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Farrukhabad News: सॉफ्टवेयर में दिक्कत, 4790 आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र फंसे
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फर्रुखाबाद। एक अप्रैल से सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी दिक्कत के चलते जिले की तीनों तहसीलों में 4,790 आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र फंस गए। इससे उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश समेत अन्य जरूरी कार्यों में आवेदकों को दिक्कत खड़ी हो गई। कई-कई दिन बाद 100-200 आवेदनों को स्वीकृति दी जा रही है। इससे लोग परेशान हैं। हालांकि जिम्मेदार तय समय 20 दिन में निस्तारण करने का दावा कर रहे हैं।
सॉफ्टवेयर में दिक्कत और जिम्मेदार कर्मियों की लापरवाही के चलते जिले की तीनों तहसीलों में मूल निवास, जाति और आय प्रमाण पत्रों के आवेदन करने वाले परेशान घूम रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि सबसे अधिक कायमगंज तहसील में आय के 1105, जाति के 635 और मूल निवास के 70 समेत कुल 2448 आवेदन लंबित हैं।
इसी तरह सदर तहसील में आय के 743, जाति के 649 और मूल निवास के 750 आवेदन अभी भी नहीं बन सके। इसके अलावा अमृतपुर में मूल निवास के 85, आय के 68 और जाति के 57 आवेदकों के प्रमाण पत्र नहीं बन सके। तहसील सूत्र बताते हैं कि एक अप्रैल से सॉफ्टवेयर में तकनीकी दिक्कत आ रही है। इसी के चलते आवेदन पत्रावली डाउनलोड करने और रिपोर्ट चढ़ाने में काफी लेटलतीफी होती है। लेखपालों के पास अधिक काम के चलते भी रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। लेटलतीफी के चलते आवेदकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आवेदकों को फोन कर बुलाते हैं लेखपालों के सहयोगी
जिले में अधिकांश लेखपाल अपने साथ दो से तीन निजी सहायक रखते हैं। लेखपाल बड़े कामों में व्यस्त रहते हैं, जबकि रिपोर्ट लगाने और मौके पर जाकर जांच करने का जिम्मा इन्हीं सहयोगी के पास होता है। सहयोगी आवेदकों को फोन करके अपने पास बुलाते हैं। उन्हें तरह-तरह से परेशान किया जाता है। आय अधिक दिखाने के नाम पर हड़काया जाता है। अधिकांश लोग सिस्टम से गुजरकर अपना काम करवाने में ही विश्वास रखते हैं।
लेखपाल के बिचौलिये ने किया फोन, नहीं बना आय प्रमाण पत्र
अमृतपुर तहसील के गांव पिथनापुर निवासी शिवानी सिंह ने बताया कि उन्होंने 10 अप्रैल को आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। तीन-चार दिन बाद लेखपाल के बिचौलिए ने पति को फोन कर मिलने की बात कही। इसकी जानकारी जब एसडीएम को दी गई तो उन्होंने आईडी में कुछ दिक्कत होने की बात कही। अभी तक न तो प्रमाण पत्र बनाया और न ही निरस्त किया। 27 अप्रैल को एक फार्म भरना है।
वर्जन
प्रमाण पत्र बनने में कोई दिक्कत नहीं है। प्रमाण पत्र बनने का 20 दिन का समय होता है। इस समय सीमा में सभी बनाकर दिए जा रहे हैं। -अतुल कुमार सिंह, एसडीएम, कायमगंज
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सॉफ्टवेयर में दिक्कत और जिम्मेदार कर्मियों की लापरवाही के चलते जिले की तीनों तहसीलों में मूल निवास, जाति और आय प्रमाण पत्रों के आवेदन करने वाले परेशान घूम रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि सबसे अधिक कायमगंज तहसील में आय के 1105, जाति के 635 और मूल निवास के 70 समेत कुल 2448 आवेदन लंबित हैं।
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इसी तरह सदर तहसील में आय के 743, जाति के 649 और मूल निवास के 750 आवेदन अभी भी नहीं बन सके। इसके अलावा अमृतपुर में मूल निवास के 85, आय के 68 और जाति के 57 आवेदकों के प्रमाण पत्र नहीं बन सके। तहसील सूत्र बताते हैं कि एक अप्रैल से सॉफ्टवेयर में तकनीकी दिक्कत आ रही है। इसी के चलते आवेदन पत्रावली डाउनलोड करने और रिपोर्ट चढ़ाने में काफी लेटलतीफी होती है। लेखपालों के पास अधिक काम के चलते भी रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। लेटलतीफी के चलते आवेदकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आवेदकों को फोन कर बुलाते हैं लेखपालों के सहयोगी
जिले में अधिकांश लेखपाल अपने साथ दो से तीन निजी सहायक रखते हैं। लेखपाल बड़े कामों में व्यस्त रहते हैं, जबकि रिपोर्ट लगाने और मौके पर जाकर जांच करने का जिम्मा इन्हीं सहयोगी के पास होता है। सहयोगी आवेदकों को फोन करके अपने पास बुलाते हैं। उन्हें तरह-तरह से परेशान किया जाता है। आय अधिक दिखाने के नाम पर हड़काया जाता है। अधिकांश लोग सिस्टम से गुजरकर अपना काम करवाने में ही विश्वास रखते हैं।
लेखपाल के बिचौलिये ने किया फोन, नहीं बना आय प्रमाण पत्र
अमृतपुर तहसील के गांव पिथनापुर निवासी शिवानी सिंह ने बताया कि उन्होंने 10 अप्रैल को आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। तीन-चार दिन बाद लेखपाल के बिचौलिए ने पति को फोन कर मिलने की बात कही। इसकी जानकारी जब एसडीएम को दी गई तो उन्होंने आईडी में कुछ दिक्कत होने की बात कही। अभी तक न तो प्रमाण पत्र बनाया और न ही निरस्त किया। 27 अप्रैल को एक फार्म भरना है।
वर्जन
प्रमाण पत्र बनने में कोई दिक्कत नहीं है। प्रमाण पत्र बनने का 20 दिन का समय होता है। इस समय सीमा में सभी बनाकर दिए जा रहे हैं। -अतुल कुमार सिंह, एसडीएम, कायमगंज

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