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Farrukhabad News: बंदर की घुड़की पर छत से गिरे मौरंग व्यापारी की मौत
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फोटो-29, जगदीश चंद्र यादव। फाइल फोटो
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फर्रुखाबाद। कादरीगेट थाने के देवरामपुर क्रासिंग के पास एक गिट्टी मौरंग व्यापारी पर बंदर ने हमला कर दिया। व्यापारी पानी की टंकी की लीकेज देखते समय तीन मंजिल से नीचे खाली प्लॉट में जा गिरे। घटना के बाद उनके पुत्र और परिजनों ने उन्हें मृत पाया। देर शाम परिजनों ने थाना पुलिस को सूचना दी।
ठंडी सड़क आईटीआई चौराहा निवासी जगदीश चंद्र यादव (53) गिट्टी मौरंग का कारोबार करते थे। उनका फैशन वर्ल्ड नाम से एक शोरूम भी है। दोपहर करीब तीन बजे उनके पुत्र ने छत पर टंकी से पानी लीक होने की जानकारी दी। जगदीश चंद्र तीसरी मंजिल पर टंकी देखने गए, तभी एक बड़े बंदर ने उन पर हमला कर दिया। बचाव के प्रयास में वह खाली प्लॉट में गिर गए। पुत्र प्रदुम्न और शोरूम के कर्मचारी उन्हें घर ले गए, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। जगदीश चंद्र के परिवार में पत्नी सर्वेश कुमारी, दो पुत्र प्रद्युम्न, हिम्मत सिंह और दो पुत्रियां प्रियंका व संध्या हैं। पूर्व सभासद श्यामसुंदर वर्मा ने परिजनों के साथ थाने में शव के पोस्टमार्टम की सूचना दी है।
तीन माह में बंदरों के हमले से दो मौतें, जिम्मेदार बेफिक्र
फर्रुखाबाद। जिले में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। पिछले तीन महीने में बंदरों के हमले से दो लोगों की जान जा चुकी है। सैकड़ों लोग बंदरों के काटने से घायल होकर अस्पतालों में वैक्सीन लगवा रहे हैं। प्रशासन इस समस्या के समाधान को लेकर बेफिक्र दिख रहा है।
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शमसाबाद थाना क्षेत्र के रमापुर जसू निवासी नीरज सक्सेना (35) की जुलाई के प्रथम सप्ताह में मौत हो गई थी। छत पर बंदरों के हमले से घबराकर वह नीचे गिर गए थे। गंभीर रूप से घायल नीरज को कानपुर ले जाया गया, जहां सात जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। खुड़नाखार में 14 फरवरी को चंद्रशेखर की पत्नी वीरवती गंगवार (75) की भी बंदरों के हमले से मौत हो गई थी। छत पर चना सुखाते समय बंदरों के झुंड ने उन पर हमला किया, जिससे संतुलन बिगड़ने पर वह गली में गिर गईं और उनकी मौत हो गई। जुलाई में कमालगंज में एक 30 साल के ग्रामीण को बंदरों ने घायल कर दिया था। जून में शमसाबाद के बरई गांव में एक 80 साल के बुजुर्ग पर भी बंदरों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इन दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। जिले की सीएचसी और लोहिया अस्पताल में बंदर काटने के बाद वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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ठंडी सड़क आईटीआई चौराहा निवासी जगदीश चंद्र यादव (53) गिट्टी मौरंग का कारोबार करते थे। उनका फैशन वर्ल्ड नाम से एक शोरूम भी है। दोपहर करीब तीन बजे उनके पुत्र ने छत पर टंकी से पानी लीक होने की जानकारी दी। जगदीश चंद्र तीसरी मंजिल पर टंकी देखने गए, तभी एक बड़े बंदर ने उन पर हमला कर दिया। बचाव के प्रयास में वह खाली प्लॉट में गिर गए। पुत्र प्रदुम्न और शोरूम के कर्मचारी उन्हें घर ले गए, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। जगदीश चंद्र के परिवार में पत्नी सर्वेश कुमारी, दो पुत्र प्रद्युम्न, हिम्मत सिंह और दो पुत्रियां प्रियंका व संध्या हैं। पूर्व सभासद श्यामसुंदर वर्मा ने परिजनों के साथ थाने में शव के पोस्टमार्टम की सूचना दी है।
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तीन माह में बंदरों के हमले से दो मौतें, जिम्मेदार बेफिक्र
फर्रुखाबाद। जिले में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। पिछले तीन महीने में बंदरों के हमले से दो लोगों की जान जा चुकी है। सैकड़ों लोग बंदरों के काटने से घायल होकर अस्पतालों में वैक्सीन लगवा रहे हैं। प्रशासन इस समस्या के समाधान को लेकर बेफिक्र दिख रहा है।
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शमसाबाद थाना क्षेत्र के रमापुर जसू निवासी नीरज सक्सेना (35) की जुलाई के प्रथम सप्ताह में मौत हो गई थी। छत पर बंदरों के हमले से घबराकर वह नीचे गिर गए थे। गंभीर रूप से घायल नीरज को कानपुर ले जाया गया, जहां सात जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। खुड़नाखार में 14 फरवरी को चंद्रशेखर की पत्नी वीरवती गंगवार (75) की भी बंदरों के हमले से मौत हो गई थी। छत पर चना सुखाते समय बंदरों के झुंड ने उन पर हमला किया, जिससे संतुलन बिगड़ने पर वह गली में गिर गईं और उनकी मौत हो गई। जुलाई में कमालगंज में एक 30 साल के ग्रामीण को बंदरों ने घायल कर दिया था। जून में शमसाबाद के बरई गांव में एक 80 साल के बुजुर्ग पर भी बंदरों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इन दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। जिले की सीएचसी और लोहिया अस्पताल में बंदर काटने के बाद वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।