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Deoria News: रिपोर्ट दर्ज के 23 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 24 Feb 2026 01:26 AM IST
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सलेमपुर। श्री सरवार संस्कृत महाविद्यालय में तीन शिक्षकों के फर्जी नियुक्ति के मामले में पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। इस मामले में 23 दिन पहले पुलिस ने पूर्व व वर्तमान प्रबंधक समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने यह कार्रवाई सह जिला विद्यालय निरीक्षक की शिकायत पत्र पर की थी।
सह जिला विद्यालय निरीक्षक निलेश कुमार पांडेय ने 31 जनवरी को पुलिस को शिकायती पत्र देकर बताया था कि वर्ष 2007 में तत्कालीन प्रबंधक सदर कोतवाली क्षेत्र के कसया रोड गायत्रीपुरम निवासी सेतवान उर्फ सेतबंधू तिवारी ने बिना सक्षम अनुमोदन के एसटी तिवारी, योगेश्वर नाथ तिवारी और दिनावती त्रिपाठी को शिक्षक पद पर नियुक्त कर दिया। तीनों नियुक्तियां नियमों के विपरीत हैं।
जांच के दौरान जब नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली गई तो तत्कालीन प्रबंधक ने वर्तमान प्रबंधक मनोज कुमार श्रीवास्तव पर फर्जी नियुक्ति का आरोप लगाया। वहीं वर्तमान प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव ने नियुक्ति की जिम्मेदारी तत्कालीन प्रबंधक पर डाल दी। दोनों के अलग-अलग दावों के बाद मामला संदिग्ध हो गया।
पुलिस ने 31 जनवरी को तत्कालीन प्रबंधक सेतवान उर्फ सेतबंधू, वर्तमान प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव, टीचर्स कॉलोनी वार्ड के रहने वाले एसटी तिवारी, पंडित हरिया गांव निवासी योगेश्वर नाथ तिवारी व मईल थाना क्षेत्र के कसिली गांव निवासी दिनावती त्रिपाठी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और साजिश समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
कोतवाल महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि मामले में विवेचना की जा रही है। आरोपियों की तलाश जारी है, लेकिन लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते गिरफ्तारी करने में दिक्कत हो रही है।
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सह जिला विद्यालय निरीक्षक निलेश कुमार पांडेय ने 31 जनवरी को पुलिस को शिकायती पत्र देकर बताया था कि वर्ष 2007 में तत्कालीन प्रबंधक सदर कोतवाली क्षेत्र के कसया रोड गायत्रीपुरम निवासी सेतवान उर्फ सेतबंधू तिवारी ने बिना सक्षम अनुमोदन के एसटी तिवारी, योगेश्वर नाथ तिवारी और दिनावती त्रिपाठी को शिक्षक पद पर नियुक्त कर दिया। तीनों नियुक्तियां नियमों के विपरीत हैं।
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जांच के दौरान जब नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली गई तो तत्कालीन प्रबंधक ने वर्तमान प्रबंधक मनोज कुमार श्रीवास्तव पर फर्जी नियुक्ति का आरोप लगाया। वहीं वर्तमान प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव ने नियुक्ति की जिम्मेदारी तत्कालीन प्रबंधक पर डाल दी। दोनों के अलग-अलग दावों के बाद मामला संदिग्ध हो गया।
पुलिस ने 31 जनवरी को तत्कालीन प्रबंधक सेतवान उर्फ सेतबंधू, वर्तमान प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव, टीचर्स कॉलोनी वार्ड के रहने वाले एसटी तिवारी, पंडित हरिया गांव निवासी योगेश्वर नाथ तिवारी व मईल थाना क्षेत्र के कसिली गांव निवासी दिनावती त्रिपाठी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और साजिश समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
कोतवाल महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि मामले में विवेचना की जा रही है। आरोपियों की तलाश जारी है, लेकिन लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते गिरफ्तारी करने में दिक्कत हो रही है।
