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Etah News: धूप तो कभी बारिश और उमस ने किया परेशान

Wed, 29 Jul 2026 11:28 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Wed, 29 Jul 2026 11:28 PM IST
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At times, the scorching sun caused trouble, while at other times, it was the rain and humidity.
बुधवार को सुबह हुई बूंदाबांदी के बीच रेलवे रोड से गुजरते बाइक सवार। संवाद
एटा। मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। तेज धूप तो कभी रुक-रुककर हो रही बारिश ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित की। बुधवार सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी से मौसम सुहाना तो लोगों को गर्मी से राहत का अहसास हुआ। हालांकि यह स्थिति दोपहर में नहीं रही। धूप निकलते ही उमस और गर्मी ने उन्हें फिर बेचैन किया। बारिश और धूप-छांव के बीच आंख-मिचौनी दिनभर चली। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को जिले में चार मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। सुबह हल्की बारिश होने के कारण तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई लेकिन दोपहर बाद धूप निकलने से वातावरण में नमी बढ़ गई और उमस ने लोगों को परेशान किया। बाजार, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर लोग पसीने से तरबतर हो गए। वहीं, बूंदाबांदी के कारण कई स्थानों पर जलभराव और कीचड़ होने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई।बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में नमी अधिक होने के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी का एहसास हो रहा है। यही वजह है कि हल्की बारिश के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। शहरवासियों का कहना है कि बूंदाबांदी के बाद सड़कों पर कीचड़ व जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। इसके बाद जैसे ही धूप निकलती है उमस और अधिक बढ़ जाती है जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। वहीं, बारिश के कारण जलभराव वाले रास्तों में लोगों को खासी परेशानी हुई। कुछ स्थानों पर कीचड़ से होकर लोगों को निकलने को मजबूर होना पड़ा। मौसम के इस बदले रुख का असर खेती-किसानी पर भी दिखाई देने लगा है। किसान अनिल कुमार, सुरेश कुमार, कोमन सिंह, सूरजभान का कहना है कि करीब एक सप्ताह पहले हुई अच्छी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई थी। धान समेत अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ रही थी। अब लगातार रुक-रुककर हो रही हल्की बारिश से खेतों में अपेक्षित नमी नहीं बन पा रही है। यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों की सिंचाई के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। किसान अवधेश कुमार ने बताया कि गांव में हल्की बूंदाबांदी शुरू होते ही एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इससे न केवल घरेलू कार्य प्रभावित होते हैं बल्कि खेतों में सिंचाई और अन्य कृषि कार्य भी बाधित हो जाते हैं। कहा कि पर्याप्त बारिश नहीं होने और बिजली कटौती से किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
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