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Farrukhabad News: चेतावनी बिंदु से 50 सेंटीमीटर दूर गंगा, तटीय गांवों में बाढ़ की आशंका
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फोटो-26, पांचाल घाट पर गंगा का जलस्तर दर्शाता पैमाना। संवाद
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फर्रुखाबाद। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और ऊपरी बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 75 सेंटीमीटर बढ़कर 136.10 मीटर पर पहुंच गया है। नदी अब चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से सिर्फ 50 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
जलस्तर में लगातार वृद्धि से तटीय गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। गंगा किनारे तेज कटान शुरू होने से किसानों और ग्रामीणों की चिंता भी गहरी हो गई है। सिंचाई विभाग के अनुसार, रविवार को नरौरा बांध से 57,612 क्यूसेक, हरिद्वार से 51,049 क्यूसेक और बिजनौर से 68,272 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। रामगंगा नदी में खो, हरेली और रामनगर बांधों से 10,733 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। फिलहाल रामगंगा का जलस्तर बिलो गेज है।
हालांकि, बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण इसमें भी तेजी से बढ़ोतरी की संभावना है। बढ़ते जलस्तर का असर गंगा किनारे साफ दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर कटान तेज हो गया है। मिट्टी के साथ जलकुंभी और अन्य जलीय वनस्पतियां तेज बहाव में बह रही हैं।
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गंगा के घाटों पर भी पानी पहुंचने लगा है। गंगापुत्र अपने अस्थायी ढांचे और सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। तटवर्ती गांवों के लोगों ने भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दूर्ण कुमार ने बताया कि ऊपरी क्षेत्रों में वर्षा और बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गंगा और रामगंगा दोनों नदियों के जलस्तर में अभी और वृद्धि हो सकती है। उन्होंने तटीय क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन भी जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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जलस्तर में लगातार वृद्धि से तटीय गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। गंगा किनारे तेज कटान शुरू होने से किसानों और ग्रामीणों की चिंता भी गहरी हो गई है। सिंचाई विभाग के अनुसार, रविवार को नरौरा बांध से 57,612 क्यूसेक, हरिद्वार से 51,049 क्यूसेक और बिजनौर से 68,272 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। रामगंगा नदी में खो, हरेली और रामनगर बांधों से 10,733 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। फिलहाल रामगंगा का जलस्तर बिलो गेज है।
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हालांकि, बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण इसमें भी तेजी से बढ़ोतरी की संभावना है। बढ़ते जलस्तर का असर गंगा किनारे साफ दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर कटान तेज हो गया है। मिट्टी के साथ जलकुंभी और अन्य जलीय वनस्पतियां तेज बहाव में बह रही हैं।
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गंगा के घाटों पर भी पानी पहुंचने लगा है। गंगापुत्र अपने अस्थायी ढांचे और सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। तटवर्ती गांवों के लोगों ने भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दूर्ण कुमार ने बताया कि ऊपरी क्षेत्रों में वर्षा और बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गंगा और रामगंगा दोनों नदियों के जलस्तर में अभी और वृद्धि हो सकती है। उन्होंने तटीय क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन भी जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।

फोटो-26, पांचाल घाट पर गंगा का जलस्तर दर्शाता पैमाना। संवाद