{"_id":"6a2ef601eab55ef587011e24","slug":"monsoon-is-just-around-the-corner-roads-cut-off-by-floods-remain-in-a-dilapidated-state-farrukhabad-news-c-222-1-frk1004-143718-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: मानसून सिर पर... बाढ़ से कटी सड़कें अब भी बदहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: मानसून सिर पर... बाढ़ से कटी सड़कें अब भी बदहाल
विज्ञापन
फोटो-20 तीसराम की मड़ैया की कटी सड़क बनी तालाब। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फर्रुखाबाद/अमृतपुर। मानसून आने में मात्र कुछ दिन बचे हैं, लेकिन पिछले साल बाढ़ से कटी सड़कों की अब तक मरम्मत नहीं हो पाई है। बारिश होने व गंगा और रामगंगा में बाढ़ आने से ग्रामीणों को इस बार और परेशानी झेलनी पड़ेगी। तीसराम की मड़ैया को जाने वाली सड़क का निर्माण मार्च में स्वीकृत होने के बाद भी अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। माखन नगला की सड़क भी अधूरी पड़ी है।
तहसील क्षेत्र में पिछले साल गंगा व रामगंगा में आई बाढ़ से कई सड़कें कट गई थीं लेकिन अभी तक लोक निर्माण विभाग सड़कें नहीं बना पाया है। मानसून दस्तक देने को तैयार है, इसके बाद बारिश में सड़कों के निर्माण पर ब्रेक लग जाएगा। बारिश व बाढ़ आने पर गांवों से निकलकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने में भी दिक्कत होगी। शासन ने 18 मार्च को तीसराम की मड़ैया को जाने वाली कटी सड़क के निर्माण के लिए दो करोड़ 34 लाख 70 हजार रुपये स्वीकृत किए थे। इसके बावजूद विभाग अभी निर्माण तो दूर टेंडर प्रक्रिया भी पूरा नहीं कर सका है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही और मनमानी के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
मिट्टी पड़ने के बाद एक पुलिया का हो सका निर्माण
हमीरपुर परतापुर से माखन नगला को जाने वाली सड़क पर दो पुलिया का निर्माण करीब 80 लाख रुपये की लागत से होना है। लेकिन बाढ़ से कटी सड़क पर एक जगह पुलिया का निर्माण कराया गया है। एक जगह पुलिया नहीं बनाई गई है। कटी सड़क पर मिट्टी ही डाली गई है। बारिश होने पर मिट्टी कटने लगी और यदि बाढ़ आ गई तो मिट्टी बहने पर स्थिति और बिगड़ सकती है।
विज्ञापन
अब आई पुलिया निर्माण की याद
चाचूपुर-कड़हर मार्ग पर कटी सड़क पर नौ माह से पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया था। अब मानसून दस्तक देने वाला है तब ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने पुलिया का निर्माण शुरू कराया है। यदि पानी बरस गया तो काम प्रभवित होगा। अभी लोग आसपास के खेतों से निकल रहे हैं। पर बारिश में खेतों से भी निकलने का रास्ता नहीं रहेगा। इससे लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा।
-- -- -- -- --
तीसराम की मड़ैया की सड़क की प्रहरी साफ्टवेयर पर टेंडर प्रक्रिया नहीं हो पाई थी। एक-दो दिन में टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। बढ़ आने से पहले काम समाप्त कराने का प्रयास है। माखन नगला की सड़क निर्माण का कुछ किसान विरोध कर रहे हैं। इससे काम अधूरा पड़ा है।
वीरबहादुर, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग
तहसील क्षेत्र में पिछले साल गंगा व रामगंगा में आई बाढ़ से कई सड़कें कट गई थीं लेकिन अभी तक लोक निर्माण विभाग सड़कें नहीं बना पाया है। मानसून दस्तक देने को तैयार है, इसके बाद बारिश में सड़कों के निर्माण पर ब्रेक लग जाएगा। बारिश व बाढ़ आने पर गांवों से निकलकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने में भी दिक्कत होगी। शासन ने 18 मार्च को तीसराम की मड़ैया को जाने वाली कटी सड़क के निर्माण के लिए दो करोड़ 34 लाख 70 हजार रुपये स्वीकृत किए थे। इसके बावजूद विभाग अभी निर्माण तो दूर टेंडर प्रक्रिया भी पूरा नहीं कर सका है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही और मनमानी के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मिट्टी पड़ने के बाद एक पुलिया का हो सका निर्माण
हमीरपुर परतापुर से माखन नगला को जाने वाली सड़क पर दो पुलिया का निर्माण करीब 80 लाख रुपये की लागत से होना है। लेकिन बाढ़ से कटी सड़क पर एक जगह पुलिया का निर्माण कराया गया है। एक जगह पुलिया नहीं बनाई गई है। कटी सड़क पर मिट्टी ही डाली गई है। बारिश होने पर मिट्टी कटने लगी और यदि बाढ़ आ गई तो मिट्टी बहने पर स्थिति और बिगड़ सकती है।
अब आई पुलिया निर्माण की याद
चाचूपुर-कड़हर मार्ग पर कटी सड़क पर नौ माह से पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया था। अब मानसून दस्तक देने वाला है तब ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने पुलिया का निर्माण शुरू कराया है। यदि पानी बरस गया तो काम प्रभवित होगा। अभी लोग आसपास के खेतों से निकल रहे हैं। पर बारिश में खेतों से भी निकलने का रास्ता नहीं रहेगा। इससे लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा।
तीसराम की मड़ैया की सड़क की प्रहरी साफ्टवेयर पर टेंडर प्रक्रिया नहीं हो पाई थी। एक-दो दिन में टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। बढ़ आने से पहले काम समाप्त कराने का प्रयास है। माखन नगला की सड़क निर्माण का कुछ किसान विरोध कर रहे हैं। इससे काम अधूरा पड़ा है।
वीरबहादुर, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग

फोटो-20 तीसराम की मड़ैया की कटी सड़क बनी तालाब। संवाद

फोटो-20 तीसराम की मड़ैया की कटी सड़क बनी तालाब। संवाद