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Farrukhabad News: जानलेवा हमले में युवक को उम्रकैद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:14 AM IST
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फर्रुखाबाद। जानलेवा हमले के 18 वर्ष पुराने मामले में अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक शैली रॉय ने शनिवार को दोषी करार दिए गए बंटू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया। इसी मामले में दो दिसंबर 2025 को दोषी के पिता और ताऊ को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है।
थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव बबुरारा निवासी प्रमोद कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि वह 28 अगस्त 2007 की शाम छह बजे खेत से घर जा रहे थे। इसी दौरान गांव के रामबहादुर, राजकुमार, राजकुमार का पुत्र बंटू और रामप्रकाश ने उसे रास्ते में रोका। वजह पूछने पर सभी ने टकोरा व लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया।
आरोप लगाया कि सभी आरोपी चाची रामबिटोली की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। उसका विरोध करने पर उस पर जानलेवा हमला किया। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत ने साक्ष्यों, चिकित्सीय रिपोर्ट व प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही के आधार पर सभी आरोपियों को 29 नवंबर को दोषी करार दिया था।
सुनवाई के दौरान आरोपी रामप्रकाश की मृत्यु हो गई थी। वहीं राजकुमार के पुत्र बंटू के अवयस्क होने की बात बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहकर प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर न्यायाधीश ने अभियुक्त को अवयस्क साबित करने के लिए प्राथमिक विद्यालय बबुरारा के प्रधानाध्यापक को नोटिस देकर 25 दिसंबर को एसआर रजिस्टर, प्रवेश फार्म और टीसी रजिस्टर लेकर कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश दिए थे। बंटू के किशोर होने की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने स्कूल के प्रपत्रों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर 29 जनवरी को बंटू को वयस्क ठहराया था।
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थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव बबुरारा निवासी प्रमोद कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि वह 28 अगस्त 2007 की शाम छह बजे खेत से घर जा रहे थे। इसी दौरान गांव के रामबहादुर, राजकुमार, राजकुमार का पुत्र बंटू और रामप्रकाश ने उसे रास्ते में रोका। वजह पूछने पर सभी ने टकोरा व लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया।
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आरोप लगाया कि सभी आरोपी चाची रामबिटोली की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। उसका विरोध करने पर उस पर जानलेवा हमला किया। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत ने साक्ष्यों, चिकित्सीय रिपोर्ट व प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही के आधार पर सभी आरोपियों को 29 नवंबर को दोषी करार दिया था।
सुनवाई के दौरान आरोपी रामप्रकाश की मृत्यु हो गई थी। वहीं राजकुमार के पुत्र बंटू के अवयस्क होने की बात बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहकर प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर न्यायाधीश ने अभियुक्त को अवयस्क साबित करने के लिए प्राथमिक विद्यालय बबुरारा के प्रधानाध्यापक को नोटिस देकर 25 दिसंबर को एसआर रजिस्टर, प्रवेश फार्म और टीसी रजिस्टर लेकर कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश दिए थे। बंटू के किशोर होने की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने स्कूल के प्रपत्रों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर 29 जनवरी को बंटू को वयस्क ठहराया था।
