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मक्का : बंपर उत्पादन के बीच खरीद के लिए बने मात्र तीन केंद्र
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फोटो-4 नवाबगंज में सड़क किनारे फैला मक्का। संवाद
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फर्रुखाबाद। जनपद में 1,06,933 हेक्टेयर में गर्मी में होने वाली मक्का की फसल बोई गई। 5,98,825 मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है। जबकि सरकारी खरीद का लक्ष्य महज 3,300 मीट्रिक टन है। 15 जून को तीन सरकारी खरीद केंद्र खोले गए। लेकिन एनआईसी में बारदाना की फीडिंग न हो पाने और आवंटित न होने से आठ दिन बाद सोमवार को कायमगंज केंद्र पर ही खरीद शुरू हो सकी। सातनपुर और राजेपुर केंद्र के किसान अभी चक्कर ही लगा रहे हैं। वे चार सौ रुपये प्रति क्विंटल का घाटा उठाकर मंडी में 2,000 रुपये प्रति क्विंटल पर मक्का बेचने को मजबूर हैं।
दो साल से आलू व धान में किसानों को घाटा हो रहा है। इस बार सरकार ने मक्का 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की घोषणा की तो किसान खुश हो गए। लेकिन, केवल तहसील स्तर पर फर्रुखाबाद, कायमगंज व राजेपुर में क्रय केंद्र बनाए गए। यहां 15 जून से सरकारी खरीद शुरू होनी थी। सोमवार को आठ दिन हो गए, लेकिन केवल कायमगंज में खरीद की बोहनी हो पाई।
भाजपा जिलाध्यक्ष के ब्लाक में भी खरीद केंद्र नहीं बना
- 118 ग्राम पंचायत वाले कमालगंज ब्लाक में भी मक्का खरीद केंद्र नहीं बनाया गया। यह ब्लाक भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र राजपूत का गृह क्षेत्र है। 2025 में यहां धान खरीद केंद्र भी नहीं बना था। 2026 में गेहूं खरीद केंद्र बनने पर लोगों को उम्मीद थी कि मक्का का केंद्र भी बनेगा, पर ऐसा नहीं हुआ। भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि कमालगंज में क्यों सरकारी खरीद केंद्र नहीं बना, इसकी जानकारी की जाएगी।
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6-7 क्विंटल रह गई पैदावार
-ककरैया निवासी उन्नतिशील किसान शरद कुमार का कहना है कि गत वर्षों में आठ से नौ क्विंटल बीघा तक मक्का पैदा होता था। इस बार पैदावार घटकर छह से सात क्विंटल रह गई। पिछले साल 2100 रुपये क्विंटल भाव था। इस बार 1900 से शुरू होकर अब दो हजार रुपये प्रति क्विंटल पहुंच पाया है। यदि एमएसपी पर किसानों का मक्का ले लिया जाए तो वह आलू का घाटा भूल जाएगा और मक्का में जो पैदावार कम निकल रही है, उसकी भरपाई भी हो जाएगी।
1.7 लाख हेक्टेयर में 60 लाख क्विंटल उत्पादन
- उप निदेशक कृषि डॉ. अरविंद मोहन का कहना है कि इस बार जायद (गर्मी) के मक्का का रकबा बढ़कर 1,06,933 हेक्टेयर हो गया है। 5,98,825 मीट्रिक टन यानी करीब 60 लाख क्विंटल मक्का उत्पादन का अनुमान है। खुला मौसम होने से मक्का की कटाई, खंदाई व सुखाई में किसानों को आसानी हो रही है।
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राजेपुर व सातनपुर केंद्र पर शुरू न हो सकी खरीद : सातनपुर मंडी में आढ़तों पर मक्का की भरमार है। वहीं, डिप्टी आरएमओ रोली सिंह ने बताया कि एनआईसी से बारदाना आवंटित न हो पाने से खरीद प्रक्रिया में देरी हो रही है। सातनपुर मंडी व राजेपुर में भी अब मक्का की खरीद शुरू हो जाएगी।
दो साल से आलू व धान में किसानों को घाटा हो रहा है। इस बार सरकार ने मक्का 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की घोषणा की तो किसान खुश हो गए। लेकिन, केवल तहसील स्तर पर फर्रुखाबाद, कायमगंज व राजेपुर में क्रय केंद्र बनाए गए। यहां 15 जून से सरकारी खरीद शुरू होनी थी। सोमवार को आठ दिन हो गए, लेकिन केवल कायमगंज में खरीद की बोहनी हो पाई।
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भाजपा जिलाध्यक्ष के ब्लाक में भी खरीद केंद्र नहीं बना
- 118 ग्राम पंचायत वाले कमालगंज ब्लाक में भी मक्का खरीद केंद्र नहीं बनाया गया। यह ब्लाक भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र राजपूत का गृह क्षेत्र है। 2025 में यहां धान खरीद केंद्र भी नहीं बना था। 2026 में गेहूं खरीद केंद्र बनने पर लोगों को उम्मीद थी कि मक्का का केंद्र भी बनेगा, पर ऐसा नहीं हुआ। भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि कमालगंज में क्यों सरकारी खरीद केंद्र नहीं बना, इसकी जानकारी की जाएगी।
6-7 क्विंटल रह गई पैदावार
-ककरैया निवासी उन्नतिशील किसान शरद कुमार का कहना है कि गत वर्षों में आठ से नौ क्विंटल बीघा तक मक्का पैदा होता था। इस बार पैदावार घटकर छह से सात क्विंटल रह गई। पिछले साल 2100 रुपये क्विंटल भाव था। इस बार 1900 से शुरू होकर अब दो हजार रुपये प्रति क्विंटल पहुंच पाया है। यदि एमएसपी पर किसानों का मक्का ले लिया जाए तो वह आलू का घाटा भूल जाएगा और मक्का में जो पैदावार कम निकल रही है, उसकी भरपाई भी हो जाएगी।
1.7 लाख हेक्टेयर में 60 लाख क्विंटल उत्पादन
- उप निदेशक कृषि डॉ. अरविंद मोहन का कहना है कि इस बार जायद (गर्मी) के मक्का का रकबा बढ़कर 1,06,933 हेक्टेयर हो गया है। 5,98,825 मीट्रिक टन यानी करीब 60 लाख क्विंटल मक्का उत्पादन का अनुमान है। खुला मौसम होने से मक्का की कटाई, खंदाई व सुखाई में किसानों को आसानी हो रही है।
राजेपुर व सातनपुर केंद्र पर शुरू न हो सकी खरीद : सातनपुर मंडी में आढ़तों पर मक्का की भरमार है। वहीं, डिप्टी आरएमओ रोली सिंह ने बताया कि एनआईसी से बारदाना आवंटित न हो पाने से खरीद प्रक्रिया में देरी हो रही है। सातनपुर मंडी व राजेपुर में भी अब मक्का की खरीद शुरू हो जाएगी।