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Etawah News: मंडल में बेहतर, पिछले साल से 19 मिमी कम बरसा पानी
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फोटो 16:::अच्छी बारिश के बीच खेतों में भरा पानी। संवाद
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इटावा। मानसून की रफ्तार भले ही पिछले साल जैसी नहीं रही हो लेकिन कानपुर मंडल में जिला सबसे बेहतर स्थिति में है। एक जून से आठ अगस्त तक जिले में 365.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य औसत 305.6 मिमी से 19.5 प्रतिशत अधिक है। हालांकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 384.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई थी। यानी इस बार अब तक 19.3 मिमी कम पानी बरसा है।
मौसम विभाग की वर्षा रिपोर्ट के मुताबिक, इटावा प्रदेश के उन 26 जिलों में शामिल है, जहां अब तक सामान्य वर्षा हुई है। खास बात यह है कि कानपुर मंडल के छह जिलों में इटावा सबसे अधिक बारिश वाला जिला बनकर उभरा है। इटावा में सामान्य के मुकाबले 119.5 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई, जबकि कानपुर नगर में 116.7 प्रतिशत और औरैया में 104 प्रतिशत वर्षा हुई।
दूसरी ओर फर्रुखाबाद में केवल 78.2 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। जबकि कानपुर देहात वर्षा के मामले में अभी भी पिछड़ा हुआ है। वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडे ने बताया कि इटावा में इस बार मानसून ने किसानों को सबसे अधिक राहत दी है। जुलाई में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से धान और अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार प्रभावित होने लगी थी लेकिन अगस्त के पहले सप्ताह में हुई वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार का मानना है कि यदि अगस्त के शेष दिनों में भी अच्छी बारिश होती रही तो खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है।
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प्रदेश में भी कमजोर है मानसून
वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि इस बार मानसून पिछले साल की तुलना में कमजोर है। उत्तर प्रदेश में एक जून से आठ अगस्त तक 337 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य का 80.9 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 457.2 मिमी बारिश हुई थी और तब यह सामान्य का 109.8 प्रतिशत थी। यानी इस बार प्रदेश में भी मानसून की रफ्तार पिछले साल के मुकाबले काफी धीमी रही है।
मंडल में वर्षा की स्थिति (एक जून से 8 अगस्त तक)
इटावा: 365.2 मिमी (119.5%)
कानपुर नगर: 411.4 मिमी (116.7%)
औरैया: 293.5 मिमी (104.0%)
कन्नौज: 367.7 मिमी (104.6%)
फर्रुखाबाद: 306.5 मिमी (78.2%)
कानपुर देहात: 105.1 मिमी (33.4 %)
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मौसम विभाग की वर्षा रिपोर्ट के मुताबिक, इटावा प्रदेश के उन 26 जिलों में शामिल है, जहां अब तक सामान्य वर्षा हुई है। खास बात यह है कि कानपुर मंडल के छह जिलों में इटावा सबसे अधिक बारिश वाला जिला बनकर उभरा है। इटावा में सामान्य के मुकाबले 119.5 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई, जबकि कानपुर नगर में 116.7 प्रतिशत और औरैया में 104 प्रतिशत वर्षा हुई।
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दूसरी ओर फर्रुखाबाद में केवल 78.2 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। जबकि कानपुर देहात वर्षा के मामले में अभी भी पिछड़ा हुआ है। वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडे ने बताया कि इटावा में इस बार मानसून ने किसानों को सबसे अधिक राहत दी है। जुलाई में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से धान और अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार प्रभावित होने लगी थी लेकिन अगस्त के पहले सप्ताह में हुई वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार का मानना है कि यदि अगस्त के शेष दिनों में भी अच्छी बारिश होती रही तो खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है।
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प्रदेश में भी कमजोर है मानसून
वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि इस बार मानसून पिछले साल की तुलना में कमजोर है। उत्तर प्रदेश में एक जून से आठ अगस्त तक 337 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य का 80.9 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 457.2 मिमी बारिश हुई थी और तब यह सामान्य का 109.8 प्रतिशत थी। यानी इस बार प्रदेश में भी मानसून की रफ्तार पिछले साल के मुकाबले काफी धीमी रही है।
मंडल में वर्षा की स्थिति (एक जून से 8 अगस्त तक)
इटावा: 365.2 मिमी (119.5%)
कानपुर नगर: 411.4 मिमी (116.7%)
औरैया: 293.5 मिमी (104.0%)
कन्नौज: 367.7 मिमी (104.6%)
फर्रुखाबाद: 306.5 मिमी (78.2%)
कानपुर देहात: 105.1 मिमी (33.4 %)