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Farrukhabad News: 241.90 लाख से कुठिला झील का होगा विकास
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Fri, 27 Mar 2026 02:08 AM IST
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फोटो-4 बदायूं मार्ग पर स्थित कुठिला झील के निरीक्षण के दौरान जानकारी करते डीएम आशुतोष कुमार द्व
- फोटो : Samvad
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अमृतपुर। तहसील क्षेत्र के गांव नगला हूसा स्थित कुठिला झील को ईको पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने झील का निरीक्षण कर प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की।
गांव नगला हूसा में बदायूं मार्ग पर स्थित कुठिला झील करीब 4,650 हेक्टेयर में फैली है। पर्यटन विभाग द्वारा झील के विकास के लिए लगभग 241.90 लाख रुपये की परियोजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत झील क्षेत्र में पाथ-वे, बैठने की व्यवस्था, प्रवेश द्वार, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता एवं सुरक्षा के बेहतर प्रबंध किए जाएंगे। जिससे पर्यटकों को आकर्षक और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
डीएम ने निर्देश दिए कि ईको पर्यटन विकास के दौरान प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। झील को इस प्रकार विकसित किया जाए कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे और पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिले। कहा कि परियोजना को निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, झील पर हर साल साइबेरियन पक्षियों का आगमन होता है। इससे इसका महत्व बढ़ जाता है।
परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ें और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हों। इस दौरान डीएफओ राजीव कुमार, बीडीओ सुनील कुमार जायसवाल, अनिल कुमार सिंह, प्रधान रामवरण सक्सेना, पूर्व प्रधान प्रबल प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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गांव नगला हूसा में बदायूं मार्ग पर स्थित कुठिला झील करीब 4,650 हेक्टेयर में फैली है। पर्यटन विभाग द्वारा झील के विकास के लिए लगभग 241.90 लाख रुपये की परियोजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत झील क्षेत्र में पाथ-वे, बैठने की व्यवस्था, प्रवेश द्वार, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता एवं सुरक्षा के बेहतर प्रबंध किए जाएंगे। जिससे पर्यटकों को आकर्षक और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
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डीएम ने निर्देश दिए कि ईको पर्यटन विकास के दौरान प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। झील को इस प्रकार विकसित किया जाए कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे और पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिले। कहा कि परियोजना को निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, झील पर हर साल साइबेरियन पक्षियों का आगमन होता है। इससे इसका महत्व बढ़ जाता है।
परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ें और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हों। इस दौरान डीएफओ राजीव कुमार, बीडीओ सुनील कुमार जायसवाल, अनिल कुमार सिंह, प्रधान रामवरण सक्सेना, पूर्व प्रधान प्रबल प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।