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Deoria News: धर्म की रक्षा के लिए प्रभु ने लिया अवतार
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 24 Jan 2026 12:42 AM IST
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बरहज। नगर के नंदना पश्चिमी वार्ड में संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया गया है। शुक्रवार को कथावाचक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए कहा कि पृथ्वी पर जब-जब धर्म की हानि हुई है।
प्रभु ने किसी न किसी रूप में अवतार लेकर दुष्टों का संहार करते हुए धर्म की स्थापना किया है। कथावाचक ने कहा कि द्वापर युग में कंस, जबकि त्रेता युग में रावण के बढ़ते अत्याचारों का दमन करने के लिए प्रभु को कृष्ण और राम के रूप में अवतरित होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि मथुरा में देवकी-वसुदेव के विवाहोपरांत कंस ने बड़े प्रेम से विदाई किया था।
स्वर्ण रथ सहित हजारों दास-दासियां दान में दे दिया था। यहां तक कि कंस रथ को स्वयं ले जा रहा था। लेकिन आकाशवाणी होने पर अताताई कंस ने अपने सगे लोगों को जेल में डाल दिया था। मौके पर डॉ.ओपी शुक्ल, जयप्रकाश शुक्ल, शमशेर सिंह, मदनमोहन मालवीय, प्रदीप मिश्र, सर्वदानंद मिश्र आदि मौजूद रहे। संवाद
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प्रभु ने किसी न किसी रूप में अवतार लेकर दुष्टों का संहार करते हुए धर्म की स्थापना किया है। कथावाचक ने कहा कि द्वापर युग में कंस, जबकि त्रेता युग में रावण के बढ़ते अत्याचारों का दमन करने के लिए प्रभु को कृष्ण और राम के रूप में अवतरित होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि मथुरा में देवकी-वसुदेव के विवाहोपरांत कंस ने बड़े प्रेम से विदाई किया था।
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स्वर्ण रथ सहित हजारों दास-दासियां दान में दे दिया था। यहां तक कि कंस रथ को स्वयं ले जा रहा था। लेकिन आकाशवाणी होने पर अताताई कंस ने अपने सगे लोगों को जेल में डाल दिया था। मौके पर डॉ.ओपी शुक्ल, जयप्रकाश शुक्ल, शमशेर सिंह, मदनमोहन मालवीय, प्रदीप मिश्र, सर्वदानंद मिश्र आदि मौजूद रहे। संवाद
