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Farrukhabad News: 132 केवी बिजली की लाइन के नीचे बना दिया 1.63 करोड़ का स्टेडियम
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फोटो-20 नवाबगंज के दुनाया मार्ग पर बने स्टेडियम के ऊपर से निकलती ट्रांसमिशन और हाईटेंशन लाइनें।
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फर्रुखाबाद। नगर पंचायत नवाबगंज के दुनाया मार्ग पर 1.63 करोड़ रुपये से बना स्टेडियम 132 हजार केवी बिजली लाइन के नीचे बना दिया। यही नहीं 11 हजार की लाइन भी अंदर से गुजर रही है। स्टेडियम में अब सिर्फ फिनिशिंग का काम ही शेष है। निर्माण करने वाला विभाग लाइन शिफ्टिंग के लिए बिजली विभाग को लिखने की बात कह रहे हैं। जबकि ट्रांसमिशन लाइन को शिफ्ट नहीं किया जा सकता। अब खेलों के समय खिलाड़ियों को खतरा उत्पन्न होने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
शासन की मंशा युवाओं को खेल के क्षेत्र में पारंगत करके प्रतिभाओं को ऊंचाई तक पहुंचाना है। इसी के तहत खेलो इंडिया बढ़ो इंडिया अभियान से नगर पंचायत नवाबगंज में 1 करोड़ 63 लाख 99 हजार रुपये से स्टेडियम बनाने की स्वीकृति मिली। नगर पंचायत ने स्टेडियम की जगह दुनाया मार्ग पर तय की। स्टेडियम के नाम जमीन भी हस्तांतरित हो गई। कार्यदायी संस्था ने जुलाई 2025 में निर्माण का काम शुरू किया। कार्यदायी संस्था ने फरवरी 2026 में फिनिशिंग को छोड़ काम पूरा कर दिया। निर्माण के दौरान जिले से लेकर संबंधित विभागों के अफसरों का आना-जाना लगा रहा। मगर किसी ने भी नियमानुसार कार्रवाई कराने की जरूरत नहीं समझी।
स्टेडियम निर्माण के दौरान ही कार्यदायी संस्था और जिम्मेदारों को पता था कि मुख्य गेट के दक्षिण की ओर 132 केवी की कभी भी शिफ्ट न होने वाली ट्रांसमिशन लाइन निकल रही है। इस लाइन के करीब 40-50 मीटर तार बाउंड्रीवॉल के अंदर से गुजर रहे हैं। यही नहीं 11केवी की लाइन भी गुजर रही है। इसके दो खंभे और करीब 150 मीटर लाइन का हिस्सा स्टेडियम में है। संबंधित विभाग 11केवी की लाइन को शिफ्ट करवा सकता है, मगर ट्रांसमिशन लाइन के नीचे बनाना पूरी तरह मनमानी प्रतीत होती है। (संवाद)
दमकल विभाग से नहीं ली प्रोविजनल स्वीकृति
प्रभारी जिला अग्निशमन अधिकारी प्रांशु अवस्थी ने बताया कि एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन होते हैं। भवन बनने से पहले प्रोविजनल और बाद में फाइनल एनओसी ली जाती है। उन्हें जल्द में ही चार्ज मिला है। ट्रांसमिशन लाइन के नीचे किसी भी परिसर को एनओसी नहीं मिल सकती। स्टेडियम की एनओसी का आवेदन आया या नहीं यह दिखवाएंगे।
शिफ्ट नहीं हो सकती ट्रांसमिशन लाइन: एसडीओ
एसडीओ ट्रांसमिशन हरिवंश कुंतल ने बताया कि ट्रांसमिशन लाइन शिफ्ट कराना आसान नहीं है। शासन से स्वीकृति लेकर मोटी रकम जमा करनी होती है। आवेदन पहले होना चाहिए। उनकी टीम लाइन की जांच करती रहती है। बाउंड्रीवॉल नीचे बना दी, तो अधीनस्थों की भी लापरवाही है। वह इसकी जांच कराएंगे।
11केवी की लाइन शिफ्ट करने का नहीं आया आवेदन
नवाबगंज उपकेंद्र के एसडीओ धर्मेंद्र कुमार राजपूत ने बताया कि 11केवी की लाइन शिफ्ट हो सकती है। मगर फिलहाल कोई आवेदन नहीं आया है। उसका एस्टीमेट जमा करने के बाद ही विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
उच्चाधिकारियों के निर्देश का किया पालन: एई
स्टेडियम निर्माण की देखरेख कर रहे पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता (जेई) अंकित कुमार ने बताया कि नापजोख के दौरान कुछ हिस्सा बिजली लाइन के नीचे आ रहा था। उस दौरान उच्चाधिकारियों ने कहा कि शिफ्ट करवा दी जाएगी। नगर पंचायत को लाइन शिफ्टिंग कराने के लिए कह दिया गया है। फिलहाल फिनिशिंग का काम शेष है।
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शासन की मंशा युवाओं को खेल के क्षेत्र में पारंगत करके प्रतिभाओं को ऊंचाई तक पहुंचाना है। इसी के तहत खेलो इंडिया बढ़ो इंडिया अभियान से नगर पंचायत नवाबगंज में 1 करोड़ 63 लाख 99 हजार रुपये से स्टेडियम बनाने की स्वीकृति मिली। नगर पंचायत ने स्टेडियम की जगह दुनाया मार्ग पर तय की। स्टेडियम के नाम जमीन भी हस्तांतरित हो गई। कार्यदायी संस्था ने जुलाई 2025 में निर्माण का काम शुरू किया। कार्यदायी संस्था ने फरवरी 2026 में फिनिशिंग को छोड़ काम पूरा कर दिया। निर्माण के दौरान जिले से लेकर संबंधित विभागों के अफसरों का आना-जाना लगा रहा। मगर किसी ने भी नियमानुसार कार्रवाई कराने की जरूरत नहीं समझी।
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स्टेडियम निर्माण के दौरान ही कार्यदायी संस्था और जिम्मेदारों को पता था कि मुख्य गेट के दक्षिण की ओर 132 केवी की कभी भी शिफ्ट न होने वाली ट्रांसमिशन लाइन निकल रही है। इस लाइन के करीब 40-50 मीटर तार बाउंड्रीवॉल के अंदर से गुजर रहे हैं। यही नहीं 11केवी की लाइन भी गुजर रही है। इसके दो खंभे और करीब 150 मीटर लाइन का हिस्सा स्टेडियम में है। संबंधित विभाग 11केवी की लाइन को शिफ्ट करवा सकता है, मगर ट्रांसमिशन लाइन के नीचे बनाना पूरी तरह मनमानी प्रतीत होती है। (संवाद)
दमकल विभाग से नहीं ली प्रोविजनल स्वीकृति
प्रभारी जिला अग्निशमन अधिकारी प्रांशु अवस्थी ने बताया कि एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन होते हैं। भवन बनने से पहले प्रोविजनल और बाद में फाइनल एनओसी ली जाती है। उन्हें जल्द में ही चार्ज मिला है। ट्रांसमिशन लाइन के नीचे किसी भी परिसर को एनओसी नहीं मिल सकती। स्टेडियम की एनओसी का आवेदन आया या नहीं यह दिखवाएंगे।
शिफ्ट नहीं हो सकती ट्रांसमिशन लाइन: एसडीओ
एसडीओ ट्रांसमिशन हरिवंश कुंतल ने बताया कि ट्रांसमिशन लाइन शिफ्ट कराना आसान नहीं है। शासन से स्वीकृति लेकर मोटी रकम जमा करनी होती है। आवेदन पहले होना चाहिए। उनकी टीम लाइन की जांच करती रहती है। बाउंड्रीवॉल नीचे बना दी, तो अधीनस्थों की भी लापरवाही है। वह इसकी जांच कराएंगे।
11केवी की लाइन शिफ्ट करने का नहीं आया आवेदन
नवाबगंज उपकेंद्र के एसडीओ धर्मेंद्र कुमार राजपूत ने बताया कि 11केवी की लाइन शिफ्ट हो सकती है। मगर फिलहाल कोई आवेदन नहीं आया है। उसका एस्टीमेट जमा करने के बाद ही विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
उच्चाधिकारियों के निर्देश का किया पालन: एई
स्टेडियम निर्माण की देखरेख कर रहे पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता (जेई) अंकित कुमार ने बताया कि नापजोख के दौरान कुछ हिस्सा बिजली लाइन के नीचे आ रहा था। उस दौरान उच्चाधिकारियों ने कहा कि शिफ्ट करवा दी जाएगी। नगर पंचायत को लाइन शिफ्टिंग कराने के लिए कह दिया गया है। फिलहाल फिनिशिंग का काम शेष है।

फोटो-20 नवाबगंज के दुनाया मार्ग पर बने स्टेडियम के ऊपर से निकलती ट्रांसमिशन और हाईटेंशन लाइनें।

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