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Farrukhabad News: कटरी धर्मपुर वन क्षेत्र में वन विभाग की लापरवाही, शीशम के सैकड़ों पेड़ गायब
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फोटो-14 कंचनपुर मार्ग पर कटरी धर्मपुर वन क्षेत्र में लगा वन विभाग का बोर्ड। संवाद
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फर्रुखाबाद। पर्यावरण संरक्षण के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर वन क्षेत्र विकसित करने वाले वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कटरी धर्मपुर वन क्षेत्र में विभाग की ओर से लगाए गए सैकड़ों शीशम के पेड़ काट दिए गए हैं। इनके निशान अब भी बची जड़ों के रूप में मौजूद हैं। क्षेत्रीय कर्मचारियों की मिलीभगत और लापरवाही के कारण वन विभाग को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
शहर से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित कटरी धर्मपुर में वन विभाग का 1500 हेक्टेयर वन क्षेत्र फैला हुआ है। यहां बीते वर्षों से शीशम, फाइकस, बेजीना, कदम और नीम जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जा रहा है। वर्ष 2017 में ही इस वन क्षेत्र में 600 पौधे लगाए गए थे। यहां विशेष रूप से 25 से 30 फीट ऊंचे शीशम के पेड़ बहुतायत में थे। इन पेड़ों की सुरक्षा के लिए विभाग ने कर्मचारियों की तैनाती की थी। हालांकि इन्हीं कर्मचारियों की लापरवाही और मिलीभगत के चलते क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में पेड़ काट दिए गए। काटे गए पेड़ों की मोटाई एक से दो फीट तक बताई जा रही है। पेड़ काटने वालों ने जड़ों को छोड़ दिया है। एक से दो-दो फीट ऊंची जड़ें पेड़ों की कटान की गवाही दे रही हैं।
ग्रामीणों पर शक, अधिकारियों की अनदेखी
नीबलपुर से कंचनपुर सबलपुर की ओर जाने वाले मार्ग के उत्तर और दक्षिण में फैले इस बड़े वन क्षेत्र में आसपास के ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है। इसी कारण यह आशंका जताई जा रही है कि ग्रामीण अपनी जरूरत के हिसाब से शीशम के पेड़ों को काटकर लकड़ी का उपयोग कर रहे होंगे। चिंताजनक बात यह है कि विभागीय अधिकारियों ने इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देने की जहमत नहीं उठाई और न ही वन क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसी निष्क्रियता के कारण क्षेत्रीय कर्मचारी भी बेपरवाह बने हुए हैं और अवैध कटान को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
जुर्माना और लकड़ी बरामदगी का है नियम
वन विभाग के नियमानुसार यदि कोई सरकारी शीशम का पेड़ काटता है तो 30 सेंटीमीटर व्यास वाले प्रत्येक पेड़ के लिए दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त विभाग को काटी गई लकड़ी को बरामद भी करना होता है। इस मामले में एक से दो फीट व्यास के सैकड़ों पेड़ों के कटने से वन विभाग को न केवल आर्थिक रूप से नुकसान हुआ है बल्कि पर्यावरण को भी क्षति पहुंची है।
वन क्षेत्र में पेड़ कटने की हमें जानकारी नहीं है। यह गंभीर मामला है। कटरी धर्मपुर वन क्षेत्र की जांच होगी। कटे पेड़ों के मामले में जिम्मेदारों से जवाब-तलब किया जाएगा। -राजीव कुमार, डीएफओ, फर्रुखाबाद
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ग्रामीणों पर शक, अधिकारियों की अनदेखी
नीबलपुर से कंचनपुर सबलपुर की ओर जाने वाले मार्ग के उत्तर और दक्षिण में फैले इस बड़े वन क्षेत्र में आसपास के ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है। इसी कारण यह आशंका जताई जा रही है कि ग्रामीण अपनी जरूरत के हिसाब से शीशम के पेड़ों को काटकर लकड़ी का उपयोग कर रहे होंगे। चिंताजनक बात यह है कि विभागीय अधिकारियों ने इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देने की जहमत नहीं उठाई और न ही वन क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसी निष्क्रियता के कारण क्षेत्रीय कर्मचारी भी बेपरवाह बने हुए हैं और अवैध कटान को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
जुर्माना और लकड़ी बरामदगी का है नियम
वन विभाग के नियमानुसार यदि कोई सरकारी शीशम का पेड़ काटता है तो 30 सेंटीमीटर व्यास वाले प्रत्येक पेड़ के लिए दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त विभाग को काटी गई लकड़ी को बरामद भी करना होता है। इस मामले में एक से दो फीट व्यास के सैकड़ों पेड़ों के कटने से वन विभाग को न केवल आर्थिक रूप से नुकसान हुआ है बल्कि पर्यावरण को भी क्षति पहुंची है।
वन क्षेत्र में पेड़ कटने की हमें जानकारी नहीं है। यह गंभीर मामला है। कटरी धर्मपुर वन क्षेत्र की जांच होगी। कटे पेड़ों के मामले में जिम्मेदारों से जवाब-तलब किया जाएगा। -राजीव कुमार, डीएफओ, फर्रुखाबाद

फोटो-14 कंचनपुर मार्ग पर कटरी धर्मपुर वन क्षेत्र में लगा वन विभाग का बोर्ड। संवाद

फोटो-14 कंचनपुर मार्ग पर कटरी धर्मपुर वन क्षेत्र में लगा वन विभाग का बोर्ड। संवाद