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Etawah News: स्कूल के 1022 बच्चों को निपुण बनाने में जुटीं 45 टीमें
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इटावा। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को बुनियादी शिक्षा और संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष बनाने के लिए जिले में निपुण भारत अभियान पूरी तरह रफ्तार पकड़ चुका है।
जनपद के 1022 प्राथमिक विद्यालयों को निपुण घोषित करने के लक्ष्य के साथ 45 टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। इस विशेष अभियान में न केवल इटावा बल्कि मैनपुरी डायट के प्रशिक्षुओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है जो गांव-गांव विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के ज्ञान का स्तर परख रहे हैं।
27 जनवरी से शुरू हुए इस महाभियान के तहत अब तक करीब 450 विद्यालयों के बच्चों का मूल्यांकन कार्य पूरा किया जा चुका है। प्रत्येक टीम में डायट के दो डीएलएड प्रशिक्षुओं को शामिल किया गया है। कुल मिलाकर अभियान में 90 प्रशिक्षुओं को लगाया गया है। टीमें स्कूलों में पहुंचकर कक्षा एक से तीन तक के बच्चों से भाषा और गणित के सवाल पूछ रही हैं।
निपुण लक्ष्य ऐप के माध्यम से यह जांचा जा रहा है कि बच्चे अपनी कक्षा के अनुरूप सीखने की क्षमता रखते हैं या नहीं। इसमें जनपद के साथ-साथ पड़ोसी जिले मैनपुरी की डायट से आए प्रशिक्षुओं को भी तैनात किया गया है। 14 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान के बाद जनपद की वास्तविक शैक्षिक स्थिति की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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जनपद के 1022 प्राथमिक विद्यालयों को निपुण घोषित करने के लक्ष्य के साथ 45 टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। इस विशेष अभियान में न केवल इटावा बल्कि मैनपुरी डायट के प्रशिक्षुओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है जो गांव-गांव विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के ज्ञान का स्तर परख रहे हैं।
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27 जनवरी से शुरू हुए इस महाभियान के तहत अब तक करीब 450 विद्यालयों के बच्चों का मूल्यांकन कार्य पूरा किया जा चुका है। प्रत्येक टीम में डायट के दो डीएलएड प्रशिक्षुओं को शामिल किया गया है। कुल मिलाकर अभियान में 90 प्रशिक्षुओं को लगाया गया है। टीमें स्कूलों में पहुंचकर कक्षा एक से तीन तक के बच्चों से भाषा और गणित के सवाल पूछ रही हैं।
निपुण लक्ष्य ऐप के माध्यम से यह जांचा जा रहा है कि बच्चे अपनी कक्षा के अनुरूप सीखने की क्षमता रखते हैं या नहीं। इसमें जनपद के साथ-साथ पड़ोसी जिले मैनपुरी की डायट से आए प्रशिक्षुओं को भी तैनात किया गया है। 14 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान के बाद जनपद की वास्तविक शैक्षिक स्थिति की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
