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Etah News: गैस संकट के बीच कोयला हुआ महंगा, ईंटों के दाम में भी बढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:11 AM IST
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जीटी रोड स्थित कोयले की टाल से कोयला ले जाते ग्राहक। संवाद
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एटा। कमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी के बीच अब फुटकर बाजार में बिकने वाले कोयले के दाम भी बढ़ गए हैं। पहले करीब 12 रुपये प्रति किलो बिकने वाला कोयला बढ़कर 18 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। इससे कोयले से होने वाले उत्पादन में भी वृद्धि हो गई है। ईंट भट्ठों पर ईंट के दाम भी बढ़ गए हैं।
अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से कोयले की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। कोयले के दाम में एक साथ छह रुपये की बढ़ोतरी हो गई। मेहता पार्क बाजार के दुकानदार अमित कुमार ने बताया कि कोयले का दाम बढ़ा है लेकिन फिलहाल चाय व नाश्ते के दाम में बढ़ोतरी नहीं की गई। जीटी रोड स्थित चाय विक्रेता कमल ने बताया कि कमर्शियल गैस की कमी के कारण कोयले की मांग बढ़ गई है। इससे बाजार में कीमतें भी चढ़ गई हैं।
कोयले के दाम 1200 से 1800 रुपये क्विंटल पहुंच गए हैं। इससे भट्ठों पर ईंट निर्माण की लागत बढ़ गई है। आम लोगों को आशियाना बनाना महंगा साबित हो रहा है। भट्ठा मालिकों के अनुसार एक भट्ठे पर मार्च से जुलाई तक के सीजन में 300 टन तक कोयले की खपत होती है। भट्ठे अभी एक मार्च से शुरू हुए हैं और यह कीमत इतनी रही तो एक भट्ठे पर 18 लाख रुपये तक अधिक खर्च हो सकते हैं। इसका सीधा असर ईंटों के दाम पर पड़ना शुरू हो गया है। ईंट के दाम अभी पांच से साढ़े छह हजार रुपये प्रति एक हजार थे। इनमें पांच सौ रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
अमेरिका और इंडोनेशिया के कोयले के बढ़ रहे दाम
भारत का कोयला अधिक राख वाला और कम गुणवत्ता का होता है। अमेरिका और इंडोनेशिया से आने वाला कोयला ज्यादा कैलोरीफिक वेल्यू वाला होता है। बाहरी राज्यों से मंगवाया जाने वाला कोयला अन्य जगहों के मुकाबले सस्ता पड़ता है। दाम में एक सप्ताह में काफी बढ़ोतरी हुई है।
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कोयले की मांग बढ़ गई है। दिनभर में 2 से 3 क्विंटल कोयला की खपत हो रही है। कोयले के दाम में बढ़ोतरी के साथ भाड़ा बढ़ा गया है पहले 25 टन कोयले का भाड़ा 2400 देना पड़ता था वहीं अब भाड़ा 3100 रुपये हो गया है। - विजय कुमार, फुटकर कोयला व्यापारी
कोयले के दाम में बढ़ोतरी के साथ की ईटों के दाम भी बढ़ गए हैं। कोयले पर 18 रुपया प्रति किलो तक बिक रहा है। कहा कि इससे ईंटों के दाम भी बढ़ गए हैं पहले ईंट का भाव 6500 रुपये था 7000 रुपये हो गया है। - दिनेश वशिष्ठ, भट्ठा स्वामी
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गैस की किल्लत से महिलाएं परेशान
फोटो-
जैथरा। गैस की किल्लत से महिलाएं परेशान हैं। महिलाओं के साथ ही गैस की किल्लत होने पर परिवार के सभी सदस्यों की दिनचर्या बिगड़ गई है। कस्बे में कोई गैस एजेंसी न होने पर समस्या और भी विकराल होती जा रही है। कस्बे के ऋतिक राठौर ने कहा पास के पिंजरी, धुमरी, सहोरी गांव में गैस एजेंसी से कस्बे के लोगों को आपूर्ति मिलती है। गैस की किल्लत होने पर संचालक पहले देहात क्षेत्र के लोगों को आपूर्ति दे रहे हैं, इसलिए कस्बे के लोग परेशान हैं। गैस की किल्लत होने पर सूखी लकड़ी ओर कोयले की मांग बढ़ गई है। चूल्हे पर खाना पकने पर बहुएं मौज में हैं क्योंकि चूल्हे पर खाना पकाना न आने पर उनकी सास को रसोई संभालनी पड़ रही है। संवाद
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कोयले के दाम 1200 से 1800 रुपये क्विंटल पहुंच गए हैं। इससे भट्ठों पर ईंट निर्माण की लागत बढ़ गई है। आम लोगों को आशियाना बनाना महंगा साबित हो रहा है। भट्ठा मालिकों के अनुसार एक भट्ठे पर मार्च से जुलाई तक के सीजन में 300 टन तक कोयले की खपत होती है। भट्ठे अभी एक मार्च से शुरू हुए हैं और यह कीमत इतनी रही तो एक भट्ठे पर 18 लाख रुपये तक अधिक खर्च हो सकते हैं। इसका सीधा असर ईंटों के दाम पर पड़ना शुरू हो गया है। ईंट के दाम अभी पांच से साढ़े छह हजार रुपये प्रति एक हजार थे। इनमें पांच सौ रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
अमेरिका और इंडोनेशिया के कोयले के बढ़ रहे दाम
भारत का कोयला अधिक राख वाला और कम गुणवत्ता का होता है। अमेरिका और इंडोनेशिया से आने वाला कोयला ज्यादा कैलोरीफिक वेल्यू वाला होता है। बाहरी राज्यों से मंगवाया जाने वाला कोयला अन्य जगहों के मुकाबले सस्ता पड़ता है। दाम में एक सप्ताह में काफी बढ़ोतरी हुई है।
कोयले की मांग बढ़ गई है। दिनभर में 2 से 3 क्विंटल कोयला की खपत हो रही है। कोयले के दाम में बढ़ोतरी के साथ भाड़ा बढ़ा गया है पहले 25 टन कोयले का भाड़ा 2400 देना पड़ता था वहीं अब भाड़ा 3100 रुपये हो गया है। - विजय कुमार, फुटकर कोयला व्यापारी
कोयले के दाम में बढ़ोतरी के साथ की ईटों के दाम भी बढ़ गए हैं। कोयले पर 18 रुपया प्रति किलो तक बिक रहा है। कहा कि इससे ईंटों के दाम भी बढ़ गए हैं पहले ईंट का भाव 6500 रुपये था 7000 रुपये हो गया है। - दिनेश वशिष्ठ, भट्ठा स्वामी
गैस की किल्लत से महिलाएं परेशान
फोटो-
जैथरा। गैस की किल्लत से महिलाएं परेशान हैं। महिलाओं के साथ ही गैस की किल्लत होने पर परिवार के सभी सदस्यों की दिनचर्या बिगड़ गई है। कस्बे में कोई गैस एजेंसी न होने पर समस्या और भी विकराल होती जा रही है। कस्बे के ऋतिक राठौर ने कहा पास के पिंजरी, धुमरी, सहोरी गांव में गैस एजेंसी से कस्बे के लोगों को आपूर्ति मिलती है। गैस की किल्लत होने पर संचालक पहले देहात क्षेत्र के लोगों को आपूर्ति दे रहे हैं, इसलिए कस्बे के लोग परेशान हैं। गैस की किल्लत होने पर सूखी लकड़ी ओर कोयले की मांग बढ़ गई है। चूल्हे पर खाना पकने पर बहुएं मौज में हैं क्योंकि चूल्हे पर खाना पकाना न आने पर उनकी सास को रसोई संभालनी पड़ रही है। संवाद

जीटी रोड स्थित कोयले की टाल से कोयला ले जाते ग्राहक। संवाद

जीटी रोड स्थित कोयले की टाल से कोयला ले जाते ग्राहक। संवाद