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Farrukhabad News: पूर्व प्रधान ने शिक्षिका को दी धमकी, तहसील में एसडीएम से 60 बच्चों ने की शिकायत
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फोटो-30 ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठे जूनियर हाईस्कूल बिरसिंहपुर के बच्चे। स्रोत: जागरूक पाठक
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अमृतपुर। जेन-जी के बाद अब परिषदीय स्कूलों के बच्चे भी अपनी शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक होने लगे हैं। राजेपुर ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल बिरसिंहपुर के करीब 60 छात्र-छात्राएं बुधवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली से तहसील जा पहुंचे। उन्होंने पूर्व प्रधान की धमकी से घबराकर शिक्षिका के स्कूल से चले जाने पर नाराजगी जताई। एसडीएम ने बीएसए को सूचना दी। कुछ ही देर में खंड शिक्षाधिकारी ने पहुंचकर बच्चों से बातचीत की। आश्वासन पर बच्चे घर चले गए।
देश की राजधानी दिल्ली के बाद कई प्रदेशों में अपने अधिकारों को लेकर जेन-जी आंदोलन करने में जुटे हैं। बुधवार को बिरसिंहपुर जूनियर हाईस्कूल के 60 बच्चे ट्रैक्टर-ट्रॉली से तहसील जा पहुंचे। उन्होंने एसडीएम श्वेता साहू से मिलकर कहा कि स्कूल की शिक्षिका नीलम राठौर को गांव के पूर्व प्रधान ने पूर्व में दर्ज कराए गए मुकदमे को वापस लेने के लिए धमकी दी है। इससे घबराकर शिक्षिका स्कूल में शिक्षण कार्य बंद कर लंबे अवकाश पर चली गईं। शिक्षण कार्य बंद होने से उन लोगों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। एसडीएम ने बच्चों के पूछा कि उन्हें यहां लेकर कौन आया, इस पर कहा कि वह खुद ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर आए हैं।
एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देख बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा। बीएसए के आदेश पर खंड शिक्षाधिकारी राजीव कुमार श्रीवास्तव तहसील पहुंचे। उन्होंने बच्चों से बात की। उनके साथ आए रसोइया व ग्रामीणों से भी जानकारी हासिल की।
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खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षिका ने वर्ष 2022 में पूर्व प्रधान व प्रधान श्यामू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि स्कूल का हैंडपंप सही कराने के लिए प्रधान से कहा था। उन्होंने हैंडपंप सही नहीं कराया था। पंचायत घर के हैंडपंप पर बच्चे पानी पीने गए थे, तभी विवाद हुआ। उस मुकदमे को वापस लेने के लिए पूर्व प्रधान दबाव बना रहा है। शिक्षिका को दो दिन पहले पूर्व प्रधान ने रास्ते में रोक कर धमकी दी थी। छात्र-छात्राओं को तहसील कौन लाया, इसकी जानकारी नहीं है।
शिक्षिका नीलम राठौर ने बताया कि उन्होंने धमकी देने की प्राथमिकी लिखाई थी। उसे वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। अपनी सुरक्षा को लेकर मजबूरी में अवकाश लिया है। एसडीएम श्वेता साहू ने कहा कि उन्होंने बच्चों की बात सुन ली है। जांच कराएंगे। इसके बाद दोषी पर कार्रवाई होगी।
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देश की राजधानी दिल्ली के बाद कई प्रदेशों में अपने अधिकारों को लेकर जेन-जी आंदोलन करने में जुटे हैं। बुधवार को बिरसिंहपुर जूनियर हाईस्कूल के 60 बच्चे ट्रैक्टर-ट्रॉली से तहसील जा पहुंचे। उन्होंने एसडीएम श्वेता साहू से मिलकर कहा कि स्कूल की शिक्षिका नीलम राठौर को गांव के पूर्व प्रधान ने पूर्व में दर्ज कराए गए मुकदमे को वापस लेने के लिए धमकी दी है। इससे घबराकर शिक्षिका स्कूल में शिक्षण कार्य बंद कर लंबे अवकाश पर चली गईं। शिक्षण कार्य बंद होने से उन लोगों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। एसडीएम ने बच्चों के पूछा कि उन्हें यहां लेकर कौन आया, इस पर कहा कि वह खुद ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर आए हैं।
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एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देख बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा। बीएसए के आदेश पर खंड शिक्षाधिकारी राजीव कुमार श्रीवास्तव तहसील पहुंचे। उन्होंने बच्चों से बात की। उनके साथ आए रसोइया व ग्रामीणों से भी जानकारी हासिल की।
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खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षिका ने वर्ष 2022 में पूर्व प्रधान व प्रधान श्यामू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि स्कूल का हैंडपंप सही कराने के लिए प्रधान से कहा था। उन्होंने हैंडपंप सही नहीं कराया था। पंचायत घर के हैंडपंप पर बच्चे पानी पीने गए थे, तभी विवाद हुआ। उस मुकदमे को वापस लेने के लिए पूर्व प्रधान दबाव बना रहा है। शिक्षिका को दो दिन पहले पूर्व प्रधान ने रास्ते में रोक कर धमकी दी थी। छात्र-छात्राओं को तहसील कौन लाया, इसकी जानकारी नहीं है।
शिक्षिका नीलम राठौर ने बताया कि उन्होंने धमकी देने की प्राथमिकी लिखाई थी। उसे वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। अपनी सुरक्षा को लेकर मजबूरी में अवकाश लिया है। एसडीएम श्वेता साहू ने कहा कि उन्होंने बच्चों की बात सुन ली है। जांच कराएंगे। इसके बाद दोषी पर कार्रवाई होगी।

फोटो-30 ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठे जूनियर हाईस्कूल बिरसिंहपुर के बच्चे। स्रोत: जागरूक पाठक