उन्होंने पाकशाला से लेकर गैस गोदाम तक जांच की थी। पूरा ब्यौरा तैयार किया था। उन्होंने पांच कैदियों, तीन डिप्टी जेलर और दो जेल वार्डरों के बयान लिए थे। उधर, इस प्रकरण की जांच चित्रकूट के जेल अधीक्षक को सौंपी गई है।
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अब इस प्रकरण में बांदा जेल अधीक्षक ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर मजिस्ट्रेटी जांच कराए जाने की संतुति की है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट ह्यमन राइट कमीशन लखनऊ को भेजने की बात कही है।
बंदी की खुदकुशी प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर ह्यूमन राइट कमीशन लखनऊ को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में उन्होंने मजिस्ट्रेटी जांच कराए जाने की संतुति की है। -शशिकांत सिंह, जेल अधीक्षक, बांदा।
11 मार्च से खुदकुशी तक कोई भी परिजन नहीं आया जेल में मुलाकात करने
बांदा। अतर्रा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी अभिषेक आरख बीती 11 मार्च को जेल आया था। तब से खुदकुशी करने तक उससे कोई भी परिजन मुलाकात करने नहीं आए थे। अलबत्ता रिकार्ड में इतना मिला है कि न्यायालय में दौरान पेशी को दो मार्च को परिजनों ने उससे यह जरूर कहा था कि जैसा किया है वैसा भुगतो। जेल अधीक्षक का कहना है कि संभवत: इसी तनाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है।