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Etah News: उमस और नमी से बढ़ रहे ददोरे और एलर्जी के मरीज
Mon, 27 Jul 2026 11:52 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 27 Jul 2026 11:52 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद
- फोटो : 1
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एटा। नमी और गर्मी के मिले-जुले असर से बैक्टीरिया और फंगस की बीमारियां फैल रही हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में त्वचा से संबंधित रोगियों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को 450 मरीजों को उपचार दिया गया।
मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में फंगल संक्रमण, दाद, खाज, धूप एलर्जी की समस्या वाले मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि लगातार पसीना आने, गीले कपड़े देर तक पहनने और त्वचा की सफाई में लापरवाही से संक्रमण तेजी से फैलता है। शुरुआत में खुजली और लाल चकत्तों को सामान्य समझकर नजरअंदाज करते हैं, लेकिन समस्या बढ़ने पर लोग उपचार लेने के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने सलाह दी कि अगर ऐसी कोई दिक्कत होती है तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ को दिखाएं। बताया कि बारिश के बाद चटक धूप निकलने से त्वचा पर असर पड़ रहा है। इससे धूप एलर्जी की भी समस्या हो रही है।
इन बातों का रखें ध्यान
- बारिश के मौसम में शरीर को साफ और सूखा रखना सबसे जरूरी है।
- पसीने या बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें।
- तौलिया, कपड़े और अन्य व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं किसी के साथ साझा न करें।
- सूती और ढीले कपड़े पहनें, पर्याप्त पानी पीएं तथा संतुलित आहार लें।
- बिना चिकित्सक की सलाह के कोई क्रीम या दवा न लगाएं।
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मेडिकल कॉलेज में तीन बच्चे और किशोर मिले मलेरिया पीड़ित
फोटो- 13
एटा। जिले में मलेरिया के केस बढ़ गए हैं। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में चार मलेरिया पीड़ित मिले, जिन्हें वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के सामान्य वार्ड में भर्ती आकाश निवासी चिलौली ने बताया कि उसे 12 दिन से बुखार आ रहा था। निजी पैथोलॉजी में जांच कराई गई तो मलेरिया की पुष्टि हुई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में आए। यहां चिकित्सकों ने सामान्य वार्ड में भर्ती कर मलेरिया की फिर से जांच कराई है। वहीं बच्चा वार्ड में भर्ती इसी गांव के विवेक ने बताया कि उसे चार दिन से बुखार आ रहा है। आराम नहीं मिलने पर मेडिकल कॉलेज में दवा लेने पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने बच्चा वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया है। बच्चा वार्ड में ही 12 वर्षीय विवेक निवासी कांशीराम कॉलोनी मानपुर को सात से बुखार में आराम नहीं मिलने पर मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में भर्ती कर मलेरिया की जांच कराई गई, जिसमें पुष्टि हुई। उसे उपचार दिया जा रहा है। इसके अलावा पंकज निवासी सोंसा के पिता विजय ने बताया कि बेटे को पांच दिन से बुखार आ रहा था। शनिवार को उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उसकी दोबारा से जांच की गई, जिसमें मलेरिया पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने उसे बच्चा वार्ड में भर्ती कर उपचार देना शुरू कर दिया है।
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टीबी वार्ड में ही बना दिया डेंगू वार्ड
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डेंगू के मरीजों को अलग से भर्ती करने के लिए तैयारी कर ली है। कॉलेज प्रशासन ने छठवें तल पर टीबी वार्ड में ही छह बेड पर मच्छरदानी लगाकर डेंगू वार्ड बना दिया है। इस वार्ड में दूसरी ओर टीबी पीड़ित मरीज भी भर्ती हैं, जिनका उपचार चल रहा है। इस बारे में सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि टीबी वार्ड के मरीज को दूसरे कमरे में शिफ्ट किया जाएगा। डेंगू वार्ड को अलग रखा जाएगा।
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मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में फंगल संक्रमण, दाद, खाज, धूप एलर्जी की समस्या वाले मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि लगातार पसीना आने, गीले कपड़े देर तक पहनने और त्वचा की सफाई में लापरवाही से संक्रमण तेजी से फैलता है। शुरुआत में खुजली और लाल चकत्तों को सामान्य समझकर नजरअंदाज करते हैं, लेकिन समस्या बढ़ने पर लोग उपचार लेने के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने सलाह दी कि अगर ऐसी कोई दिक्कत होती है तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ को दिखाएं। बताया कि बारिश के बाद चटक धूप निकलने से त्वचा पर असर पड़ रहा है। इससे धूप एलर्जी की भी समस्या हो रही है।
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इन बातों का रखें ध्यान
- बारिश के मौसम में शरीर को साफ और सूखा रखना सबसे जरूरी है।
- पसीने या बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें।
- तौलिया, कपड़े और अन्य व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं किसी के साथ साझा न करें।
- सूती और ढीले कपड़े पहनें, पर्याप्त पानी पीएं तथा संतुलित आहार लें।
- बिना चिकित्सक की सलाह के कोई क्रीम या दवा न लगाएं।
मेडिकल कॉलेज में तीन बच्चे और किशोर मिले मलेरिया पीड़ित
फोटो- 13
एटा। जिले में मलेरिया के केस बढ़ गए हैं। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में चार मलेरिया पीड़ित मिले, जिन्हें वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के सामान्य वार्ड में भर्ती आकाश निवासी चिलौली ने बताया कि उसे 12 दिन से बुखार आ रहा था। निजी पैथोलॉजी में जांच कराई गई तो मलेरिया की पुष्टि हुई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में आए। यहां चिकित्सकों ने सामान्य वार्ड में भर्ती कर मलेरिया की फिर से जांच कराई है। वहीं बच्चा वार्ड में भर्ती इसी गांव के विवेक ने बताया कि उसे चार दिन से बुखार आ रहा है। आराम नहीं मिलने पर मेडिकल कॉलेज में दवा लेने पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने बच्चा वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया है। बच्चा वार्ड में ही 12 वर्षीय विवेक निवासी कांशीराम कॉलोनी मानपुर को सात से बुखार में आराम नहीं मिलने पर मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में भर्ती कर मलेरिया की जांच कराई गई, जिसमें पुष्टि हुई। उसे उपचार दिया जा रहा है। इसके अलावा पंकज निवासी सोंसा के पिता विजय ने बताया कि बेटे को पांच दिन से बुखार आ रहा था। शनिवार को उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उसकी दोबारा से जांच की गई, जिसमें मलेरिया पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने उसे बच्चा वार्ड में भर्ती कर उपचार देना शुरू कर दिया है।
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टीबी वार्ड में ही बना दिया डेंगू वार्ड
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डेंगू के मरीजों को अलग से भर्ती करने के लिए तैयारी कर ली है। कॉलेज प्रशासन ने छठवें तल पर टीबी वार्ड में ही छह बेड पर मच्छरदानी लगाकर डेंगू वार्ड बना दिया है। इस वार्ड में दूसरी ओर टीबी पीड़ित मरीज भी भर्ती हैं, जिनका उपचार चल रहा है। इस बारे में सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि टीबी वार्ड के मरीज को दूसरे कमरे में शिफ्ट किया जाएगा। डेंगू वार्ड को अलग रखा जाएगा।