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Farrukhabad News: बदले मौसम से आलू, सरसों की फसल को नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:32 AM IST
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फोटो-45 बारिश होने से खेत में गिरी सरसों की फसल। संवाद
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फर्रुखाबाद। मौसम के मिजाज बदलने आलू किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा रही हैं। बारिश से जहां आलू की खोदाई प्रभावित हुई, वहीं कई स्थानों पर सरसों की तैयार फसल भी गिर गई। यदि और बारिश हुई तो किसानों को बड़ा नुकसान होने की आशंका है। हालांकि बारिश से गेहूं व गन्ना की फसले में फायदा है।
जनपद में प्रमुख रूप से किसान आलू की खेती करते हैं। इस बार भाव की मंदी से किसान को आलू की फसल गच्चा दे गई। भंडारित आलू के घाटे से किसान उबर नहीं पाया और नए आलू की फसल में भी मंदी के चलते उसे लागत निकालना मुश्किल पड़ गया। इन दिनों खेतों में आलू की फसल तैयार है।
शुक्रवार देर शाम हुई बारिश से आलू की खोदाई पर ब्रेक लग गया। वहीं तेज हवा के साथ बारिश होने से कई स्थानों पर सरसों की फसल भी खेत में गिर गई है। इससे उत्पादन प्रभावित होना तय है। अभी आसमान में दिखाई दे रहे बादल किसानों की धड़कने बढ़ा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि बारिश और अधिक हुई तो खेत में ही आलू सड़ने लगेगा। यदि सरसों की फसल खेत में गिर गई तो उत्पादन आधा रह जाएगा। इससे किसान बड़े नुकसान की आशंका से काफी चिंतित हैं। जिले में किसान करीब 43 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में आलू की खेती करते हैं।
जिला कृषि उपनिदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि हल्की बारिश हुई और मौसम भी खुल गया। इससे किसी फसल में अभी कोई नुकसान नहीं है। गन्ना व गेहूं की फसल में फायदा है। बारिश होने से फिर सर्दी बढ़ने का अनुमान है। शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहा है। रविवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
पिछैती झुलसा लगने पर करें छिड़काव : कृषि वैज्ञानिक
फसल सुरक्षा कृषि वैज्ञानिक डॉ.अभिमन्यु यादव ने बताया कि बारिश आलू की फसल के लिए नुकसानदायक है। इसमें पिछैती फसल में झुलसा रोग की आशंका बढ़ जाती है। बताया कि बारिश से आलू व सरसों के अलावा चना, टमाटर, मटर, मसूर की फसल व सब्जी की पौध को भी नुकसान पहुंच सकता है। यदि अधिक बारिश हो तो किसान खेत में भरा पानी निकालते रहें। इससे नुकसान कुछ कम किया जा सकता है। पिछैती झुलसा से बचाव के लिए किसान आलू की फसल में मैंकोजेब 2.5 ग्राम अथवा कॉपर आक्सी क्लोराइड तीन ग्राम या साइमॉक्सोनिल तीन ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें।
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जनपद में प्रमुख रूप से किसान आलू की खेती करते हैं। इस बार भाव की मंदी से किसान को आलू की फसल गच्चा दे गई। भंडारित आलू के घाटे से किसान उबर नहीं पाया और नए आलू की फसल में भी मंदी के चलते उसे लागत निकालना मुश्किल पड़ गया। इन दिनों खेतों में आलू की फसल तैयार है।
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शुक्रवार देर शाम हुई बारिश से आलू की खोदाई पर ब्रेक लग गया। वहीं तेज हवा के साथ बारिश होने से कई स्थानों पर सरसों की फसल भी खेत में गिर गई है। इससे उत्पादन प्रभावित होना तय है। अभी आसमान में दिखाई दे रहे बादल किसानों की धड़कने बढ़ा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि बारिश और अधिक हुई तो खेत में ही आलू सड़ने लगेगा। यदि सरसों की फसल खेत में गिर गई तो उत्पादन आधा रह जाएगा। इससे किसान बड़े नुकसान की आशंका से काफी चिंतित हैं। जिले में किसान करीब 43 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में आलू की खेती करते हैं।
जिला कृषि उपनिदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि हल्की बारिश हुई और मौसम भी खुल गया। इससे किसी फसल में अभी कोई नुकसान नहीं है। गन्ना व गेहूं की फसल में फायदा है। बारिश होने से फिर सर्दी बढ़ने का अनुमान है। शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहा है। रविवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
पिछैती झुलसा लगने पर करें छिड़काव : कृषि वैज्ञानिक
फसल सुरक्षा कृषि वैज्ञानिक डॉ.अभिमन्यु यादव ने बताया कि बारिश आलू की फसल के लिए नुकसानदायक है। इसमें पिछैती फसल में झुलसा रोग की आशंका बढ़ जाती है। बताया कि बारिश से आलू व सरसों के अलावा चना, टमाटर, मटर, मसूर की फसल व सब्जी की पौध को भी नुकसान पहुंच सकता है। यदि अधिक बारिश हो तो किसान खेत में भरा पानी निकालते रहें। इससे नुकसान कुछ कम किया जा सकता है। पिछैती झुलसा से बचाव के लिए किसान आलू की फसल में मैंकोजेब 2.5 ग्राम अथवा कॉपर आक्सी क्लोराइड तीन ग्राम या साइमॉक्सोनिल तीन ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें।
