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Deoria News: पंचायत भवन की जमीन बैनामे के दौरान 50 लाख हड़पने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 24 Feb 2026 01:25 AM IST
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सलेमपुर। लार ब्लॉक के पड़री गजराज में पंचायत भवन निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है।
भूमि बैनामा करने वाली एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उसने आरोप लगाया है कि उसके खाते में आई 66.67 लाख रुपये की धनराशि उसी दिन वापस निकाल ली गई।
महिला का आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि ने उससे तीन चेक पर हस्ताक्षर कराकर अलग-अलग लोगों के माध्यम से कुल 50 लाख रुपये निकाल लिए। हालांकि एक सप्ताह पहले एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के निर्देश पर तहसीलदार अलका सिंह ने दोनों पक्षों को बुलाकर साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था, लेकिन दोनों पक्ष आधा-अधूरा कागजात पहुंचे थे।
जिसके कारण तहसीलदार ने दोनों पक्ष को एक सप्ताह का मौका दिया और 24 फरवरी को तहसील पहुंच अपना अपना साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा। वायरल वीडियो में एक महिला ने बताया कि पंचायत भवन के लिए उसकी वरासत की भूमि का 20 मई 2025 को बैनामा कराया गया था।
बैनामे के बाद उसके बैंक खाते में 66.67 लाख रुपये की धनराशि आई, लेकिन उसी दिन यह रकम वापस चली गई। महिला का आरोप है कि 8 जुलाई 2025 को दोबारा उसके खाते में पैसा आया।
इसके बाद 11 जुलाई को प्रधान प्रतिनिधि रामप्रताप ने 15 लाख रुपये नकद निकाले और 10 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। 14 जुलाई को भी 15 लाख रुपये दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दिए गए।
सोमवार को वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने महिला का बैंक खाता चेक कराया। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। ग्रामीणों का कहना है कि खाते की प्रविष्टियों से महिला के दावे की पुष्टि होती है। इसके बाद प्रधान प्रतिनिधि के खिलाफ चर्चाएं तेज हो गईं।
उधर, इस मामले में पं. जवाहर लाल कृषक इंटर कॉलेज के प्रबंधक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पड़री गजराज स्थित आराजी संख्या 34 (रकबा 0.081 हेक्टेयर) और आराजी संख्या 25 (रकबा 0.0400 हेक्टेयर) की भूमि को फर्जी तरीके से वरासत दर्ज कराकर पंचायत भवन के नाम बैनामा किया गया।
एसडीएम सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले के बारे में मीडिया के माध्यम से मुझे अभी जानकारी हुई है। मंगलवार को दोनों पक्ष को तहसील बुलाया गया है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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भूमि बैनामा करने वाली एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उसने आरोप लगाया है कि उसके खाते में आई 66.67 लाख रुपये की धनराशि उसी दिन वापस निकाल ली गई।
महिला का आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि ने उससे तीन चेक पर हस्ताक्षर कराकर अलग-अलग लोगों के माध्यम से कुल 50 लाख रुपये निकाल लिए। हालांकि एक सप्ताह पहले एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के निर्देश पर तहसीलदार अलका सिंह ने दोनों पक्षों को बुलाकर साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था, लेकिन दोनों पक्ष आधा-अधूरा कागजात पहुंचे थे।
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जिसके कारण तहसीलदार ने दोनों पक्ष को एक सप्ताह का मौका दिया और 24 फरवरी को तहसील पहुंच अपना अपना साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा। वायरल वीडियो में एक महिला ने बताया कि पंचायत भवन के लिए उसकी वरासत की भूमि का 20 मई 2025 को बैनामा कराया गया था।
बैनामे के बाद उसके बैंक खाते में 66.67 लाख रुपये की धनराशि आई, लेकिन उसी दिन यह रकम वापस चली गई। महिला का आरोप है कि 8 जुलाई 2025 को दोबारा उसके खाते में पैसा आया।
इसके बाद 11 जुलाई को प्रधान प्रतिनिधि रामप्रताप ने 15 लाख रुपये नकद निकाले और 10 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। 14 जुलाई को भी 15 लाख रुपये दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दिए गए।
सोमवार को वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने महिला का बैंक खाता चेक कराया। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। ग्रामीणों का कहना है कि खाते की प्रविष्टियों से महिला के दावे की पुष्टि होती है। इसके बाद प्रधान प्रतिनिधि के खिलाफ चर्चाएं तेज हो गईं।
उधर, इस मामले में पं. जवाहर लाल कृषक इंटर कॉलेज के प्रबंधक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पड़री गजराज स्थित आराजी संख्या 34 (रकबा 0.081 हेक्टेयर) और आराजी संख्या 25 (रकबा 0.0400 हेक्टेयर) की भूमि को फर्जी तरीके से वरासत दर्ज कराकर पंचायत भवन के नाम बैनामा किया गया।
एसडीएम सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले के बारे में मीडिया के माध्यम से मुझे अभी जानकारी हुई है। मंगलवार को दोनों पक्ष को तहसील बुलाया गया है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
