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Chitrakoot News: देवांगना एयरपोर्ट पर विमानों का इंतजार, अब तहसीलों में बनेंगे हेलीपैड
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 23 Jan 2026 12:43 AM IST
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22 सीकेटीपी-06- देवांगना स्थित हवाई अड्डा। संवाद
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चित्रकूट। करोड़ों की लागत से भगवान श्रीराम की तपोभूमि देवांगना में भले ही एयरपोर्ट बना हो लेकिन पिछले एक साल से यह हवाई सेवा के लिए तरस रहा है। तकनीकी खामियों के चलते एयरपोर्ट पर विमानों का उतरना बंद है। ऐसे में शासन का यह फरमान हैरान करने वाला है कि अब जनपद की तहसीलों और ब्लॉक मुख्यालयों पर हेलीपैड बनाए जाएंगे। इस आदेश के बाद लोक निर्माण विभाग ने तहसील और ब्लॉक स्तर पर हेलीपैड निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है।
देवांगना घाटी में 98 करोड़ से हवाई अड्डा का बनाया गया था। वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने संयुक्त रूप से इसका शुभारंभ किया था। कुछ महीनों तक इस एयरपोर्ट पर यात्रियों को हवाई सेवा मिली। बाद में तकनीकी खामियों का हवाला देकर उसे बंद कर दिया। तब से देवांगना एयरपोर्ट पर हवाई सेवा बंद है। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इन खामियों को दूर नहीं किया जा सका है। इसी बीच, शासन ने तहसील व ब्लॉक स्तर पर हेलीपैड बनाने का आदेश जारी कर दिया है।
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हेलीपैड निर्माण में खर्च होंगे 30 लाख
जिले में कुल चार तहसील व पांच विकासखंड हैं। ब्लॉक व तहसील पर हेलीपैड निर्माण होगा। इस पर करीब 30 लाख रुपये खर्च होंगे। इस हेलीपैड निर्माण में पक्का हेलीपैड, चारदीवारी, पेयजल समेत अन्य सुविधाओं को सुसज्जित करने के काम होंगे। निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को मिली है। हेलीपैड निर्माण के लिए जमीन चिह्नांकन में राजस्व विभाग सक्रिय रूप से जुटा है। शासन की मंशा है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य अति विशिष्ट अतिथियों के आगमन के दौरान अस्थायी हेलीपैड तैयार करने की आवश्यकता न पड़े। साथ ही आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में भी हेलीकॉप्टर सेवाओं का त्वरित उपयोग हो सके।
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डीएम ने भूमि चयन के दिए निर्देश
डीएम पुलकित गर्ग ने निर्देश दिए हैं कि एसडीएम च बीडीओ जल्द से जल्द सही भूमि का चयन करें। भूमि उपलब्ध होते ही डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। यह योजना न केवल वीआईपी दौरों को सुगम बनाएगी, बल्कि बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति देगी। इसके अलावा पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ले में हेलीपैड बनने से देशी-विदेशी पर्यटकों और निवेशकों के आवागमन में भी सुविधा मिलेगी।
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बोले जिम्मेदार
शासन के निर्देश पर जनपद के तहसील व ब्लॉक स्तर पर हेलीपैड बनाए जाएंगे। तकनीकी मानकों पर आधारित कार्ययोजना तैयार की जा रही है। चयनित स्थलों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। हेलीपैड निर्माण में मजबूत कंक्रीट सतह, स्टील सुदृढ़ीकरण, स्पष्ट एच मार्किंग, नाइट लैंडिंग के लिए लाइटिंग और अग्निशमन व्यवस्था रहेगी।
-जितेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि प्रांतीय खंड
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देवांगना घाटी में 98 करोड़ से हवाई अड्डा का बनाया गया था। वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने संयुक्त रूप से इसका शुभारंभ किया था। कुछ महीनों तक इस एयरपोर्ट पर यात्रियों को हवाई सेवा मिली। बाद में तकनीकी खामियों का हवाला देकर उसे बंद कर दिया। तब से देवांगना एयरपोर्ट पर हवाई सेवा बंद है। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इन खामियों को दूर नहीं किया जा सका है। इसी बीच, शासन ने तहसील व ब्लॉक स्तर पर हेलीपैड बनाने का आदेश जारी कर दिया है।
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हेलीपैड निर्माण में खर्च होंगे 30 लाख
जिले में कुल चार तहसील व पांच विकासखंड हैं। ब्लॉक व तहसील पर हेलीपैड निर्माण होगा। इस पर करीब 30 लाख रुपये खर्च होंगे। इस हेलीपैड निर्माण में पक्का हेलीपैड, चारदीवारी, पेयजल समेत अन्य सुविधाओं को सुसज्जित करने के काम होंगे। निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को मिली है। हेलीपैड निर्माण के लिए जमीन चिह्नांकन में राजस्व विभाग सक्रिय रूप से जुटा है। शासन की मंशा है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य अति विशिष्ट अतिथियों के आगमन के दौरान अस्थायी हेलीपैड तैयार करने की आवश्यकता न पड़े। साथ ही आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में भी हेलीकॉप्टर सेवाओं का त्वरित उपयोग हो सके।
डीएम ने भूमि चयन के दिए निर्देश
डीएम पुलकित गर्ग ने निर्देश दिए हैं कि एसडीएम च बीडीओ जल्द से जल्द सही भूमि का चयन करें। भूमि उपलब्ध होते ही डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। यह योजना न केवल वीआईपी दौरों को सुगम बनाएगी, बल्कि बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति देगी। इसके अलावा पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ले में हेलीपैड बनने से देशी-विदेशी पर्यटकों और निवेशकों के आवागमन में भी सुविधा मिलेगी।
बोले जिम्मेदार
शासन के निर्देश पर जनपद के तहसील व ब्लॉक स्तर पर हेलीपैड बनाए जाएंगे। तकनीकी मानकों पर आधारित कार्ययोजना तैयार की जा रही है। चयनित स्थलों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। हेलीपैड निर्माण में मजबूत कंक्रीट सतह, स्टील सुदृढ़ीकरण, स्पष्ट एच मार्किंग, नाइट लैंडिंग के लिए लाइटिंग और अग्निशमन व्यवस्था रहेगी।
-जितेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि प्रांतीय खंड
