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Etawah News: बिना अनुमति आश्रम में बकरों की बलि पुलिस ने रुकवाई
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कुल देवी को दी जानी थी बकरों की बलि, पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। शहर आबकारी विभाग के पास स्थित संत गाडगे मंदिर व आश्रम में बिना अनुमति बकरों की बलि दिए जाने की सूचना मिलने पर शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एलआईयू और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस दो लोगों को पूछताछ के लिए सीओ सिटी कार्यालय लेकर गई। वहीं आश्रम की अध्यक्ष रजनी दिवाकर को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया।
बताया गया कि आश्रम परिसर में पूजा-अर्चना की अनुमति ली गई थी, लेकिन इसी दौरान कुल देवी को बकरों की बलि दिए जाने की सूचना प्रशासन तक पहुंची। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित लोगों से पूछताछ की। कुछ देर बाद सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर भी सीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आश्रम की अध्यक्ष रजनी दिवाकर समेत अन्य संबंधित लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। बातचीत के दौरान रजनी दिवाकर ने स्पष्ट किया कि पूजा के लिए अनुमति ली गई थी, बलि की अनुमति नहीं थी। उन्होंने भविष्य में इस प्रकार की कोई भी गतिविधि आश्रम परिसर में नहीं होने देने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने सभी नियमों का पालन करने और किसी भी धार्मिक आयोजन से पहले निर्धारित शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए। पूछताछ के बाद पुलिस दोनों लोगों को छोड़ दिया। सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह ने बताया मामले की जांच की गई है और भविष्य में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की गतिविधि पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। शहर आबकारी विभाग के पास स्थित संत गाडगे मंदिर व आश्रम में बिना अनुमति बकरों की बलि दिए जाने की सूचना मिलने पर शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एलआईयू और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस दो लोगों को पूछताछ के लिए सीओ सिटी कार्यालय लेकर गई। वहीं आश्रम की अध्यक्ष रजनी दिवाकर को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया।
बताया गया कि आश्रम परिसर में पूजा-अर्चना की अनुमति ली गई थी, लेकिन इसी दौरान कुल देवी को बकरों की बलि दिए जाने की सूचना प्रशासन तक पहुंची। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित लोगों से पूछताछ की। कुछ देर बाद सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर भी सीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आश्रम की अध्यक्ष रजनी दिवाकर समेत अन्य संबंधित लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। बातचीत के दौरान रजनी दिवाकर ने स्पष्ट किया कि पूजा के लिए अनुमति ली गई थी, बलि की अनुमति नहीं थी। उन्होंने भविष्य में इस प्रकार की कोई भी गतिविधि आश्रम परिसर में नहीं होने देने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने सभी नियमों का पालन करने और किसी भी धार्मिक आयोजन से पहले निर्धारित शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए। पूछताछ के बाद पुलिस दोनों लोगों को छोड़ दिया। सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह ने बताया मामले की जांच की गई है और भविष्य में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की गतिविधि पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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