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Deoria News: आइल आइल बसंत सरसाइल रे....से बटोरी वाहवाही
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:08 AM IST
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देवरिया। नागरी प्रचारिणी सभा की द्वितीय रविवारीय काव्य गोष्ठी रविवार को तुलसी सभागार में हुई। क्षमा श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत वाणी वंदना आ जाओ मां शारदे करके सवारी हंस पर, के पश्चात प्रसिद्ध गीतकार दयाशंकर कुशवाहा ने दिल टूटने का गम उनको नहीं हुआ मेरा हाल हो गया सब कुछ धुआं धुआं...गीत के माध्यम से श्रोताओं को वियोग श्रृंगार सागर में अवगाहन कराया। आगे गोपाल जी त्रिपाठी ने भोजपुरी गीत आइल आइल बसंत सरसाइल रे...से सबको बसंती रंग में सराबोर कर वाहवाही बटोरी।
माह के कवि के रूप में अध्यक्ष जयनाथ मणि त्रिपाठी, मंत्री डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी, उपाध्यक्ष इंद्र कुमार दीक्षित, गोपाल त्रिपाठी को सम्मानित किया गया। रमेश सिंह दीपक ने भी भोजपुरी गीत धन बांटे त ढेर ना धधाये के चाही सुनाया। पार्वती देवी गौरा ने आज बसंत आयो सखी री हर डालिन फूल खिलावत है...गीत से बसंत का स्वागत किया। गोष्ठी को आगे बढ़ाते हुए सच्चिदानंद सबेरा ने अइसे बढ़त रहि दहेज बेसुमरवा त कभी नाही बिटियन के लागि ना सेनुरवा...भोजपुरी दहेज गीत प्रस्तुत कर सबको गमगीन कर गोष्ठी को ऊंचाई दी। सौदागर सिंह ने हमरे अंगनवा में उतरल बा चांद गोरिया सुनायी।
इसके बाद कवि गोष्ठी में उपस्थित कीर्ति त्रिपाठी, क्षमा श्रीवास्तव, शिखा गौड़, सीमा नयन सरोज कुमार पाडेय, कौशल किशोर मणि, लालता प्रसाद चौधरी, सुनील त्रिपाठी, डॉ. एसएन मणि, नीरजा सिंह आदि कवियों ने विविध भाव बोध और रस, छंद से सुसज्जित रचनाएं प्रस्तुत किया। गोष्ठी का संचालन प्रीति पांडेय ने किया।
सभा के मंत्री डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी ने श्रोताओं और कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर इंद्र कुमार दीक्षित, रवीन्द्र नाथ तिवारी, अंजनी उपाध्याय, सुबास राय पूर्व सभासद, जगदीश उपाध्याय, अरुण कुमार, ऋषिकेश मिश्र, सरोज कुमार पाण्डेय, पुण्यदेव मणि त्रिपाठी, उद्भव मिश्र मौजूद रहे। संवाद
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माह के कवि के रूप में अध्यक्ष जयनाथ मणि त्रिपाठी, मंत्री डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी, उपाध्यक्ष इंद्र कुमार दीक्षित, गोपाल त्रिपाठी को सम्मानित किया गया। रमेश सिंह दीपक ने भी भोजपुरी गीत धन बांटे त ढेर ना धधाये के चाही सुनाया। पार्वती देवी गौरा ने आज बसंत आयो सखी री हर डालिन फूल खिलावत है...गीत से बसंत का स्वागत किया। गोष्ठी को आगे बढ़ाते हुए सच्चिदानंद सबेरा ने अइसे बढ़त रहि दहेज बेसुमरवा त कभी नाही बिटियन के लागि ना सेनुरवा...भोजपुरी दहेज गीत प्रस्तुत कर सबको गमगीन कर गोष्ठी को ऊंचाई दी। सौदागर सिंह ने हमरे अंगनवा में उतरल बा चांद गोरिया सुनायी।
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इसके बाद कवि गोष्ठी में उपस्थित कीर्ति त्रिपाठी, क्षमा श्रीवास्तव, शिखा गौड़, सीमा नयन सरोज कुमार पाडेय, कौशल किशोर मणि, लालता प्रसाद चौधरी, सुनील त्रिपाठी, डॉ. एसएन मणि, नीरजा सिंह आदि कवियों ने विविध भाव बोध और रस, छंद से सुसज्जित रचनाएं प्रस्तुत किया। गोष्ठी का संचालन प्रीति पांडेय ने किया।
सभा के मंत्री डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी ने श्रोताओं और कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर इंद्र कुमार दीक्षित, रवीन्द्र नाथ तिवारी, अंजनी उपाध्याय, सुबास राय पूर्व सभासद, जगदीश उपाध्याय, अरुण कुमार, ऋषिकेश मिश्र, सरोज कुमार पाण्डेय, पुण्यदेव मणि त्रिपाठी, उद्भव मिश्र मौजूद रहे। संवाद