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Deoria News: बिजली...ढीली ‘व्यवस्था’ ले रही जान
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 27 Feb 2026 01:24 AM IST
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सलेमपुर। क्षेत्र में जर्जर बिजली के तार और असुरक्षित तरीके से रखे गए ट्रांसफार्मर आए दिन हादसे की वजह बन रहे हैं। बुधवार को सलेमपुर-बरठा मार्ग पर हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक ट्रक चालक की मौत हो गई थी।
इसको लेकर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उधर, तरकुलवा थाना क्षेत्र अंतर्गत तरकुलवा-बंजरिया मार्ग पर बुधवार की रात में गन्ना लदे एक ट्रक में हाईटेंशन लाइन का तार उलझ गया। संयोग ही था कि उस वक्त बिजली आपूर्ति बंद चालू नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। सलेमपुर-बरठा मार्ग पर बुधवार को जिस जगह हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक ट्रक चालक की मौत हो गई थी, उसी जगह पिछले साल ढीले तारों की वजह से गेहूं के खेत में आग लग गई थी। उसी जगह पिछले साल ढीले तारों की वजह से गेहूं के खेत में आग लग गई थी। आग से कई लोगों के घर भी जल गए थे। इस घटनास्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर सड़क के किनारे ही 63 केवीए का ट्रांसफार्मर रखा है। इससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
बरठा-सलेमपुर मार्ग पर बुधवार को धनौती ढाला गांव के कोटवा टोला निवासी रामप्रताप कुशवाहा (55) बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे ट्रक लेकर जा रहे थे। इसी दौरान ट्रक का ऊपरी हिस्सा हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया।
आवाज सुनकर ट्रक चालक रामप्रताप बाहर निकलने के लिए जैसे ही लोहे का फाटक छुए, वे उससे ही चिपक गए। ट्रक में आग भी लग गई।
करंट लगने की वजह से चालक की मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि घटना के बाद आसपास के लोगों ने बिजली निगम के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने रिसीव नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि बिराजभार गांव के जिस स्थान पर बुधवार को ट्रक चालक की मौत हुई, उसी स्थान पर पिछले वर्ष गर्मियों में शॉर्ट सर्किट की वजह से गेहूं की फसल में आग लग गई थी। आग की चपेट में आने से कई लोगों की झोपड़ियां जल गई थीं।
उस घटना के बाद भी तार को बदलने या दुरुस्त करने की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। गांव के बाहर सड़क किनारे बिना किसी सुरक्षा घेरा के खुले में ट्रांसफार्मर रखा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं लोहरौली गांव के ग्रामीणों ने भी जर्जर तार बदलवाने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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इसको लेकर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उधर, तरकुलवा थाना क्षेत्र अंतर्गत तरकुलवा-बंजरिया मार्ग पर बुधवार की रात में गन्ना लदे एक ट्रक में हाईटेंशन लाइन का तार उलझ गया। संयोग ही था कि उस वक्त बिजली आपूर्ति बंद चालू नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। सलेमपुर-बरठा मार्ग पर बुधवार को जिस जगह हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक ट्रक चालक की मौत हो गई थी, उसी जगह पिछले साल ढीले तारों की वजह से गेहूं के खेत में आग लग गई थी। उसी जगह पिछले साल ढीले तारों की वजह से गेहूं के खेत में आग लग गई थी। आग से कई लोगों के घर भी जल गए थे। इस घटनास्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर सड़क के किनारे ही 63 केवीए का ट्रांसफार्मर रखा है। इससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
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बरठा-सलेमपुर मार्ग पर बुधवार को धनौती ढाला गांव के कोटवा टोला निवासी रामप्रताप कुशवाहा (55) बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे ट्रक लेकर जा रहे थे। इसी दौरान ट्रक का ऊपरी हिस्सा हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया।
आवाज सुनकर ट्रक चालक रामप्रताप बाहर निकलने के लिए जैसे ही लोहे का फाटक छुए, वे उससे ही चिपक गए। ट्रक में आग भी लग गई।
करंट लगने की वजह से चालक की मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि घटना के बाद आसपास के लोगों ने बिजली निगम के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने रिसीव नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि बिराजभार गांव के जिस स्थान पर बुधवार को ट्रक चालक की मौत हुई, उसी स्थान पर पिछले वर्ष गर्मियों में शॉर्ट सर्किट की वजह से गेहूं की फसल में आग लग गई थी। आग की चपेट में आने से कई लोगों की झोपड़ियां जल गई थीं।
उस घटना के बाद भी तार को बदलने या दुरुस्त करने की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। गांव के बाहर सड़क किनारे बिना किसी सुरक्षा घेरा के खुले में ट्रांसफार्मर रखा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं लोहरौली गांव के ग्रामीणों ने भी जर्जर तार बदलवाने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
