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Farrukhabad News: 3.50 करोड़ की धोखाधड़ी में कंपनी के डायरेक्टर संग तीन पर प्राथमिकी
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फर्रुखाबाद। केंद्र सरकार की कौशल विकास प्रशिक्षण संचालित करने वाली कंपनी का डायरेक्टर बताकर एक ग्रामीण से साढ़े तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। मैनपुरी के बेवर निवासी मनोज कुमार दुबे ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी रविंद्र प्रताप सिंह भदौरिया और दो अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़ित को बैंक गारंटी नोटिस आने पर इस फर्जीवाड़े का पता चला।
रविंद्र प्रताप ने खुद को केंद्र सरकार की कौशल विकास प्रशिक्षण कंपनी का निदेशक बताया था। उसने मनोज कुमार दुबे से तीन लाख रुपये प्रतिमाह पर एक भवन किराए पर लिया। कई महीनों तक किराया न देने पर, रविंद्र ने मनोज को कंपनी में निदेशक बनने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद मनोज ने कंपनी में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का निवेश किया। रविंद्र ने दावा किया था कि कंपनी कई प्रदेशों में चल रही है। हालांकि, उसने मनोज को कोई लाभांश प्रदान नहीं किया। बाद में बैंक गारंटी का नोटिस मिलने पर मनोज को पता चला कि रविंद्र ने सभी प्रांतों में फर्जी बैंक गारंटी लगाई थी।
त्रिपुरा सरकार ने भी रविंद्र के खिलाफ फर्जी बैंक गारंटी लगाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। मनोज ने जब रविंद्र से निवेश के लाभांश और बैंक गारंटी के बारे में पूछा तो उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। रविंद्र ने पैसे हड़पने की बात कहते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित मनोज कुमार दुबे ने मऊदरवाजा थाने में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें इटावा के आवास विकास कॉलोनी निवासी रविंद्र प्रताप सिंह भदौरिया और दो अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।
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रविंद्र प्रताप ने खुद को केंद्र सरकार की कौशल विकास प्रशिक्षण कंपनी का निदेशक बताया था। उसने मनोज कुमार दुबे से तीन लाख रुपये प्रतिमाह पर एक भवन किराए पर लिया। कई महीनों तक किराया न देने पर, रविंद्र ने मनोज को कंपनी में निदेशक बनने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद मनोज ने कंपनी में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का निवेश किया। रविंद्र ने दावा किया था कि कंपनी कई प्रदेशों में चल रही है। हालांकि, उसने मनोज को कोई लाभांश प्रदान नहीं किया। बाद में बैंक गारंटी का नोटिस मिलने पर मनोज को पता चला कि रविंद्र ने सभी प्रांतों में फर्जी बैंक गारंटी लगाई थी।
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त्रिपुरा सरकार ने भी रविंद्र के खिलाफ फर्जी बैंक गारंटी लगाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। मनोज ने जब रविंद्र से निवेश के लाभांश और बैंक गारंटी के बारे में पूछा तो उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। रविंद्र ने पैसे हड़पने की बात कहते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित मनोज कुमार दुबे ने मऊदरवाजा थाने में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें इटावा के आवास विकास कॉलोनी निवासी रविंद्र प्रताप सिंह भदौरिया और दो अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।

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