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Etah News: साइबर ठगी के शिकार 84 लोगों को छह माह में लौटाए 30 लाख रुपये

Mon, 13 Jul 2026 11:29 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Mon, 13 Jul 2026 11:29 PM IST
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30 lakh returned to 84 cyber fraud victims in six months.
एटा। ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल भुगतान के दौर में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कभी फर्जी लिंक, कभी केवाईसी अपडेट तो कभी निवेश और नौकरी के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। साइबर थाने की पुलिस ठगी के शिकार लोगों को उनकी गंवाई गई रकम को वापस कराने के साथ ही आसपास के जिलों में गतिविधियां चला रहे साइबर ठगों की गिरफ्तारी के प्रयास करती है। पिछले छह माह में साइबर ठगी के 84 मामलों में पुलिस ने 30 लाख रुपये से अधिक की धनराशि पीड़ितों को वापस करवाई है। पुलिस ने बैंकों, भुगतान गेटवे और अन्य एजेंसियों के सहयोग से रकम को होल्ड कराकर वापस दिलाने में सफलता हासिल की।
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थाना साइबर क्राइम प्रभारी शंभूनाथ के अनुसार, साइबर ठगी के अधिकांश मामलों में लोग अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी वेबसाइट और ओटीपी साझा करने की गलती के कारण शिकार बने। कई मामलों में सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन और अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों से रकम ठगी गई। सीओ साइबर क्राइम नितीश गर्ग ने बताया कि ठगी का पता चलते ही तत्काल कार्रवाई बेहद जरूरी है। यदि पीड़ित तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दे तो रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। यही कारण है कि कई मामलों में साइबर थाना पुलिस समय रहते धनराशि को फ्रीज कराकर वापस कराने में सफल रही। कहा कि पुलिस लगातार जागरूकता अभियान भी चला रही है। स्कूल, कॉलेज, बाजार और सरकारी कार्यालयों में लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कोई भी बैंक या सरकारी संस्था फोन पर ओटीपी, सीवीवी या पासवर्ड नहीं मांगती। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
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केस एक-
वापस कराए 25,000 रुपये
साइबर क्राइम टीम ने 11 जुलाई को एक व्यक्ति को 25,000 रुपये की धनराशि खाते में वापस कराई। व्यक्ति ने फोन कॉल पर ठगों के झांसे में आकर यह रुपये उनके द्वारा बताए गए खाते में डाले थे। पूरी रकम वापस पाकर पीड़ित ने साइबर क्राइम टीम और पुलिस का आभार जताया।
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केस दो- रविवार को वापस कराए 10,000 रुपये
इसी प्रकार की दूसरी घटना में भी साइबर क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई की। साइबर ठगी का शिकार हुए पीड़ित के खाते की जानकारी प्राप्त होते ही धनराशि को होल्ड कराकर 10,000 रुपये वापस कराए।


इन तरीकों से हो रही ठगी

फर्जी केवाईसी अपडेट के नाम पर कॉल
बैंक अधिकारी बनकर ओटीपी मांगना
निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा
सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन
स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड कराना
ऑनलाइन शॉपिंग और कूरियर फ्रॉड

क्या करें
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें
साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें
बैंक को तत्काल सूचना दें
संदिग्ध लिंक और ऐप से बचें
खाते की जानकारी गोपनीय रखें क्या न करें-

किसी को ओटीपी या सीवीवी न बताएं

अनजान लिंक पर क्लिक न करें

लालच देने वाले निवेश ऑफर पर भरोसा न करें

सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें

वर्जन-

साइबर ठगी की शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाती है। समय पर सूचना मिलने पर धनराशि को होल्ड कराकर पीड़ितों को वापस दिलाया जा सकता है। लोगों को जागरूक रहते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देनी चाहिए। योगेंद्र सिंह, एएसपी, क्राइम
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