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Farrukhabad News: जलस्तर कम होने के बाद भी चित्रकूट डिप पर बह रहा बाढ़ का पानी
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फोटो-17 रामपुर में झोपड़ी में पानी भर जाने के बाद ड्रम में सामान भर कर लाता ग्रामीण । जागरूक पाठ
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अमृतपुर। गंगा के जलस्तर में बृहस्पतिवार को 136.95 से 15 सेंटीमीटर घटकर 136.80 मीटर पर पहुंच गया है। इसके बाद भी बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। अभी भी कई गांवों के रास्ते जलमग्न हैं। गांव में पानी भरा है। शमसाबाद-बदायूं मार्ग स्थित चित्रकूट डिप पर अभी भी पानी बहने से आवागमन पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है। नरौरा बांध से गंगा में 99,297 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। खतरे के निशान 137.10 और चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है।
तहसील क्षेत्र के गांव रामपुर, कुड़री बामियारी, करनपुर घाट, मंझा, ऊगरपुर, अंबरपुर और चित्रकूट बरुआ समेत कई गांवों में घरों के अंदर अब भी पानी भरा है। इससे लोगों को दैनिक कार्यों के साथ-साथ आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील क्षेत्र के 35 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर स्थित चित्रकूट डिप पर पानी का स्तर कुछ कम हुआ है लेकिन तेज बहाव से दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग की गई है लेकिन मौके पर वाहनों को रोकने के लिए कर्मचारी की तैनाती के बाद भी छोटे-बड़े वाहन लगातार पानी से गुजर रहे हैं। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है।
इनसेट
मार्ग जलमग्न, ट्रैक्टर-बैलगाड़ी के सहारे आवागमन को मजबूर ग्रामीण
शमसाबाद। गंगा की बाढ़ का पानी मार्गों पर भरने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। अचानकपुर गांव के लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण ट्रैक्टर और बैलगाड़ी के सहारे करीब दो किलोमीटर तक जलमग्न सड़क पार कर गांव गढ़िया हैबतपुर तक तक पहुंच रहे हैं। इसके बाद वहां से अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना होते हैं। सड़क पर तेज बहाव और घुटनों तक भरे पानी के बीच सफर करना जोखिम भरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी कम होने तक यही स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने और प्रभावित मार्ग पर नाव अथवा अन्य वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान जगन्नाथ ने बताया सड़क पर बाढ़ का पानी भरने आने-जाने में दिक्कत हो रही है कोई ट्रैक्टर से तो कोई बैलगाड़ी से जाने को मजबूर हैं।(संवाद)
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तहसील क्षेत्र के गांव रामपुर, कुड़री बामियारी, करनपुर घाट, मंझा, ऊगरपुर, अंबरपुर और चित्रकूट बरुआ समेत कई गांवों में घरों के अंदर अब भी पानी भरा है। इससे लोगों को दैनिक कार्यों के साथ-साथ आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील क्षेत्र के 35 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर स्थित चित्रकूट डिप पर पानी का स्तर कुछ कम हुआ है लेकिन तेज बहाव से दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग की गई है लेकिन मौके पर वाहनों को रोकने के लिए कर्मचारी की तैनाती के बाद भी छोटे-बड़े वाहन लगातार पानी से गुजर रहे हैं। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है।
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मार्ग जलमग्न, ट्रैक्टर-बैलगाड़ी के सहारे आवागमन को मजबूर ग्रामीण
शमसाबाद। गंगा की बाढ़ का पानी मार्गों पर भरने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। अचानकपुर गांव के लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण ट्रैक्टर और बैलगाड़ी के सहारे करीब दो किलोमीटर तक जलमग्न सड़क पार कर गांव गढ़िया हैबतपुर तक तक पहुंच रहे हैं। इसके बाद वहां से अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना होते हैं। सड़क पर तेज बहाव और घुटनों तक भरे पानी के बीच सफर करना जोखिम भरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी कम होने तक यही स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने और प्रभावित मार्ग पर नाव अथवा अन्य वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान जगन्नाथ ने बताया सड़क पर बाढ़ का पानी भरने आने-जाने में दिक्कत हो रही है कोई ट्रैक्टर से तो कोई बैलगाड़ी से जाने को मजबूर हैं।(संवाद)

फोटो-17 रामपुर में झोपड़ी में पानी भर जाने के बाद ड्रम में सामान भर कर लाता ग्रामीण । जागरूक पाठ- फोटो : 1

फोटो-17 रामपुर में झोपड़ी में पानी भर जाने के बाद ड्रम में सामान भर कर लाता ग्रामीण । जागरूक पाठ- फोटो : 1

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