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Farrukhabad News: सेवानिवृत्त प्राध्यापक ने जमीन हड़पने व धमकी देने के लगाए गंभीर आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 21 Jan 2026 12:51 AM IST
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फर्रुखाबाद। लक्ष्मी यदुनंदन महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रेम स्वरूप अवस्थी ने सीएम से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मुहल्ला काजम खां निवासी एक कथित अधिवक्ता व उसकी पत्नी पर विश्वास में लेकर मकान के मूल कागजात हड़पने, जान से मारने की धमकी देने और फर्जी मुकदमों में फंसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रेम स्वरूप अवस्थी के अनुसार, उन्होंने 4 जनवरी को आईजीआरएस के माध्यम से कथित अधिवक्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 7 जनवरी को प्रभारी निरीक्षक के बुलावे पर वह अपने पुत्र के साथ कोतवाली पहुंचे लेकिन वहां उनकी शिकायत सुनने के बजाय दूसरे पक्ष को तरजीह दी गई। आरोप है कि उनके साथ हुए अपराध के बावजूद उन्हें ही दोषी ठहराया गया।
पीड़ित का कहना है कि कथित अधिवक्ता ने उनकी लाइसेंसी बंदूक अपने कब्जे में ले ली थी, जिसे बाद में कोतवाली में वापस कराया गया लेकिन उनके मकान पर लगाए गए ताले अब तक नहीं खुलवाए गए। उन्होंने आशंका जताई है कि मकान के मूल कागजातों के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति बेचने की साजिश रची जा रही है।
प्रेम स्वरूप अवस्थी ने यह भी आरोप लगाया कि कथित अधिवक्ता और उसकी पत्नी द्वारा उनके खिलाफ लगातार झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। 10 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर उनके, उनकी पत्नी और बड़े बेटे के खिलाफ जान से मारने और रुपये हड़पने के आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया, जबकि वह स्वयं इस पूरे मामले में पीड़ित हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में सेवानिवृत्त प्राध्यापक ने मांग की है कि कथित अधिवक्ता और उसकी पत्नी के खिलाफ उचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उनके परिवार, मकान और सम्मान की रक्षा की जाए, साथ ही उनसे लिया गया धन भी वापस दिलाया जाए। पीड़ित ने कहा है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो उनके जीवन और संपत्ति पर गंभीर संकट बना रहेगा।
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प्रेम स्वरूप अवस्थी के अनुसार, उन्होंने 4 जनवरी को आईजीआरएस के माध्यम से कथित अधिवक्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 7 जनवरी को प्रभारी निरीक्षक के बुलावे पर वह अपने पुत्र के साथ कोतवाली पहुंचे लेकिन वहां उनकी शिकायत सुनने के बजाय दूसरे पक्ष को तरजीह दी गई। आरोप है कि उनके साथ हुए अपराध के बावजूद उन्हें ही दोषी ठहराया गया।
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पीड़ित का कहना है कि कथित अधिवक्ता ने उनकी लाइसेंसी बंदूक अपने कब्जे में ले ली थी, जिसे बाद में कोतवाली में वापस कराया गया लेकिन उनके मकान पर लगाए गए ताले अब तक नहीं खुलवाए गए। उन्होंने आशंका जताई है कि मकान के मूल कागजातों के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति बेचने की साजिश रची जा रही है।
प्रेम स्वरूप अवस्थी ने यह भी आरोप लगाया कि कथित अधिवक्ता और उसकी पत्नी द्वारा उनके खिलाफ लगातार झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। 10 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर उनके, उनकी पत्नी और बड़े बेटे के खिलाफ जान से मारने और रुपये हड़पने के आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया, जबकि वह स्वयं इस पूरे मामले में पीड़ित हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में सेवानिवृत्त प्राध्यापक ने मांग की है कि कथित अधिवक्ता और उसकी पत्नी के खिलाफ उचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उनके परिवार, मकान और सम्मान की रक्षा की जाए, साथ ही उनसे लिया गया धन भी वापस दिलाया जाए। पीड़ित ने कहा है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो उनके जीवन और संपत्ति पर गंभीर संकट बना रहेगा।
