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Etah News: सजे शिवालय, चौक-चौबंद इंतजाम...गूंजे बम-बम भोले के जयकारे
Sun, 02 Aug 2026 11:28 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:28 PM IST
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रविवार की देर शाम रंगबिरंगी रोशनी से जगमग प्रसिद्ध कैलाश मंदिर। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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एटा। सावन माह के पहले सोमवार के लिए रविवार की देर रात ही शिवालयों में जलाभिषेक शुरू हो गए। बम-बम भोले के जयकारे गूंजने लगे। जिले के प्रमुख शिवालयों में बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन-पुलिस ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पांच जोनल और 5 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। कांवड़ यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, जबकि सड़कों पर खुले कट बंद कर दिए गए हैं। पूरे जिले में सावन माह में शुक्रवार शाम 8 बजे से सोमवार शाम 6 बजे तक रूट डायवर्ट कर दिया गया है।
सावन के पहले सोमवार पर शहर के प्रसिद्ध कैलाश मंदिर, जलेसर के पटना स्थित पूर्णेश्वर महादेव मंदिर व परसोंनाथ महादेव मंदिर में आधी रात से ही कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। इन मंदिरों की विशेष धार्मिक मान्यता के चलते दूर-दूर से शिवभक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। कासगंज रोड, आगरा रोड, शिकोहाबाद रोड और रेलवे रोड सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों पर सामाजिक संगठनों की ओर से कांवड़ सेवा शिविर लगाए गए हैं। यहां श्रद्धालुओं के लिए जलपान, विश्राम, शुद्ध पेयजल, प्राथमिक उपचार और दवाओं की व्यवस्था की गई है। रविवार को दिनभर शिवभक्तों का आवागमन जारी रहा और पूरा वातावरण बम-बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा। कैलाश मंदिर के महंत धीरेंद्र कुमार झा ने बताया कि सोमवार तड़के मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। सुबह पांच बजे मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। सुबह 5:30 बजे से दोपहर एक बजे तक जलाभिषेक का क्रम चलेगा। शाम 7:30 बजे संध्या आरती और रात 9:30 बजे महाआरती होगी। इसके बाद रात 11 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग की गई है। सभी भक्तों का प्रवेश द्वार संख्या-1 से होगा, जबकि दर्शन और जलाभिषेक के बाद निकास द्वार संख्या-2 से कराया जाएगा।
ऐसे करें भगवान शिव का पूजन
महंत धीरेंद्र कुमार झा ने बताया कि भगवान शिव का पूजन सबसे पहले जलाभिषेक से शुरू करना चाहिए। इसके बाद दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें तथा प्रत्येक सामग्री अर्पित करने के बाद पुनः जल चढ़ाएं। इसके पश्चात चंदन, भांग, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर विधिवत शृंगार करें।
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एक माह तक रहेगा रूट डायवर्जन
कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने जिले में रूट डायवर्जन लागू किया है। कानपुर, फर्रुखाबाद, अलीगंज, शिकोहाबाद, आगरा, टूंडला, अलीगढ़ और कासगंज की ओर से आने वाले भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। कई मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जबकि हल्के वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। यह व्यवस्था 24 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।
कंट्रोल रूम रहेगा 24 घंटे सक्रिय
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या, दुर्घटना, सुझाव या सूचना के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन जी ने रविवार को कांवड़ यात्रा मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग, संकेतक बोर्ड, पेयजल व्यवस्था और पुलिस सहायता केंद्रों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान दिन-रात पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है तथा सभी प्रमुख मार्गों और मंदिरों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
श्रद्धा और उत्साह से सराबोर दिखे शिवभक्त
रविवार को जिले की सड़कों पर सामान्य डाक और तूफानी डाक कांवड़ लेकर बड़ी संख्या में शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। कई स्थानों पर शिवभजन, डीजे और हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा। दौड़कर डाक कांवड़ आगे बढ़ाते श्रद्धालुओं का उत्साह लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
वाहनों पर लगाए रिफ्लेक्टर
पुलिस-प्रशासन कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं, जिससे रात में यात्रा के दौरान हादसों से बचाया जा सके।
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सावन के पहले सोमवार पर शहर के प्रसिद्ध कैलाश मंदिर, जलेसर के पटना स्थित पूर्णेश्वर महादेव मंदिर व परसोंनाथ महादेव मंदिर में आधी रात से ही कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। इन मंदिरों की विशेष धार्मिक मान्यता के चलते दूर-दूर से शिवभक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। कासगंज रोड, आगरा रोड, शिकोहाबाद रोड और रेलवे रोड सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों पर सामाजिक संगठनों की ओर से कांवड़ सेवा शिविर लगाए गए हैं। यहां श्रद्धालुओं के लिए जलपान, विश्राम, शुद्ध पेयजल, प्राथमिक उपचार और दवाओं की व्यवस्था की गई है। रविवार को दिनभर शिवभक्तों का आवागमन जारी रहा और पूरा वातावरण बम-बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा। कैलाश मंदिर के महंत धीरेंद्र कुमार झा ने बताया कि सोमवार तड़के मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। सुबह पांच बजे मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। सुबह 5:30 बजे से दोपहर एक बजे तक जलाभिषेक का क्रम चलेगा। शाम 7:30 बजे संध्या आरती और रात 9:30 बजे महाआरती होगी। इसके बाद रात 11 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग की गई है। सभी भक्तों का प्रवेश द्वार संख्या-1 से होगा, जबकि दर्शन और जलाभिषेक के बाद निकास द्वार संख्या-2 से कराया जाएगा।
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ऐसे करें भगवान शिव का पूजन
महंत धीरेंद्र कुमार झा ने बताया कि भगवान शिव का पूजन सबसे पहले जलाभिषेक से शुरू करना चाहिए। इसके बाद दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें तथा प्रत्येक सामग्री अर्पित करने के बाद पुनः जल चढ़ाएं। इसके पश्चात चंदन, भांग, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर विधिवत शृंगार करें।
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एक माह तक रहेगा रूट डायवर्जन
कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने जिले में रूट डायवर्जन लागू किया है। कानपुर, फर्रुखाबाद, अलीगंज, शिकोहाबाद, आगरा, टूंडला, अलीगढ़ और कासगंज की ओर से आने वाले भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। कई मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जबकि हल्के वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। यह व्यवस्था 24 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।
कंट्रोल रूम रहेगा 24 घंटे सक्रिय
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या, दुर्घटना, सुझाव या सूचना के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन जी ने रविवार को कांवड़ यात्रा मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग, संकेतक बोर्ड, पेयजल व्यवस्था और पुलिस सहायता केंद्रों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान दिन-रात पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है तथा सभी प्रमुख मार्गों और मंदिरों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
श्रद्धा और उत्साह से सराबोर दिखे शिवभक्त
रविवार को जिले की सड़कों पर सामान्य डाक और तूफानी डाक कांवड़ लेकर बड़ी संख्या में शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। कई स्थानों पर शिवभजन, डीजे और हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा। दौड़कर डाक कांवड़ आगे बढ़ाते श्रद्धालुओं का उत्साह लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
वाहनों पर लगाए रिफ्लेक्टर
पुलिस-प्रशासन कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं, जिससे रात में यात्रा के दौरान हादसों से बचाया जा सके।