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Deoria News: अमिताभ ठाकुर मामले में एडीजी समेत छह अफसरों के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दाखिल
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देवरिया। सामाजिक कार्यकर्ता और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए एडीजी समेत छह वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ देवरिया सीजेएम कोर्ट में प्रकीर्ण वाद दाखिल किया गया है। यह वाद आजाद अधिकार सेना के पदाधिकारी सिंहासन चौहान की तरफ से प्रस्तुत किया गया है।
वादकारी पक्ष की तरफ से अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी, राहुल गुप्ता, श्रीप्रकाश पांडेय और सचिंद्रनाथ साहनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी कानून के प्रावधानों के विपरीत की गई है और इसमें सत्ता व प्रशासनिक दबाव का दुरुपयोग हुआ है। याचिकाकर्ता सिंहासन चौहान की तरफ से अदालत से मांग की गई कि इस अवैध कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। वाद में यह भी कहा गया है कि गिरफ्तारी के दौरान संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ, जिससे एक स्वतंत्र नागरिक की व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित हुई। पिछले साल दिसंबर में पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर को शाहजहांपुर में ट्रेन से गिरफ्तार किया गया था। तब से वह देवरिया जेल में बंद हैं। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत खराब हो गई थी। उनका इलाज पीजीआई लखनऊ में हुआ।
प्रकीर्ण वाद में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश, पुलिस कमिश्नर लखनऊ अमरेंद्र सेंगर, डीसीपी पश्चिमी लखनऊ विश्वजीत श्रीवास्तव, थाना तालकटोरा के इंस्पेक्टर विनीत सिंह, एसीपी लखनऊ कुलदीप दूबे और अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को आरोपी बनाया गया है। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए याचिका स्वीकार कर ली है और संबंधित थाने से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है।
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वादकारी पक्ष की तरफ से अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी, राहुल गुप्ता, श्रीप्रकाश पांडेय और सचिंद्रनाथ साहनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी कानून के प्रावधानों के विपरीत की गई है और इसमें सत्ता व प्रशासनिक दबाव का दुरुपयोग हुआ है। याचिकाकर्ता सिंहासन चौहान की तरफ से अदालत से मांग की गई कि इस अवैध कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। वाद में यह भी कहा गया है कि गिरफ्तारी के दौरान संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ, जिससे एक स्वतंत्र नागरिक की व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित हुई। पिछले साल दिसंबर में पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर को शाहजहांपुर में ट्रेन से गिरफ्तार किया गया था। तब से वह देवरिया जेल में बंद हैं। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत खराब हो गई थी। उनका इलाज पीजीआई लखनऊ में हुआ।
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प्रकीर्ण वाद में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश, पुलिस कमिश्नर लखनऊ अमरेंद्र सेंगर, डीसीपी पश्चिमी लखनऊ विश्वजीत श्रीवास्तव, थाना तालकटोरा के इंस्पेक्टर विनीत सिंह, एसीपी लखनऊ कुलदीप दूबे और अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को आरोपी बनाया गया है। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए याचिका स्वीकार कर ली है और संबंधित थाने से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है।