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Farrukhabad News: अब नहीं लगेंगे स्मार्ट मीटर, मंडलीय कमेटी करेगी सत्यापन
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फर्रुखाबाद। प्रीपेड मीटर के विरोध के चलते अब बिजली विभाग से घरों में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई। चार सदस्यीय टीम से सत्यापन कराने के बाद उपभोक्ताओं से फीडबैक लिया जाएगा। इसके बाद शासन से आदेश होने के बाद स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया जाएगा।
जनपद में शहर व कस्बों में 76 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें 20 हजार से अधिक मीटर प्रीपेड कर दिए गए। एडवांस रिचार्ज न कराने और बैलेंस खत्म होते ही घर की बत्ती गुल रही है। कई बार तो एडवांस बिल जमा करने के घंटों बाद भी कनेक्शन न जुड़ने से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं के खपत से अधिक बैलेंस कट रहा है। इसके चलते गर्मी बढ़ने के साथ उपभोक्ताओं में रोष बढ़ने लगा। बेवजह कनेक्शन कटने से विरोध सड़कों तक आने लगा। भले ही स्मार्ट मीटर से बिजली आपूर्ति सीधे एमडी कार्यालय से बंद की जा रही है, लेकिन स्थानीय अधिकारी व कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। अधीक्षण अभियंता यादवेंद्र सिंह ने बताया कि अब अग्रिम आदेश तक स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई है। कानपुर मंडल स्तर पर गठित चार सदस्यीय कमेटी में एक स्थानीय अधिकारी को रखा गया है। यह कमेटी सत्यापन करेगी और उपभोक्ताओं का फीडबैक लेगी। स्मार्ट व प्रीपेड मीटर से आने वाली दिक्कतों और उसके निदान के संबंध में अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी। इसी के बाद शासन के निर्णय के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाने पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि प्रीपेड हो चुके मीटरों को पोस्टपेड में परिवर्तित करने के संबंध में अभी कोई आदेश नहीं आया है।
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जनपद में शहर व कस्बों में 76 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें 20 हजार से अधिक मीटर प्रीपेड कर दिए गए। एडवांस रिचार्ज न कराने और बैलेंस खत्म होते ही घर की बत्ती गुल रही है। कई बार तो एडवांस बिल जमा करने के घंटों बाद भी कनेक्शन न जुड़ने से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं के खपत से अधिक बैलेंस कट रहा है। इसके चलते गर्मी बढ़ने के साथ उपभोक्ताओं में रोष बढ़ने लगा। बेवजह कनेक्शन कटने से विरोध सड़कों तक आने लगा। भले ही स्मार्ट मीटर से बिजली आपूर्ति सीधे एमडी कार्यालय से बंद की जा रही है, लेकिन स्थानीय अधिकारी व कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। अधीक्षण अभियंता यादवेंद्र सिंह ने बताया कि अब अग्रिम आदेश तक स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई है। कानपुर मंडल स्तर पर गठित चार सदस्यीय कमेटी में एक स्थानीय अधिकारी को रखा गया है। यह कमेटी सत्यापन करेगी और उपभोक्ताओं का फीडबैक लेगी। स्मार्ट व प्रीपेड मीटर से आने वाली दिक्कतों और उसके निदान के संबंध में अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी। इसी के बाद शासन के निर्णय के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाने पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि प्रीपेड हो चुके मीटरों को पोस्टपेड में परिवर्तित करने के संबंध में अभी कोई आदेश नहीं आया है।
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