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Etah News: महाकाल के जलाभिषेक के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 15 Feb 2026 11:59 PM IST
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कैलाश मंदिर गर्भगृह में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते भक्त। संवाद
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एटा। महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार को जिलेभर के शिव मंदिरों शिवालयों में भक्तों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के चार बजे से ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए कतार में लग गए। हर-हर महादेव व बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण अंचल तक मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक व हवन का आयोजन किया गया।
प्राचीन कैलाश मंदिर, परसोंन स्थित शिव मंदिर, जलेसर क्षेत्र के पूर्ण इच्छेश्वर महादेव मंदिर सहित सभी शिवालयों के कपाट तड़के ही खोल दिए गए। भक्तों ने जल, दूध, दही, शहद, घी और बेलपत्र से शिवलिंग का अभिषेक कर मनोकामनाएं मांगीं। बाहर बेलपत्र व पूजन सामग्री की दुकानें दिनभर सजी रहीं। मार्गों पर कांवड़ियों की सेवा के लिए श्रद्धालुओं ने जगह-जगह जलपान व दवा वितरण शिविर लगाए।
सुबह से ही गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने शिवालयों में जलाभिषेक किया। परसोन के महादेव मंदिर में भी भक्तों का उत्साह चरम पर था। सुबह से दे रात तक चले पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। भक्तों ने भगवान शिव को बेलपत्र, दूध और फूल अर्पित कर मनोकामना मांगी।
स्वयंसेवकों ने संभाली पदवेश व्यवस्था
स्वयंसेवकों ने गण बनाकर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन कर पदवेश स्थल पर व्यवस्था बनाए रखी। ताकि भीड़भाड़ के बीच किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह सेवा कार्य नगर सेवा प्रमुख ललित की देखरेख में संचालित हुआ। सेवा में सचिन, शैलेन्द्र, आंशिक, अंकुर जी और नारायण सहित अन्य स्वयंसेवक बंधु उपस्थित रहे। भक्तों ने स्वयंसेवकों की इस अनुशासित सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी संघ के कार्यकर्ताओं ने महाशिवरात्रि पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा की ओर से हर वर्ष की तरह महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार कैलाश मंदिर परिसर में स्थित चबूतरे पर हवन पूजन के साथ वेद प्रचार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिनेश बंधु ने कहा कि शिवरात्रि पर प्रतिवर्ष मंदिर प्रांगण में विशेष हवन पूजन किया जाता है। इसमें विशेष मित्रों की आहुतियां देकर हवन को सफल बनाया जाता है। इस दौरान कलाकारों द्वारा भजन कीर्तन का भी आयोजन किया।
दो वर्ष से कैलाश मंदिर पर जलाभिषेक कर रहा हूं। रविवार सुबह ही प्रयागराज से कांवड़ लाकर चढ़ाई है। एक माह का समय लग गया रविवार को तड़के बाबा के दर्शन किए हैं। -राजकुमार कश्यप रैवाड़ी मोहल्ला
सुबह ही परिवार के साथ कैलाश मंदिर पहुंकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया है। सुबह 4 बजे भीड़ कम थी आराम से दर्शन के साथ पूजा-अर्चना की बाद में भीड़ बढ़ती चली गई। -राकेश कुमार, कृष्णा नगर
हर वर्ष कैलाश मंदिर पहुंचकर भगवान का जलाभिषेक करती हूं। इस बार स्वास्थ्य ठीक नहीं है लेकिन मन नहीं माना मंदिर के बाहर पहुंचकर स्क्रीन पर लाइव चल रहे भगवान शिव के दर्शन किए। -नीतू सिंह, कृष्णा नगर
शिवरात्रि और सावन मेरे लिए विशेष पर्व हैं इन दिनों ससुराल से मायके आ जाती हूं। भीड़ अधिक हो गई हैं जलाभिषेक करने जा रही हूं, कैलाश मंदिर से मेरी अधिक आस्था जुड़ी हुई है। -गार्गी राजपूत, श्रंगार नगर
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प्राचीन कैलाश मंदिर, परसोंन स्थित शिव मंदिर, जलेसर क्षेत्र के पूर्ण इच्छेश्वर महादेव मंदिर सहित सभी शिवालयों के कपाट तड़के ही खोल दिए गए। भक्तों ने जल, दूध, दही, शहद, घी और बेलपत्र से शिवलिंग का अभिषेक कर मनोकामनाएं मांगीं। बाहर बेलपत्र व पूजन सामग्री की दुकानें दिनभर सजी रहीं। मार्गों पर कांवड़ियों की सेवा के लिए श्रद्धालुओं ने जगह-जगह जलपान व दवा वितरण शिविर लगाए।
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सुबह से ही गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने शिवालयों में जलाभिषेक किया। परसोन के महादेव मंदिर में भी भक्तों का उत्साह चरम पर था। सुबह से दे रात तक चले पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। भक्तों ने भगवान शिव को बेलपत्र, दूध और फूल अर्पित कर मनोकामना मांगी।
स्वयंसेवकों ने संभाली पदवेश व्यवस्था
स्वयंसेवकों ने गण बनाकर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन कर पदवेश स्थल पर व्यवस्था बनाए रखी। ताकि भीड़भाड़ के बीच किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह सेवा कार्य नगर सेवा प्रमुख ललित की देखरेख में संचालित हुआ। सेवा में सचिन, शैलेन्द्र, आंशिक, अंकुर जी और नारायण सहित अन्य स्वयंसेवक बंधु उपस्थित रहे। भक्तों ने स्वयंसेवकों की इस अनुशासित सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी संघ के कार्यकर्ताओं ने महाशिवरात्रि पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा की ओर से हर वर्ष की तरह महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार कैलाश मंदिर परिसर में स्थित चबूतरे पर हवन पूजन के साथ वेद प्रचार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिनेश बंधु ने कहा कि शिवरात्रि पर प्रतिवर्ष मंदिर प्रांगण में विशेष हवन पूजन किया जाता है। इसमें विशेष मित्रों की आहुतियां देकर हवन को सफल बनाया जाता है। इस दौरान कलाकारों द्वारा भजन कीर्तन का भी आयोजन किया।
दो वर्ष से कैलाश मंदिर पर जलाभिषेक कर रहा हूं। रविवार सुबह ही प्रयागराज से कांवड़ लाकर चढ़ाई है। एक माह का समय लग गया रविवार को तड़के बाबा के दर्शन किए हैं। -राजकुमार कश्यप रैवाड़ी मोहल्ला
सुबह ही परिवार के साथ कैलाश मंदिर पहुंकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया है। सुबह 4 बजे भीड़ कम थी आराम से दर्शन के साथ पूजा-अर्चना की बाद में भीड़ बढ़ती चली गई। -राकेश कुमार, कृष्णा नगर
हर वर्ष कैलाश मंदिर पहुंचकर भगवान का जलाभिषेक करती हूं। इस बार स्वास्थ्य ठीक नहीं है लेकिन मन नहीं माना मंदिर के बाहर पहुंचकर स्क्रीन पर लाइव चल रहे भगवान शिव के दर्शन किए। -नीतू सिंह, कृष्णा नगर
शिवरात्रि और सावन मेरे लिए विशेष पर्व हैं इन दिनों ससुराल से मायके आ जाती हूं। भीड़ अधिक हो गई हैं जलाभिषेक करने जा रही हूं, कैलाश मंदिर से मेरी अधिक आस्था जुड़ी हुई है। -गार्गी राजपूत, श्रंगार नगर

कैलाश मंदिर गर्भगृह में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते भक्त। संवाद