सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Software issues cause 4,790 income, caste and residence certificates to be stuck

Farrukhabad News: सॉफ्टवेयर में दिक्कत, 4790 आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र फंसे

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2026 01:27 AM IST
विज्ञापन
Software issues cause 4,790 income, caste and residence certificates to be stuck
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। एक अप्रैल से सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी दिक्कत के चलते जिले की तीनों तहसीलों में 4,790 आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र फंस गए। इससे उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश समेत अन्य जरूरी कार्यों में आवेदकों को दिक्कत खड़ी हो गई। कई-कई दिन बाद 100-200 आवेदनों को स्वीकृति दी जा रही है। इससे लोग परेशान हैं। हालांकि जिम्मेदार तय समय 20 दिन में निस्तारण करने का दावा कर रहे हैं।
Trending Videos


सॉफ्टवेयर में दिक्कत और जिम्मेदार कर्मियों की लापरवाही के चलते जिले की तीनों तहसीलों में मूल निवास, जाति और आय प्रमाण पत्रों के आवेदन करने वाले परेशान घूम रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि सबसे अधिक कायमगंज तहसील में आय के 1105, जाति के 635 और मूल निवास के 70 समेत कुल 2448 आवेदन लंबित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी तरह सदर तहसील में आय के 743, जाति के 649 और मूल निवास के 750 आवेदन अभी भी नहीं बन सके। इसके अलावा अमृतपुर में मूल निवास के 85, आय के 68 और जाति के 57 आवेदकों के प्रमाण पत्र नहीं बन सके। तहसील सूत्र बताते हैं कि एक अप्रैल से सॉफ्टवेयर में तकनीकी दिक्कत आ रही है। इसी के चलते आवेदन पत्रावली डाउनलोड करने और रिपोर्ट चढ़ाने में काफी लेटलतीफी होती है। लेखपालों के पास अधिक काम के चलते भी रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। लेटलतीफी के चलते आवेदकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

आवेदकों को फोन कर बुलाते हैं लेखपालों के सहयोगी
जिले में अधिकांश लेखपाल अपने साथ दो से तीन निजी सहायक रखते हैं। लेखपाल बड़े कामों में व्यस्त रहते हैं, जबकि रिपोर्ट लगाने और मौके पर जाकर जांच करने का जिम्मा इन्हीं सहयोगी के पास होता है। सहयोगी आवेदकों को फोन करके अपने पास बुलाते हैं। उन्हें तरह-तरह से परेशान किया जाता है। आय अधिक दिखाने के नाम पर हड़काया जाता है। अधिकांश लोग सिस्टम से गुजरकर अपना काम करवाने में ही विश्वास रखते हैं।
लेखपाल के बिचौलिये ने किया फोन, नहीं बना आय प्रमाण पत्र

अमृतपुर तहसील के गांव पिथनापुर निवासी शिवानी सिंह ने बताया कि उन्होंने 10 अप्रैल को आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। तीन-चार दिन बाद लेखपाल के बिचौलिए ने पति को फोन कर मिलने की बात कही। इसकी जानकारी जब एसडीएम को दी गई तो उन्होंने आईडी में कुछ दिक्कत होने की बात कही। अभी तक न तो प्रमाण पत्र बनाया और न ही निरस्त किया। 27 अप्रैल को एक फार्म भरना है।
वर्जन
प्रमाण पत्र बनने में कोई दिक्कत नहीं है। प्रमाण पत्र बनने का 20 दिन का समय होता है। इस समय सीमा में सभी बनाकर दिए जा रहे हैं। -अतुल कुमार सिंह, एसडीएम, कायमगंज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed