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Farrukhabad News: शौचालय घोटाले में एंटी करप्शन टीम ने डीपीआरओ से की पूछताछ
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 21 Jan 2026 12:49 AM IST
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फर्रुखाबाद। कायमगंज की ग्राम पंचायत इकलहरा में हुए शौचालय घोटाला के मामले में मंगलवार को एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक ने डीपीआरओ से उनके कार्यालय में पूछताछ की। उन्होंने शौचालय निर्माण की पत्रावली भी देखी।
स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत कायमगंज की ग्राम पंचायत इकलहरा में वर्ष 2016-17 में 512 व्यक्तिगत शौचालयों की धनराशि निकाली गई। एक शौचालय निर्माण के लिए शासन से 12 हजार रुपये का खर्च निर्धारित है। उस दौरान डीपीआरओ कार्यालय से सीधे ग्राम पंचायत के खाते में धनराशि ट्रांसफर की जाती थी। जियो टैगिंग कराने का भी प्रावधान नहीं था। इससे अधिकांश शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही धनराशि का गबन कर लिया गया।
इस मामले की शिकायत शासन से की गई। भ्रष्टाचार का मामला होने से एंटी करप्शन टीम को जांच सौंपी गई थी। जांच में गोलमाल पाए जाने पर जुलाई 2024 में तत्कालीन प्रधान व तत्कालीन सचिव के खिलाफ कंपिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसी मामले में मंगलवार को एंटी करप्शन टीम कानपुर के निरीक्षक विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे।
उन्हाेंने डीपीआरओ राजेश चौरसिया से पूरे मामले की जानकारी ली। धनराशि ट्रांसफर करने से लेकर खर्च करने के तरीके की भी जाना। इसके साथ ही उन्होंने शौचालय के लाभार्थियों की पत्रावली भी देखी। एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बड़ी संख्या में शौचालय मौके पर बने नहीं मिले हैं। फिलहाल कई बिंदुओं पर अभी छानबीन चल रही है। लाभार्थियों के बयान भी लिए जा रहे हैं। शीघ्र ही छानबीन पूरी करने के साथ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत कायमगंज की ग्राम पंचायत इकलहरा में वर्ष 2016-17 में 512 व्यक्तिगत शौचालयों की धनराशि निकाली गई। एक शौचालय निर्माण के लिए शासन से 12 हजार रुपये का खर्च निर्धारित है। उस दौरान डीपीआरओ कार्यालय से सीधे ग्राम पंचायत के खाते में धनराशि ट्रांसफर की जाती थी। जियो टैगिंग कराने का भी प्रावधान नहीं था। इससे अधिकांश शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही धनराशि का गबन कर लिया गया।
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इस मामले की शिकायत शासन से की गई। भ्रष्टाचार का मामला होने से एंटी करप्शन टीम को जांच सौंपी गई थी। जांच में गोलमाल पाए जाने पर जुलाई 2024 में तत्कालीन प्रधान व तत्कालीन सचिव के खिलाफ कंपिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसी मामले में मंगलवार को एंटी करप्शन टीम कानपुर के निरीक्षक विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे।
उन्हाेंने डीपीआरओ राजेश चौरसिया से पूरे मामले की जानकारी ली। धनराशि ट्रांसफर करने से लेकर खर्च करने के तरीके की भी जाना। इसके साथ ही उन्होंने शौचालय के लाभार्थियों की पत्रावली भी देखी। एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बड़ी संख्या में शौचालय मौके पर बने नहीं मिले हैं। फिलहाल कई बिंदुओं पर अभी छानबीन चल रही है। लाभार्थियों के बयान भी लिए जा रहे हैं। शीघ्र ही छानबीन पूरी करने के साथ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
