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Etawah News: तपती दोपहरी में अव्यवस्था ने छकाया
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फोटो : 17 महानंदा एक्सप्रेस में भीड़ के चलते इमरजेंसी खिड़की से चढ़ता छात्र। संवाद
फोटो : 18 ट्रेन में चढ़ने के लिए मारामारी करता अभ्यर्थी। संवाद
फोटो : 19 ट्रेन में जगह न मिल पाने पर पायदान पर बैठकर यात्रा करते अभ्यर्थी। संवाद
-लेखपाल भर्ती परीक्षा देकर घर लौटते परीक्षार्थियों को एक और परीक्षा देनी पड़ी
- ट्रेनों में लटक कर की यात्रा, कई परीक्षार्थियों ने भागकर पकड़ी ट्रेन, कई की छूटी
संवाद समाचार एजेंसी
इटावा। लेखपाल भर्ती परीक्षा देकर लौट रहे अभ्यर्थियों को तपती दोपहरी में रेलवे स्टेशन पर भारी अव्यवस्था से दो-चार होना पड़ा। परीक्षा छूटने के बाद स्टेशन पहुंचे परीक्षार्थियों में ट्रेन में सवार होने के लिए आपाधापी मच गई। ज्यादातर परीक्षार्थियों का कहना था कि भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन को अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन करना चाहिए था। हर बार यही स्थिति होती है लेकिन जिम्मेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
इस दौरान प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर आई महानंदा एक्सप्रेस में चढ़ने को लेकर परीक्षार्थियों के बीच जमकर मारामारी हुई। धक्का-मुक्की के बीच कई छात्रों ने दौड़कर जैसे-तैसे ट्रेन पकड़ी जबकि 50 से अधिक अभ्यर्थियों की ट्रेन छूट गई। इन अभ्यर्थियों को भीषण गर्मी के बीच करीब तीन घंटे तक स्टेशन पर ही दूसरी ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।
सुबह 10 बजे से शुरू हुई लेखपाल भर्ती परीक्षा दोपहर 12 बजे खत्म हुई। परीक्षा देकर करीब 12:30 बजे तक सैकड़ों की संख्या में छात्र रेलवे स्टेशन पहुंच गए। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर दिल्ली से अलीपुरद्वार जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस आकर रुकी। ट्रेन रुकते ही कोच में दाखिल होने के लिए छात्रों में जंग छिड़ गई। खिड़की और दरवाजों से अंदर घुसने की होड़ में कई छात्र चोटिल होने से बाल-बाल बचे।
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जंक्शन पर उमड़ी छात्रों की भारी भीड़ और हंगामे को देखते हुए रेल प्रशासन ने महानंदा एक्सप्रेस को करीब 15 मिनट तक रोके रखा। इसके बाद भी बोगियों में जगह न मिलने के कारण दर्जनों अभ्यर्थियों की ट्रेन छूट गई। ट्रेन छूटने के बाद मायूस छात्रों को दोपहर तीन बजे जाकर दूसरी पैसेंजर ट्रेन मिल सकी, तब कहीं वे अपने गंतव्य के लिए रवाना हो सके।
हमीरपुर और औरैया से आए थे सबसे ज्यादा अभ्यर्थी
इटावा में बनाए गए विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सबसे ज्यादा परीक्षार्थी हमीरपुर और औरैया से आए थे। सीधी कनेक्टिविटी न होने और सीमित साधनों के कारण इन छात्रों को आने और जाने में परेशानी हुई। औरैया से आए परीक्षार्थी सुमित कुमार और हमीरपुर के राघवेंद्र ने बताया कि परीक्षा खत्म होने के बाद रेलवे स्टेशन अधिक भीड़ थी। स्टेशन पर तो स्थिति ऐसी थी कि जनरल बोगी में घुसना नामुमकिन लग रहा था।
अभ्यर्थियों ने बयां किया दर्द-- -
फोटो: 20 सत्यम
महानंदा एक्सप्रेस में पैर रखने की जगह नहीं थी। गेट पर इतनी भीड़ थी कि अंदर जाना मुमकिन नहीं था। हमारे सामने ही ट्रेन चल दी। इसके बाद कई घंटे तक भूखे-प्यासे स्टेशन पर ही दूसरी ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।-सत्यम कुमार
फोटो : 21 आमिर
परीक्षा अच्छी गई थी लेकिन स्टेशन की अव्यवस्था ने सारा मूड खराब कर दिया। प्रशासन को परीक्षार्थियों की संख्या देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलानी चाहिए थीं या अतिरिक्त कोच लगाने चाहिए थे। इस भीषण गर्मी में तीन घंटे इंतजार करने में परेशानी हो रही है।-आमिर
फोटो : 18 ट्रेन में चढ़ने के लिए मारामारी करता अभ्यर्थी। संवाद
फोटो : 19 ट्रेन में जगह न मिल पाने पर पायदान पर बैठकर यात्रा करते अभ्यर्थी। संवाद
-लेखपाल भर्ती परीक्षा देकर घर लौटते परीक्षार्थियों को एक और परीक्षा देनी पड़ी
- ट्रेनों में लटक कर की यात्रा, कई परीक्षार्थियों ने भागकर पकड़ी ट्रेन, कई की छूटी
संवाद समाचार एजेंसी
इटावा। लेखपाल भर्ती परीक्षा देकर लौट रहे अभ्यर्थियों को तपती दोपहरी में रेलवे स्टेशन पर भारी अव्यवस्था से दो-चार होना पड़ा। परीक्षा छूटने के बाद स्टेशन पहुंचे परीक्षार्थियों में ट्रेन में सवार होने के लिए आपाधापी मच गई। ज्यादातर परीक्षार्थियों का कहना था कि भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन को अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन करना चाहिए था। हर बार यही स्थिति होती है लेकिन जिम्मेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
इस दौरान प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर आई महानंदा एक्सप्रेस में चढ़ने को लेकर परीक्षार्थियों के बीच जमकर मारामारी हुई। धक्का-मुक्की के बीच कई छात्रों ने दौड़कर जैसे-तैसे ट्रेन पकड़ी जबकि 50 से अधिक अभ्यर्थियों की ट्रेन छूट गई। इन अभ्यर्थियों को भीषण गर्मी के बीच करीब तीन घंटे तक स्टेशन पर ही दूसरी ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।
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सुबह 10 बजे से शुरू हुई लेखपाल भर्ती परीक्षा दोपहर 12 बजे खत्म हुई। परीक्षा देकर करीब 12:30 बजे तक सैकड़ों की संख्या में छात्र रेलवे स्टेशन पहुंच गए। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर दिल्ली से अलीपुरद्वार जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस आकर रुकी। ट्रेन रुकते ही कोच में दाखिल होने के लिए छात्रों में जंग छिड़ गई। खिड़की और दरवाजों से अंदर घुसने की होड़ में कई छात्र चोटिल होने से बाल-बाल बचे।
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हमीरपुर और औरैया से आए थे सबसे ज्यादा अभ्यर्थी
इटावा में बनाए गए विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सबसे ज्यादा परीक्षार्थी हमीरपुर और औरैया से आए थे। सीधी कनेक्टिविटी न होने और सीमित साधनों के कारण इन छात्रों को आने और जाने में परेशानी हुई। औरैया से आए परीक्षार्थी सुमित कुमार और हमीरपुर के राघवेंद्र ने बताया कि परीक्षा खत्म होने के बाद रेलवे स्टेशन अधिक भीड़ थी। स्टेशन पर तो स्थिति ऐसी थी कि जनरल बोगी में घुसना नामुमकिन लग रहा था।
अभ्यर्थियों ने बयां किया दर्द
फोटो: 20 सत्यम
महानंदा एक्सप्रेस में पैर रखने की जगह नहीं थी। गेट पर इतनी भीड़ थी कि अंदर जाना मुमकिन नहीं था। हमारे सामने ही ट्रेन चल दी। इसके बाद कई घंटे तक भूखे-प्यासे स्टेशन पर ही दूसरी ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।-सत्यम कुमार
फोटो : 21 आमिर
परीक्षा अच्छी गई थी लेकिन स्टेशन की अव्यवस्था ने सारा मूड खराब कर दिया। प्रशासन को परीक्षार्थियों की संख्या देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलानी चाहिए थीं या अतिरिक्त कोच लगाने चाहिए थे। इस भीषण गर्मी में तीन घंटे इंतजार करने में परेशानी हो रही है।-आमिर