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Farrukhabad News: गवाह की हत्या में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 12:53 AM IST
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Two accused arrested and sent to jail for the murder of a witness.
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कायमगंज। छह साल पुराने हत्याकांड के गवाह रहे दीपचंद्र उर्फ पंखिया की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया। मुख्य आरोपी रोहित उर्फ भीमा को पहले ही पकड़ लिया गया था। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसके साथी बालकिशन को भी दबोच लिया। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।


कोतवाली क्षेत्र के गांव चिलसरी निवासी दीपचंद्र (30) का शव शनिवार रात गांव के वीरबल शाक्य के आम के बाग में पेड़ से लटका मिला था। शरीर पर चोट के निशान थे और शव खून से लथपथ था। भाई शिवोज ने गांव के रोहित उर्फ भीमा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने भीमा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले में बालकिशन की भूमिका भी सामने आ गई।
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जांच में पता चला कि वर्ष 2020 में गांव के झम्मन की हत्या में रोहित उर्फ भीमा आरोपी था और दीपचंद्र उस मुकदमे का मुख्य गवाह था। इसी के चलते दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था। घटना वाले दिन रोहित, दीपचंद्र और बालकिशन ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान हुए विवाद के बाद दीपचंद्र ने भीमा को गालियां दीं, जो उसे बर्दाश्त न हुईं। भीमा और बालकिशन ने उसे वीरबल के बाग में पेड़ से बांध दिया। जमकर पिटाई करने के बाद अंगोछे से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद शव को पेड़ से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया।
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मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने बालकिशन के कपड़ों पर खून के धब्बे देखे तो उस पर शक गहरा गया। पुलिस ने पूछताछ की तो उसकी संलिप्तता की पुष्टि हो गई। बालकिशन मूल रूप से एटा जिले के जसरथपुर थाना क्षेत्र के गांव अहिरई का रहने वाला है और चिलसरी में अपने बहनोई गुरुदयाल शाक्य के यहां रह रहा था।

प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।


इनसेट

भीमा पर पहले से दर्ज हैं दो संगीन मुकदमे
दीपचंद्र हत्याकांड का मुख्य आरोपी रोहित उर्फ भीमा पहले से ही आपराधिक मामलों में नामजद है। उसके खिलाफ कोतवाली में हत्या और हत्या के प्रयास का एक-एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2020 में गांव चिलसरी निवासी झम्मन की मारपीट के बाद कुएं में फेंककर हत्या करने के मामले में भीमा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। उसी मुकदमे में दीपचंद्र उर्फ पंखिया मुख्य गवाह था। इसके अलावा 21 सितंबर 2022 को गांव ममापुर निवासी पंकज पर चाकू से हमला करने के मामले में घायल के भाई सुरजीत ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दोनों मामलों में भीमा जमानत पर बाहर था। पुलिस का कहना है कि पुराने हत्याकांड में गवाही की रंजिश ही दीपचंद्र की हत्या की वजह बनी।
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