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Deoria News: किसानों की गन्ना की खेती के बारे में दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:30 AM IST
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तुलसियापुर। सहकारी गन्ना विकास समिति बढ़नी परिसर में वर्ष 2025-26 के अंतर्गत एक दिवसीय किसान मेला, गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को बसंतकालीन गन्ना बुवाई के प्रति किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक में विशेषज्ञों ने उन्नत खेती और बीज बदलाव पर जोर दिया।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए गन्ना शोध संस्थान, सेवरही के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार मिश्र ने किसानों से पुराने बीजों को बदलकर नई स्वीकृत प्रजातियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि कई प्रजातियां बेहतर पैदावार देने में सक्षम हैं। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक धर्मेंद्र ने गन्ने में लगने वाले घातक लाल सड़न (रेड रॉट), रोग और अन्य कीटों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला गन्ना अधिकारी ललित कुमार ने इनके उपचार के तरीके साझा करते हुए किसानों को ट्रेंच विधि रिंग पिट विधि और पेयर्ड रो तकनीक से बुवाई करने की सलाह दी, ताकि उत्पादन में वृद्धि हो सके।
उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि केवल गन्ने पर निर्भर रहने के बजाय सहफसली खेती अपनाएं। इससे न केवल भूमि की उर्वरता बनी रहती है, बल्कि किसानों की अतिरिक्त आय भी सुनिश्चित होती है। इस अवसर पर जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया, जिससे किसानों को राहत मिली। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने विभाग के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान क्षेत्रीय प्रबंधक इफको डाॅ. शिशपाल, एडीओ एजी रामसेवक, राजनरायन पांडेय, गयासुद्दीन, शत्रुघ्न आदि मौजूद रहे।
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गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए गन्ना शोध संस्थान, सेवरही के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार मिश्र ने किसानों से पुराने बीजों को बदलकर नई स्वीकृत प्रजातियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि कई प्रजातियां बेहतर पैदावार देने में सक्षम हैं। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक धर्मेंद्र ने गन्ने में लगने वाले घातक लाल सड़न (रेड रॉट), रोग और अन्य कीटों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला गन्ना अधिकारी ललित कुमार ने इनके उपचार के तरीके साझा करते हुए किसानों को ट्रेंच विधि रिंग पिट विधि और पेयर्ड रो तकनीक से बुवाई करने की सलाह दी, ताकि उत्पादन में वृद्धि हो सके।
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उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि केवल गन्ने पर निर्भर रहने के बजाय सहफसली खेती अपनाएं। इससे न केवल भूमि की उर्वरता बनी रहती है, बल्कि किसानों की अतिरिक्त आय भी सुनिश्चित होती है। इस अवसर पर जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया, जिससे किसानों को राहत मिली। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने विभाग के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान क्षेत्रीय प्रबंधक इफको डाॅ. शिशपाल, एडीओ एजी रामसेवक, राजनरायन पांडेय, गयासुद्दीन, शत्रुघ्न आदि मौजूद रहे।