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Etawah News: खस्ताहाल रोडवेज बसें, खतरों भरा सफर
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इटावा। परिवहन निगम रोडवेज बसों में सुरक्षित सफर का दावा तो करता है, लेकिन हकीकत यह है कि बारिश के दौरान बस में चढ़ना जान दांव पर लगाने जैसा है। संवाद न्यूज एजेंसी ने रोडवेज डिपो के दावों की पड़ताल की। इस पड़ताल में डिपो के दावों की हवा निकल गई। कुल 10 रोडवेज बसों की औचक जांच की गई। इनमें से चार बसें ऐसी मिलें जिनमें सुरक्षा उपकरणों का अभाव था। कुछ बसों के वाइपर पूरी तरह गायब थे। कई बसों में फॉग लाइट नहीं लगी थी। वहीं, कुछ बसों का सामने का शीशा ही गायब था। तेज बारिश के दौरान रोडवेज बस चालक धुंधलेपन में बसें चलाने को मजबूर हैं। सुरक्षा उपकरणों की यह कमी यात्रियों के लिए हर पल बड़े हादसे का खतरा बढ़ा रही है।
फर्रुखाबाद डिपो की 76 टी-7266 बस स्टैंड पर खड़ी थी। बस को इटावा से फर्रुखाबाद के लिए 12:30 बजे रवाना होना था। फर्रुखाबाद की दूरी करीब 96 किमी है। बस में वाइपर गायब था। बारिश के मौसम में बस में वाइपर न होने से बस चालक को बार-बार कपड़े से शीशा साफ करना पड़ता है। ऐसे में बस के सामने कोई वाहन या मवेशी आ जाए तो बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
बस स्टैंड पर सैफई डिपो की बस आकर रुकती है। यह बस इटावा से शिकोहाबाद, फिरोजाबाद होते हुए आगरा व मथुरा तक जाती है। इस बस का साइड का आधा शीशा टूटा हुआ था। बारिश के मौसम में इस सीट पर बैठने वाले यात्री भीग जाते हैं। इसके लिए बारिश के दौरान इस सीट पर जल्दी कोई नहीं बैठता है।
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इटावा डिपो की बस संख्या यूपी 75 एटी-2046 इटावा से औरैया होते हुए कानपुर तक जाती है। लौटते समय यह बस मथुरा तक जाती है। इस बस में वाइपर लगा था लेकिन इसकी रबड़ बिल्कुल घिस चुकी थी। इसकी वजह से बारिश में बस के शीशे पर पड़ने वाला पानी साफ नहीं हो पाता है। चालक की शिकायत के बाद अभी तक वाइपर नहीं बदला गया है। चालक को बारिश के दौरान गाड़ी चलाने में दिक्कत होती है।
इटावा डिपो की बस संख्या यूपी 78 एफटी 9210 को कानपुर मार्ग पर चलाया जा रहा है। रोडवेज में बस में लगी हेडलाइट खराब होने से चालक ने इसे चलाए जाने से इन्कार कर दिया। इसके बाद इस बस को कार्यशाला में लाइट लगवाने के लिए भेजा गया है। मरम्मत का कार्य चल रहा था।
रोडवेज बसों में वाइपर, टूटे शीशे व खराब लाइटों को बदला जा रहा है। अगर किसी बस में दिक्कत है और वह ठीक नहीं हो पा रही है तो चालक व परिचालक उनके मौखिक शिकायत कर सकता है। इसकी समस्या का निदान करवाया जाएगा। जिन बसों में कमी है, उन्हें जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा। इसके बाद ही बस को गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा। चालक व यात्रियों को किसी प्रकार दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - अमित कुमार, एआरएम इटावा डिपो
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फर्रुखाबाद डिपो की 76 टी-7266 बस स्टैंड पर खड़ी थी। बस को इटावा से फर्रुखाबाद के लिए 12:30 बजे रवाना होना था। फर्रुखाबाद की दूरी करीब 96 किमी है। बस में वाइपर गायब था। बारिश के मौसम में बस में वाइपर न होने से बस चालक को बार-बार कपड़े से शीशा साफ करना पड़ता है। ऐसे में बस के सामने कोई वाहन या मवेशी आ जाए तो बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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बस स्टैंड पर सैफई डिपो की बस आकर रुकती है। यह बस इटावा से शिकोहाबाद, फिरोजाबाद होते हुए आगरा व मथुरा तक जाती है। इस बस का साइड का आधा शीशा टूटा हुआ था। बारिश के मौसम में इस सीट पर बैठने वाले यात्री भीग जाते हैं। इसके लिए बारिश के दौरान इस सीट पर जल्दी कोई नहीं बैठता है।
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इटावा डिपो की बस संख्या यूपी 75 एटी-2046 इटावा से औरैया होते हुए कानपुर तक जाती है। लौटते समय यह बस मथुरा तक जाती है। इस बस में वाइपर लगा था लेकिन इसकी रबड़ बिल्कुल घिस चुकी थी। इसकी वजह से बारिश में बस के शीशे पर पड़ने वाला पानी साफ नहीं हो पाता है। चालक की शिकायत के बाद अभी तक वाइपर नहीं बदला गया है। चालक को बारिश के दौरान गाड़ी चलाने में दिक्कत होती है।
इटावा डिपो की बस संख्या यूपी 78 एफटी 9210 को कानपुर मार्ग पर चलाया जा रहा है। रोडवेज में बस में लगी हेडलाइट खराब होने से चालक ने इसे चलाए जाने से इन्कार कर दिया। इसके बाद इस बस को कार्यशाला में लाइट लगवाने के लिए भेजा गया है। मरम्मत का कार्य चल रहा था।
रोडवेज बसों में वाइपर, टूटे शीशे व खराब लाइटों को बदला जा रहा है। अगर किसी बस में दिक्कत है और वह ठीक नहीं हो पा रही है तो चालक व परिचालक उनके मौखिक शिकायत कर सकता है। इसकी समस्या का निदान करवाया जाएगा। जिन बसों में कमी है, उन्हें जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा। इसके बाद ही बस को गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा। चालक व यात्रियों को किसी प्रकार दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - अमित कुमार, एआरएम इटावा डिपो