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Farrukhabad News: दूसरे पंटून पुल की योजना अधर में, तीस पंटून अलीगढ़ भेजे गए
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 20 Apr 2026 01:09 AM IST
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फोटो-13 पांचाल घाट पर क्रेन से ट्रकों पर लोड किए जा रहे पंटून। संवाद
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फर्रुखाबाद। माघ मेला श्री रामनगरिया में श्रद्धालुओं के लिए प्रस्तावित दूसरे पंटून पुल की योजना फिलहाल अधर में लटक गई है। प्रयागराज से मंगवाए गए चालीस पंटून बिना उपयोग के ही अब अलीगढ़ जनपद भेज दिए गए हैं। इन पंटून को मंगवाने और भेजने में लाखों रुपये खर्च हुए लेकिन स्थानीय स्तर पर इनका कोई उपयोग नहीं हो पाया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर फरवरी माह में प्रयागराज से चालीस पंटून मंगवाए गए थे। इनका उद्देश्य वर्ष 2027 के मेले से पहले गंगा पर एक और अस्थायी पुल का निर्माण कराना और पुराने जर्जर पंटून को बदलना था। मेला समाप्त होने के दौरान आए इन पंटून को पांचाल घाट किनारे ही रख दिया गया था।
मेला श्री रामनगरिया के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण पक्के पुल पर अक्सर जाम लग जाता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए पुरानी घटिया पर हर वर्ष अस्थायी पंटून पुल बनाया जाता है। इस वर्ष भी पुल का निर्माण हुआ, लेकिन कुछ पंटून क्षतिग्रस्त होने के कारण इसे पूरी तरह तैयार नहीं किया जा सका। बाद में गंगा की धार कम होने पर इसे एप्रोच मार्ग से जोड़ा गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर पखवाड़े भर पहले इस अस्थायी पुल को बंद कर दिया गया, जिससे वैकल्पिक मार्ग भी समाप्त हो गया।
अब अलीगढ़ जनपद से मांग आने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर तीस पंटून वहां भेज दिए गए हैं। इन्हें दो माह में वापस करने की शर्त रखी गई है। इन पंटून के परिवहन में लाखों रुपये खर्च हुए हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर इनका कोई उपयोग नहीं हो सका।
वर्जन
जरूरत के चलते पंटून अलीगढ़ भेजे गए हैं। निर्धारित समय में उनकी वापसी सुनिश्चित की जाएगी। इन पंटून की वापसी के बाद ही फर्रुखाबाद में दूसरे पुल की योजना पर आगे काम हो पाएगा। -अशोक कुमार, अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी
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जिलाधिकारी के निर्देश पर फरवरी माह में प्रयागराज से चालीस पंटून मंगवाए गए थे। इनका उद्देश्य वर्ष 2027 के मेले से पहले गंगा पर एक और अस्थायी पुल का निर्माण कराना और पुराने जर्जर पंटून को बदलना था। मेला समाप्त होने के दौरान आए इन पंटून को पांचाल घाट किनारे ही रख दिया गया था।
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मेला श्री रामनगरिया के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण पक्के पुल पर अक्सर जाम लग जाता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए पुरानी घटिया पर हर वर्ष अस्थायी पंटून पुल बनाया जाता है। इस वर्ष भी पुल का निर्माण हुआ, लेकिन कुछ पंटून क्षतिग्रस्त होने के कारण इसे पूरी तरह तैयार नहीं किया जा सका। बाद में गंगा की धार कम होने पर इसे एप्रोच मार्ग से जोड़ा गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर पखवाड़े भर पहले इस अस्थायी पुल को बंद कर दिया गया, जिससे वैकल्पिक मार्ग भी समाप्त हो गया।
अब अलीगढ़ जनपद से मांग आने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर तीस पंटून वहां भेज दिए गए हैं। इन्हें दो माह में वापस करने की शर्त रखी गई है। इन पंटून के परिवहन में लाखों रुपये खर्च हुए हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर इनका कोई उपयोग नहीं हो सका।
वर्जन
जरूरत के चलते पंटून अलीगढ़ भेजे गए हैं। निर्धारित समय में उनकी वापसी सुनिश्चित की जाएगी। इन पंटून की वापसी के बाद ही फर्रुखाबाद में दूसरे पुल की योजना पर आगे काम हो पाएगा। -अशोक कुमार, अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी

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