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Chitrakoot News: मौसम की मार, महीने भर में पीलिया के 351 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 03 Apr 2026 12:39 AM IST
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फोटो- 08 ब्लड की जांच के लिए लगी मरीजों की लाइन। संवाद
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बांदा। मौसम में बदलाव से बड़ी संख्या में बच्चे, बुजुर्गों की सेहत खराब हो रही है। तेज धूप तो कभी हल्की बारिश व प्रदूषित पानी से बुजुर्ग, बच्चे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी अस्पताल व निजी क्लीनिक ऐसे मरीजों से भरे पड़े हैं। डाक्टरों के अनुसार ज्यादातर बच्चों में पीलिया व वायरल बुखार पाया जा रहा है। पिछले एक माह में जिला अस्पताल में बच्चों सहित 351 की जांच में पीलिया होना सामने आया है।
जिले में बुखार व पीलिया की बीमारी पांव पसार रही है। सरकारी व गैर सरकारी अस्पताल ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो एक माह में डॉक्टरों ने 5580 मरीजों को पीलिया के लक्षण पाए जाने पर 28,418 प्रकार की जांचे कराईं। जिसमें 1180 बच्चे भी शामिल थे।
आईयूआईपीएचएल लैब के प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि 150 बच्चों व 201 अन्य मरीजों में पीलिया की पुष्टि हुई है। बताया कि मार्च के पहले तक पीलिया के एक दो मरीज ही पॉजिटिव निकल रहे थे लेकिन 10 मार्च के बाद एकाएक पीलिया के मरीज बढ़े हैं। इनमें बच्चे कुछ ज्यादा ही बीमार हैं। बच्चों में पीलिया व टाईफाइड ज्यादा पाया जा रहा है।
कहा कि मार्च के मौसम में पीलिया कुछ ज्यादा ही फैलता है गर्मी, सदी के मौसम में बचाव करना चाहिए। पानी को उबाल कर पीना चाहिए। एक या दो दिन बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लेना चाहिए। जांच के पश्चात नियमित दवाओं का सेवन करें। लापरवाही पर पीलिया सीधे लिवर पर चोट करता है।
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मार्च माह का मरीजों का डाटा
जिला अस्पताल में पंजीकृत मरीज 47490
लैब में जांच कराने वाले मरीज- 5580
कुल की गई जांचे 28418
पीलिया पॉजिटिव मरीज 351
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हल्का सुपाच्य भोजन व गर्म पानी पीये
जिला अस्पताल के डा. विनीत सचान का कहना है कि पीलिया व टाईफाइड में लिवर को आराम देने के लिए हल्का सुपाच्च भोजन जैसे खिचड़ी, पपीता, गन्ने का रस, नारियल पानी, नीबू, गाजर, टमाटर, पालक आदि खाए व पीये।
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वर्जन-
टाईफाइड व पीलिया ज्यादातर दूषित पानी के सेवन से फैलता है। पानी को गर्म कर उसके बाद उसे पीना चाहिए और हल्का भोजन करें। नगर निकायों को साफ-सफाई के लिए पत्र लिखा गया है।
विजेंद्र कुमार
मुख्य चिकित्साधिकारी
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जिले में बुखार व पीलिया की बीमारी पांव पसार रही है। सरकारी व गैर सरकारी अस्पताल ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो एक माह में डॉक्टरों ने 5580 मरीजों को पीलिया के लक्षण पाए जाने पर 28,418 प्रकार की जांचे कराईं। जिसमें 1180 बच्चे भी शामिल थे।
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आईयूआईपीएचएल लैब के प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि 150 बच्चों व 201 अन्य मरीजों में पीलिया की पुष्टि हुई है। बताया कि मार्च के पहले तक पीलिया के एक दो मरीज ही पॉजिटिव निकल रहे थे लेकिन 10 मार्च के बाद एकाएक पीलिया के मरीज बढ़े हैं। इनमें बच्चे कुछ ज्यादा ही बीमार हैं। बच्चों में पीलिया व टाईफाइड ज्यादा पाया जा रहा है।
कहा कि मार्च के मौसम में पीलिया कुछ ज्यादा ही फैलता है गर्मी, सदी के मौसम में बचाव करना चाहिए। पानी को उबाल कर पीना चाहिए। एक या दो दिन बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लेना चाहिए। जांच के पश्चात नियमित दवाओं का सेवन करें। लापरवाही पर पीलिया सीधे लिवर पर चोट करता है।
मार्च माह का मरीजों का डाटा
जिला अस्पताल में पंजीकृत मरीज 47490
लैब में जांच कराने वाले मरीज- 5580
कुल की गई जांचे 28418
पीलिया पॉजिटिव मरीज 351
हल्का सुपाच्य भोजन व गर्म पानी पीये
जिला अस्पताल के डा. विनीत सचान का कहना है कि पीलिया व टाईफाइड में लिवर को आराम देने के लिए हल्का सुपाच्च भोजन जैसे खिचड़ी, पपीता, गन्ने का रस, नारियल पानी, नीबू, गाजर, टमाटर, पालक आदि खाए व पीये।
वर्जन-
टाईफाइड व पीलिया ज्यादातर दूषित पानी के सेवन से फैलता है। पानी को गर्म कर उसके बाद उसे पीना चाहिए और हल्का भोजन करें। नगर निकायों को साफ-सफाई के लिए पत्र लिखा गया है।
विजेंद्र कुमार
मुख्य चिकित्साधिकारी

फोटो- 08 ब्लड की जांच के लिए लगी मरीजों की लाइन। संवाद